Chandauli: SDM मिश्रा के खिलाफ विरोध, सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी पुलिस से झड़प के बीच फूँका पुतला

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SDM Anupam Mishra: उत्तर प्रदेश (UP) के चंदौली (Chandauli) जिले से गंभीर मामला सामने आया हैं। जहाँ, उप-जिलाधिकारी (SDM) अनुपम मिश्रा के खिलाफ स्थानीय लोगों ने तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने SDM पर भेदभाव, मनमानी और अनुचित कार्यवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं लोगो ने भूख हड़ताल करके SDM अनुपम मिश्रा का पुतला भी फूंका।

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महिलाओं ने एसडीएम अनुपम मिश्रा का पुतला जलाया

दलितों के खिलाफ जातिगत भेदभाव की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। हाल ही में, चंदौली में भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) के तहत रेवसा गांव (Revasa village) से एक इसी तरह की घटना सामने आई है। यहां के ग्रामीण पिछले चार महीने से भूमि और मकान अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन (Protest) कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज़ों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस बलों के बीच तीखी झड़प

इसी कारण, बुधवार को महिलाओं ने एसडीएम अनुपम मिश्रा (SDM Anupam Mishra) का पुतला जलाया। यह प्रदर्शन प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ भूख हड़ताल के पांचवें दिन आयोजित किया गया था। इतना ही नहीं पुतला दहन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस बलों के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया।

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ग्रामीणों का आरोप नहीं मिला मुआवज

दरअसल भाकपा (माले) के नेतृत्व में ‘बस्ती बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले ग्रामीण उचित मुआवजे और जमीन व आवास देकर पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। लेकिन ग्रामीणों के साथ न्याय नहीं मिला बल्कि इसके विपरीत कार्यवाही की गयी। वही ग्रामीणों ने बताया कि बीते 30 october को तहसील प्रशासन पुलिस बल के साथ गांव पहुंचा और जेसीबी मशीन द्वारा घर को एकाएक गिराना शुरू कर दिया। वही protest कर रहे ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध किया, तो प्रशासन ने उन पर मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों को जेल भेज दिया।

महिलाओं ने की भूख हड़ताल

वही इस कार्रवाई से नाराज़ महिलाओं ने आंदोलन शुरू किया और लगातार भूखे रह कर भूख  हड़ताल शुरू कर दी। इस भूख हड़ताल को पांच दिन बीत चुके हैं। लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांगे पूरी नहीं की गयी हैं। बता दें, मुख्य माँगों में विस्थापन से पहले पुनर्वास, सरकारी ज़मीन का पट्टा, साथी नेता संजय यादव की रिहाई और उन पर दर्ज झूठे मुक़दमे वापस लेना शामिल है। इतना ही नहीं उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ये माँगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज़ होगा।

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