Top 5 books of buddha: जब भारत रत्न बाबा साहब अंबेडकर ने भारत के सभी धर्मों को छोड़ कर बौद्ध धर्म अपनाया था, तब पहली बार बहुत अधिक संख्या में दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाया था उसके बाद से ही बौद्ध धर्म को लेकर हिंदुओ और खासकर दलितों और पिछड़ो में बौद्ध धर्म को जानने की इच्छा काफी प्रबल हुई। ये सवाल अक्सर पूछा जाता है कि अगर बौद्ध धर्म को जानना हो, अगर गौतम बुद्ध को जानना हो तो क्या पढ़े, किससे बात करें, या कहां जायें…
जिससे लोगो को सही मार्ग मिले। भगवान बुद्ध से जुड़े कई धर्म ग्रंथो का जिक्र आपने पहले भी सुना होगा, जिसमें उनकी बताई गई उपदेश और ज्ञान है।उनके जीवन में जो भी उतार चढ़ाव हुए उसके बारे में बताया गया है, लेकिन अगर बुद्द को जानना हो तो क्या करना चाहिए.. अपने इस लेख में हम गौतम बुद्ध की जीवन से जुड़े पहलुओ को ध्यान मं रख कर लिखे गए 5 ऐसी किताबों के बारे में बताने जा रहे है,
जिससे पढ़ कर आपको अंदाजा होगा आखिर क्यों महान सम्राट अशोक ने भी बुद्द के रास्ते पर चलने का फैसला किया, आखिर क्यों बाबा साहब अंबेडकर ने सभी धर्मों को छोड़ कर बौद्ध धर्म ही अपनाया। जानेंगे 5 ऐसी ही किताबों के बारे में।
1. OLD PATH WHITE CLOUDS
ये किताब असल में गौतम बुद्द की बायोग्राफी है, जो कि 24 पाली, संस्कृत और चीनी स्रोतों से ली गई है, इसे थिच न्हाट हान्ह द्वारा लिखी गई है। इस किताब में आपको एक नन्हें राजकुमार सिद्दार्थ के जन्म से लेकर उनके गौतम बुद्ध बनने और उनके जीवन में 80 सालो तक आये उतार चढ़ाव को बेहद खूबसूरती से बताया गया है। इस किताब में दो लोगो का पॉइंट ऑफ व्यू बताया गया है जिसमें एक खुद बुद्द है और दूसरे एक भैंस चराने वाले लड़के स्वस्ति की नजरों से ।
इस किताब में बुद्ध को किसी भगवान की तरह नही बल्कि एक आम इंसान की तरह बताने की कोशिश की गई है , साथ ही एक आम जन होने के कारण उन्हें व्यक्तिगत तौर पर जो कठिनाइयो का सामना करना पड़ा उसके बारे में भी बताया गया है। जिससे कारण ये किताब काफी साहित्यिक लगती है। बुद्द को करीब से जानने की इच्छा रखने वालों के लिए ये किताब बेहद मददगार हो सकती है।
2. WHAT THE BUDDHA TAUGHT
इस किताब में बुद्द के उन 4 आर्य सत्यों के बारे में विस्तार से और प्रमाणिक रूप से विस्तारपूर्वक बताया गया है, जिसे अक्सर लोगो के लिए समझना मुश्किल होता है। इस किताब को वालपोला राहुला ने लिखा है। जो कि खुद एक थेरवाद बौद्ध अनुयायी रहे है।इस किताब में चार आर्य सत्यों के अलावा, बौद्ध मन, आर्य अष्टांगिक मार्ग, ध्यान और मानसिक विकास, और आज की दुनिया में बौद्ध धर्म को कैसे देखा जाता है ये शामिल हैं। इसमें वालपोला राहुला ने अपने व्यक्तिगत विचार रखे है। जो कि 1959 में प्रकाशित हुई थी। ये किताब 8 अध्यायों में बंटी हुई है, जिसमें 10 चुने हुए सुत्त और 4 खंड को शामिल किया गया है।
3. Siddharth
अब बात करते है किताब Siddartha की- हर्मन हेस द्वारा लिखी किताब सिद्धार्थ असल में एक उपन्यास है, जो कि सिद्धार्थ नाम के एक आदमी की आत्म-खोज की आध्यात्मिक यात्रा के बारे में है। ये किताब साल 1992 में प्रकाशित हुई थी। जिसमें बुद्ध को गौतम कहा गया है, और सिद्धार्थ एक दूसरा लड़का है जो अपने एक दोस्त गोबिंद के साथ मिलकर आध्यत्म की खोज में बुद्ध से मिलता है, एक तरफ गोबिंद बुद्ध के संघ में शामिल हो जाता है तो वहीं सिद्धार्थ ऐसा नहीं करता है, वो इस दौरान कमला नाम की औरत से मिलता जो उसे एक व्यापारी से मिलवाती है, और वो पैसे कमाने लगता है।
जिससे वो अमीर बन कर भोग विलास में डूब जाता है, लेकिन अधेड़ उम्र में उसे अहसास होता है कि अध्यात्म की खोज में निकला था लेकिन उसी से दूर हो गया, जिससे दुखी होकर वो आत्महत्या करने का फैसला करता है, लेकीन वहां उसे अपने दोस्त से मिलने का मौका मिलता है और वो कई सालो तक नदी किनारे जीवन गुजरते है। ये उपन्यास असल में सिद्धार्थ और बुद्द को दो अलग अलग बताते है साथ ही दोनो की अध्यात्म जर्नी भी अलग है।
4. IN THE BUDDHA’S WORDS
पाली कैनन के दिये गए प्रमुख प्रवचनों, जिन्हें सूत्र भी कहा जाता है, उसे संग्रहित करते इस किताब IN THE BUDDHA’S WORDS में लिखा है एक बौद्ध अनुयायी भिक्खु बोधि ने। इस किताब में बुद्ध की शिक्षाओं को बेहद बारिकियों और गहराई से समझाया गया है। इस किताब के माध्यम से पाली कैनन के कुछ मुख्य सूत्र जैसे कि पाठक अनित्यता, अनात्मन और ज्ञानोदय के मार्ग के बारे में विस्तार से बताया गया है।
इस किताब में बताया गया है कि व्यक्ति का दुख कहां से शुरु होता है और कैसे वो खत्म होता है। जिन्हें शुरुआती बौद्ध धर्म का स्पष्ट और परिवर्तनकारी अवलोकन चाहिए उनके लिए ये किताब बिल्कुल सही है. ये किताब 2005 में पब्लिश हुई थी।
5- MIRACLE OF MINDFULNESS
ये किताब भी थिच न्हाट हान्ह ने ही लिखी है, जो कि किताब के माध्यम से बताया गया कि कैसे व्यक्ति ध्यान के अभ्यास कर सकता है। इस किताब को पहली बार 1976 में पब्लिश किया गया था। ये किताब बताती है कि कैसे अपने वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करके मनुष्य खुद के अंदर जागरूकता और शांति पैदा कर सकता है। इस किताब में बताया गया कि कैसे छोटे छोटे घरेलू कामों को करते हुए अपने आज पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
बीते हुए समय के बारे में सोचना और आने वाले भविष्य की चिंता आपके आज को ध्यान और आध्यत्म से दूर कर देती है। आपको बता दें, ये 5 किताबें बौदेध धर्म और बुद्ध को काफी करीब से जानने का मौका देती है। इस किताबों को पढ़ कर आप बुद्ध को सही मायने में जान पायेंगे।



