Top 5 Dalit news: ऐसा लगता है कि दलितो को अपनी पैरो की जूती के नीचे रखने के लिए चोरी छिपे धीरे धीरे मनुस्मृति को फिर से लागू करने की पूरी कोशिश की जा रही है.. संविधान के नियमों को ताक पर रख मनुस्मृति के अनुसार नियम बनाने और उसे जबरन लागू करने की कोशिश की भी की जा रही है। फिर कहां है संविधान और किस काम की है कानून व्यवस्था। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे , जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
जूनागढ़ में जातिगत भेदभाव
1, दलितो से जुड़ा पहला मामला गुजरात के जूनागढ़ से है। जहां राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही दलितो के लिए तुगलकी फरमान जारी कर दिया गया है। जहां पूरे भारत में दलित बराबरी के लिए लड़ रहे है वहीं गुजरात के पंडितो ने दलितों के लिए नए मनुस्मृति वाले नियम लागू कर के बता दिया है कि उनकी नजरो में न तो संविधान की कोई वैल्यू है और न ही कानून का कोई डर… जी हां, ये तुगलकी फरमान सुनाया गया है जूनागढ़ के भुतड़ी गांव में .. गांव के दलितो ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि गांव में मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में उन्हें आमंत्रित तो किया गया लेकिन दलितो के लिए आयोजन समिति के सदस्यों ने कुछ नियम भी लागू कर दिये।
समिति ने शर्त रखी कि दलित समुदाय अपनी प्लेट और ग्लास घर से लायेंगे… और अलग से तैयार किया गया खाना खायेंगे और मंदिर में भी कोई प्रवेश नहीं करेगा…बाहर से ही दर्शन करेंगे। जिससे दलित समुदाय को काफी आघात पहुंचा.. औऱ उन लोगो ने 27 अप्रैल को विसावदार पुलिस स्टेशन में आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज कराया.. जिसमें 5 लोग शामिल है। दलितो ने कहा कि ये हरकतें बताती है कि अब भी उनके साथ छुआछूत किया जा रहा है जो एससी एसटी एक्ट के तहत कानूनन अपराध है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरु कर दी है.. वहीं फरमान सुनाने वाले आरोपियो ने आरोप मानने से इंकार कर दिया है..हालांकि 29 अप्रैल को प्राण प्रतिष्ठा तो हो गई..लेकिन अब देखना ये होगा कि मंदिर में दलितो को एंट्री मिलती है या नहीं।
सिहोर में जातिवादियों पर गरजे दामोदर यादव
2, दलितो से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के सिहोर से है, जहां दलितों के साथ होने वाले भेदभाव और उनके उत्पीड़न को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव ने बेहद सनसनीखेज बयान दिया है… उन्होंने सीधे तौर पर उन लोगो को चुनौती दी जो दलितों को घोड़े पर बैठते हुए नहीं देखना चाहते । उन्होंने कहा कि 2028 में मध्य प्रदेश में आसपा ही आयेगी.. और तब जिन लोगो को दलितों के घोड़े पर बैठने से परेशानी है उन्हें खुद दलित समाज गधे पर बिठायेगा। उन्होंने कुछ हिंदूवादी संतो पर भी तंज कसते हुए कहा कि वो दलितो की बढ़ती लोकप्रियता से इतने डर गए गये है कि राष्ट्रपति को चिटठी लिख दलितो को रोकने के लिए कह रहे है लेकिन सच तो ये है कि जिन दलितों को सदियो तक गुलाम बनाया गया है।
अब वहीं इस देश के मालिक बनेंगे और शासन भी करेंगे। बता दें कि सिहोर के बरखेड़ा कुर्मी गांव में बाबा साहेब के सम्मान में सम्मेलन किया गया था जहां दामोदर यादव ने अपने कड़े अंदाज में बता दिया कि अब दलित कमजोर नहीं बल्कि एक मजबूत ताकत है। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में 50% ओबीसी आबादी है व 35% से अधिक एससी-एसटी है… इसलिए इस बार केवल आसपा का ही बोलबाला होगा.. बीजेपी और कांग्रेस को वो करारा जवाब देने के लिए तैयार है। हालांकि आसपा की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर आपको क्या लगता है क्या दामोदर यादव के दावों से कोई बड़ा बदलाव आ सकता है।
आगरा में दलित युवती का अरहरण
3, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के आगरा से है, यूपी में ऐसा लगता है कि जातिवादी आतंकी दलित महिलाओ को अपनी जागिर समझते है..दलितो के साथ बढ़ती उत्पीड़न के बीच फिर से एक हिला देने वाली खबर आगरा के गौतम नगर के एत्मादुद्दोला से सामने आई है, जहां दलित युवती ने एक युवक से शादी से क्या इंकार कर दिया.. दबंग उसे उसके घर से घसीटते हुए ले गया। इस पूरी घटना का एख वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें आरोपी परवेज जबरन युवती को करीब रात के 8 बजे घर से उठा ले जा रहा है.. जिसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई।
परिवार वालो ने बताया कि परवेज पिछले एक साल से युवती पर शादी का दवाब बना रहा था, और बुधवार की दोपहर को वो अपने परिवार के साथ युवती के घर रिश्ते की बात करने भी आया था, लेकिन पीड़ित परिवार ने साफ इंकार कर दिया.. जिससे नाराज होकर आरोप रात के करीब 8 बजे युवती को घर से उठा ले गया.. घर वाले बुरी तरह से घबरा गए थे, लेकिन करीब 3 घंटे बाद आरोपी युवती को कुबेरपुर के पास छोड़ कर फरार हो गया। युवती ने बताया कि आरोपी ने उसे अगवा किया, उसके साथ अश्लील हरकतें भी की.. और धमकी दे कर उसे कुबेरपुर में छोड़ कर भाग गया। पुलिस ने तुरंत मामले की जांच करते हुए आरोपी की मां और आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल दोनो को जेल भेज दिया गया है और आगो की कार्यवाई जारी है।
बिहार के दलित छात्रों को बड़ी सौगात
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला बिहार से है, जहां नवनिर्वाचित सीएम सम्राट चौधरी ने राज्य के दलित छात्रो के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। पिछले 15 दिनो में दो कैबिनेट मीटिंग में 64 प्रस्तावो को मंजूरी देते हुए सीएम ने अनूसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के लिए हॉस्टल ग्रांड को दोगुना करने का फैसला किया है.. अब से दलित छात्रों के हॉस्टल में रहने पर अनुदान 1000 रूपय के बजाय 2000 रूपय दिया जायेगा।
राज्य में दलित बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाये गये सरकार के इस कदम की काफी सराहना की जा रही है.. साथ ही सरकार के इस फैसले से दलित और पिछड़ी जाति के छात्र भी उच्च शिक्षा अच्छे से हासिल कर सकेंगे। जहां पूरे भारत में दलित छात्रों को उच्च शिक्षा लेने पर प्रताड़ित करने की खबरे आती रहती है, उनके साथ कॉलेज में जातिगत भेदभाव किया जाता है वहीं दूसरी तरफ दलित छात्रो के लिए ये सौगात वाकई में बिहार में एक बड़े बदलाव की पहली सीढ़ी है.. आपकी क्या राय है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।
बुलंदशहर में दलितो की जमीने छीनी
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के बुलंदशहर से है, जहां दलितों के साथ केवल शारीरिक औऱ मानसिक उत्पीड़न ही नहीं किया जा रहा है बल्कि उन्हें मिलने वाले अधिकारो से भी वंचित कर उन्हं मनुवादियों के टुकड़ो पर पलने पर मजबूर किया जा रहा है। ताजा मामला बुलंदशहर के सिकंदराबाद का है, जहां भू माफियाओं ने दलितो को जमीनों को धोखाधड़ी से उंची जाति वालो को औने पौने दामो में बेच दी है.. जिससे दलित भूमिहीन हो गए है। इस मामले में भू माफियाओ के साथ उप निबंधक कार्यालय सिकंदराबाद की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए है।
दलित परिवारो ने जिला प्रशासन के सामने अर्जी दी थी.. जिसे लेकर अपर जिलाधिकारी राजस्व अभिषेक कुमार सिंह के तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम सिकंदराबाद दीपक पाल जांच कर के एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है। बता दें कि दलितों ने आरोप लगाया है कि दलितों को आवंटित पट्टे की जमीनो के साथ साथ कई और पत्रक जमीनों का बैनामा सामान्य वर्ग के लोगों के नाम पर कर दिया गया है.. जिसमें दलितो का नाम तक छिपाया जा रहा है। अब देखना ये होगा कि जांच के बाद क्या सच सामने आता है।



