Telangana news: हाल ही में तेलंगाना में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस पर मामले की जांच में लापरवाही का आरोप लगा। तो तेलंगाना मानवाधिकार आयोग (Telangana Human Rights Commission) ने कड़ा रुख अपनाया और मामले की डिटेल रिपोर्ट मांग की हैं।
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कस्टडी में दलित युवक की मौत
अक्सर, पुलिस हिरासत में किसी की मौत की खबरें सामने आती हैं, और पुलिस खुद ही इस घटना को छिपाने की कोशिश करती है। ऐसी ही एक खबर सामने तेलंगाना (Telangana) के हैदराबाद (Hyderabad) से है, जहां बीते महीने कस्टडी में एक दलित युवक कार्ला राजेश की मौत के मामले में पुलिस जांच में हुई देरी को लेकर तेलंगाना मानवाधिकार आयोग (TGHRC) ने अब अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एक डिटेल रिपोर्ट की मांग की है।
दरअसल मृतक की मां कार्ला ललिता ने बेटे की मौत को लेकर पुलिस के रवैये को लेकर मडिगा आरक्षण पोराटा (Madiga reservation porata) समिति के अध्यक्ष मंडा कृष्णा मडिगा के साथ TGHRC में शिकायत दर्ज कराई है, अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि चिलकुर पुलिस (Chilkur Police) ने उनके बेचे राजेश को झूठे आरोपो में 4 से 9 नवंबर तक गिरफ्तार करके अपनी हिरासत में रखा था, और उसे थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया, पीड़ित मां ने कई बार बेटे से मिलने की कोशिश भी की लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
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मानवाधिकार आयोग का नोटिस
जिसके बाद 10 नवंबर को हुजूरनगर (Huzurnagar) सब-जेल से उन्हें कॉल करके बताया गया कि उनके बेटे की हालात गंभीर है, पहले उसे जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर सिकंदराबाद (Secunderabad) के गांधी अस्पताल में शिफ्ट किया गया, लेकिन 16 नवंबर को उसने दम तोड़ दिया।
पीड़िता के आग्रह पर TGHRC ने 27 नवंबर को जांच शुरू की और 19 दिसंबर को कोडाद ग्रामीण सर्कल इंस्पेक्टर (Kodad Rural Circle Inspector) प्रताप लिंगम सस्पेंड कर दिया गया, सब-इंस्पेक्टर सुरेश रेड्डी को SP ऑफिस से अटैच कर दिया गया। वहीं तेलंगाना मानवाधिकार आयोग के साथ साथ अब तेलंगाना सरकार ने भी 12 जनवरी तक सूर्यापेट SP से रिपोर्ट मांगी है।



