Agra University: हाल ही में उत्तर प्रदेश के आगरा से डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से एक चौंकाने वाली और परेशान करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ चार कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत विश्वविद्यालय की एक पूर्व कर्मचारी ने दर्ज करवाई है जहाँ उसे जान से जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी गयी हैं। तो चलिए आपको इस लेख में पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताते हैं।
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यूनिवर्सिटी के 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) वो राज्य जहाँ योगी बाबा का बुलडोज़र चलता है लेकिन जब बात दलितों की आती है तो ये सब शांत हो है तब किसी को नहीं दिखता है की दलितों के साथ अत्यचार की कदर बढ़ रहा है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) से सामने आया है, जहां डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (Dr. Bhimrao Ambedkar University) के पूर्व संविदा दलित कर्मचारी ने यूनिवर्सिटी के 4 लोगों के खिलाफ जातिसूचक गालियां देने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। ये घटना एक जुलाई 2024 की है जब थाना सिकंदरा क्षेत्र के राधिका विहार के रहने वाले डॉ. अनिल कुमार संविदा पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (Dr. Bhimrao Ambedkar University) के पर्यावरण अध्ययन विभाग में काम कर रहे थे।
विरोध करने पर हुई मारपीट
वो अपने काम की अवधि बढ़ाना चाहते थे जिसके लिए उन्होंने यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति को प्रार्थना पत्र भी दिया था, इस निस्तारण के खिलाफ जब डॉ. अनिल कुमार आवासीय इकाई के ऑफिस सुपरिटेंडेंट मधु सूदन कृष्ण से मिलने गए तो वो जातिसूचक गालियां देने लगे, पीड़ित अनिल कुमार ने जब इसका विरोध किया तो वहां मौजूद सौरभ दुबे और शिवम सिंह सहित कई और कर्मचारियों ने उन्हें पीटा।
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एससी/एसटी एक्ट तहत मामला दर्ज
जिसके बाद पुलिस थाने में भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई जिसके बाद डॉ. अनिल ने मुख्यमंत्री पोर्टल और पुलिस आयुक्त से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। साथ ही पीड़ित ने अदालत में प्रार्थना पत्र भी दिया था जिसके बाद विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) पुष्कर उपाध्याय ने तुरंत इस मामले को दर्ज करने के आदेश दिए है। फिलहाल 30 अक्टूबर को पीड़ित का बयान दर्ज किया जाएगा जिसके बाद मामले की आगे की जांच शुरू होगी।



