Top 5 Dalit news: समय के साथ केवल लोग बदलते है, लोगों की सोच पर आज भी मनुवादी मानसिकता का पर्दा पड़ा हुआ है, लेकिन हैरानी की बात है कि इन हालातों में दलितों के साथ खड़े होने के बजाय कानून और न्याय दोनों ही उन लोगों का साथ देते नजर आते है, जो सत्ता और ताकत के मद में चूर है।
लखनऊ में कुर्सी पर बैठने पर दलितों की पिटाई
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से है जहां दलित युवकों के कुर्सी पर बैठने से जातिवादी आतंकियों को इतनी तकलीफ हुई कि उन लोगों दलित युवकों को न केवल जातिसूचक गालियां दी बल्कि बुरी तरह से मारपीट भी को। ये घटना सैरपुर थाना क्षेत्र के बढ़ौली छठामील को है। पीड़ित बबलू कुमार गौतम ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि वो और उसका एक साथ उमेश कुमार गौतम गांव के ही मोनू है कि दुकान पर काम करते है, देर शाम काम खत्म करके दोनों पास लगी कुर्सी पर बैठ गए थे।
लेकिन तभी तहरिया गांव का रहने वाला अमर सिंह यादव वहां आ गया और उसने कुर्सी छीनने की कोशिश की लेकिन जब पीड़ितों ने मना किया तो आरोपी ने जातिसूचक गालियां देनी शुरू कर दी, लेकिन जब दोनों ने इसका विरोध किया तो उसने और उसके साथियों ने दोनों को बुरी तरह से पीटा। वो तब तक मारता रहा जब तक दुकान का मालिक बीच बचाव करने नहीं आया। पुलिस ने तुरंत इस मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है वहीं पीड़ितों को मेडिकल के लिए भेज दिया है। साथ ही पुलिस जातिसूचक अपमान को लेकर जांच कर रही है। मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
हिसार में गर्ल्स कॉलेज में हंगामा
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला हरियाणा के हिसार से है, जहां गर्ल्स नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के साथ होने वाले जातिगत भेदभाव के कारण छात्राओं को न्याय के लिए आखिर धरने पर बैठने पड़ा। ये घटना हांसी जिले के नारनौंद स्थित कागसर के खुशी नर्सिंग कॉलेज की है। जहां की छात्राएं पिछले 5 दिनों से धरने पर बैठी थी, छात्राओं ने कॉलेज के संचालक, जगदीश गोस्वामी, उसके बेटे और उसकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि संचालक ने छात्राओं को न केवल जातिसूचक बातें कही, बल्कि वो जबरन उनके कमरों में घुस जाया करता था और उन्हें सेक्सुअली हैरास करने की कोशिश करता।
इस मामले में छात्रों की मांगो को लेकर पुलिस प्रशासन के सख्त कदम उठाया और संचालक को 31 दिसंबर को गिरफ्तार करके हांसी कोर्ट में पेश किया जहां उसे 14 दिनों की रिमांड पर भेज दिया है, वहीं संचालक का बेटा और पत्नी अभी फरार है। इस मुद्दे में छात्राओं का धरना खत्म कराने के लिए हांसी के बीजेपी विधायक विनोद भयाना खुद धरनास्थल पर पहुंचे और छात्रों को माइग्रेशन देने के साथ साथ न्याय होने का आश्वासन दिया है। फिलहाल पुलिस संचालक से पूछताछ कर रही है। साथ ही उसके बेटे और पत्नी की भी तलाश कर रही है।
ग्वालियर में बाबा साहब अंबेडकर का अपमान
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से है, जहां बाबा साहब आंबेडकर का बार हर अपमान करने का मामला सामने आ रहा है। एक तरफ एक वीडियो काफी वायरल हो रही है जिसमें कुछ मनुवादी बाबा साहब की तस्वीर जलाते हुए सकपाल मुर्दाबाद के नारे लगा रहे है तो वहीं दूसरी तरफ बाबा साहब का अपमान करने वाले के खिलाफ पुलिस की धीमी कार्यवाही के खिलाफ एक भीम आर्मी कार्यकर्ता अपने परिवार समेत पुलिस स्टेशन के बाहर जाकर आत्महत्या करने की धमकी दे रहा है।
कार्यकर्ता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि बाबा साहब के खिलाफ इतनी ज्यादा अपमानजनक हरकतें की जा रही है लेकिन जब उनके सम्मान की रक्षा नहीं कर पा रहे है तो भला वो बहुजनों और पिछड़ों की दशा पर क्या ही कार्यवाही करेंगे। हैरानी की बात है कि जिस राज्य से बाबा साहब का इतना गहरा नाता है वहीं उनका सबसे ज्यादा अपमान किया जा रहा है। लेकिन सरकार और प्रशासन दोनों ही केवल मूक दर्शक बनी हुई है।
अलीगढ़ में दलित नेता का अपमान
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से है। जहां एक दलित नेता का अपमान का मामला सामने आया है, जिससे वहां का माहौल काफी बिगड़ गया है। दरअसल अलीगढ़ में अटल स्मृति सम्मेलन आयोजित किया गया था इस मौके पर BJP महानगर अध्यक्ष राजीव शर्मा और दलित नेता राकेश सहाय भी शामिल हुए थे, लेकिन जब बीजेपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य वहां पहुंचे तो काफी धक्का मुक्की होने लगी थी, भीड़ में दलित नेता भी थे, वो केवल दुर्विजय सिंह से मिलना चाहते थे लेकिन तभी वहां गनर पहुंचा और भीड़ को हटाने के लिए उसके सीधा राकेश सहाय पर ही बंदूक तान दी। इस हरकत से वहां मौजूद सहाय के समर्थकों का गुस्सा भड़क गया।
उन्होंने तुरंत गनर के खिलाफ कार्यवाही की मांग की, वहीं राजीव शर्मा ने मामले को शांत कराने के लिए बीच बचाव करने की कोशिश की। राकेश शर्मा ने दलित नेता पर ही आरोप लगा दिया कि उन्होंने गनर के साथ हाथापाई की है, साथ ही गनर ने भी दलित नेता के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने फिलहाल किसी के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय मामले की जांच शुरू कर दी है। वो सीसीटीवी खंगाला रही है, ताकि कौन सच बोल रहा है कौन झूठ, दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
कन्नौज में दलित महिला के साथ अन्नाय
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कन्नौज से है, जहां एक दलित को फिर से केवल सबूतों के अभाव में अन्याय सहना पड़ा।ये घटना फर्रुखाबाद की है, जहां पीड़िता राजेश्वरी देवी के साथ उनके ही घर में घुस पर मारपीट की गई थी और उन्हें जातिसूचक गालियां भी दी गई थी। इस मामले में 6 आरोपी थे लेकिन एक की मौत हो गई है वहीं 5 आरोपियों को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
उल्टा पीड़िता को ही इस मामले में आरोपी बनाते हुए आदेश दिया कि उसके खिलाफ ही मामला दर्ज किया जाए और उसे सरकार की तरफ से दी गई आर्थिक मदद को भी 6 प्रतिशत ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है। हैरानी की बात है। कि एक तरफ कोर्ट बंद कमरों में जातिसूचक अपमान को अपमान नहीं मानती वहीं किसी का उत्पीड़न करने के मामले में अगर सबूत पर्याप्त नहीं है तो उल्टा उन पर ही केस दर्ज कर दिया जाता है। ऐसा लगता है कि जैसे कानून ही नहीं कोर्ट भी दलित के खिलाफ काम करने लगी है।



