Top 5 Dalit news: दलित चाहे कितनी भी तरक्की कर लें, वो चांद तक पहुंच जाएं, दलितों के साथ प्यार और रिश्ते बनाने की बातें तो बहुत करते है लेकिन वहीं जब दलितों के साथ शादी की बात होती है तो उनकी जाति बीच में आ जाती है, फिर न तो उनकी काबिलियत देखी जाती है और न ही उनका ओहदा।।
अनिरुद्धाचार्य ने दिया दलितों को लेकर बयान
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला मशहूर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य को लेकर है, अक्सर अपने बातों से विवादों में रहने वाले कथावाचक ने दलितों और मुसलमानों को लेकर विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने मुसलमानों पर दलितों को बहकाने और उनका गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। दरअसल अनिरुद्धाचार्य ने पाकिस्तान के राष्ट्रपिता मोहम्मद अली जिन्ना को भी नहीं छोड़ा और उन्हें घसीटते हुए कहा कि मुसलमानों ने दलितों को बहकाया की वो उनके हितैषी है, और उन्हें पाकिस्तान ले गए, एक दलित तो पहले कानून मंत्री भी थे लेकिन उन्हीं मसलमानो ने दलित नेता को वहां से भगा दिया।
सच तो ये है कि मुसलमानों के लिए दलित उनकी जाति से नही बल्कि हिन्दू होने से परेशानी है, बांग्लादेश में दलित युवक के साथ जो हुआ वो इस बात का सीधा उदाहरण है। उन्होंने ये भी पूछा कि क्या भारत में मुसलमानों की इसी स्थिति है जो हिंदुओं की स्थिति पाकिस्तान और बांग्लादेश में है। अगर मुसलमान भाईचारा चाहते तो दलितों को इतना बहकाने का काम नहीं करते। अनिरुद्धाचार्य के इस बयान में कितनी सच्चाई है, हमें कमेंट करके जरूर बताएं और साथ ही अब कौन सा नया विवाद खड़ा होने वाला है, ये देखने वाली बात होगी।
देवरिया में नशे में धुत्त होकर दलित बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया से है, जहां एक युवक ने नशे में धुत्त होकर एक दलित महिला के घर में घुसकर उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया, उसके कपड़े फाड़े, और जब युवती की मां ने पीड़िता को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसके मां के सिर पर ईंट मारकर घायल कर दिया। ये घटना देवरिया के गौरीबाजार की है। पीड़िता की मां ने पुलिस को तहरीर दी कि गांव के ही रहने वाला देवानंद यादव नशे में धुत्त होकर उसके घर में जबरन घुस गया और उसकी बेटी के साथ छेड़खानी करने लगा।
उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की, लेकिन जब पीड़िता ने शोर मचाना शुरू किया तो उसकी मां गोशाला से भागकर आ गई, लेकिन आरोपी ने उसपर पर ही ईंट से वार करते हुए जातिसूचक गालियां दी और फरार हो गया। आरोपी ने होश में आने के बाद पीड़िता के घर में घुस कर फिर से धमकी दी कि अगर इस बारे में शिकायत की तो उसे जान से मार देगा। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी फरार है।
तेलंगाना में दलित छात्रा ने की आत्महत्या
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला तेलंगाना के हैदराबाद से है, जहां प्यार का झांसा देकर एक दलित डॉक्टर का शोषण किया गया और जब उसने शादी की बात की तो उसकी दलित होने का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया, जिससे आहत होकर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। ये घटना सिद्धिपेट की है, 23 साल की दलित हाउस सर्जन का अफेयर सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर से चल रहा था, जो पीड़िता का लगातार शोषण कर रहा था लेकिन जब उसने डॉक्टर से शादी की बात की तो सीनियर डॉक्टर ने दलित युवती से शादी से इनकार कर दिया,
जिसे वो काफी आहत हुई और 3 जनवरी को उसने अपने हॉस्टल के कमरे में खुद को एक हर्बीसाइड का इंजेक्शन लगा लिया, आनन फानन में उसे अस्पताल भर्ती कराया गया जहां 4 जनवरी को उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतका की बहन ने डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद पुलिस ने तुरंत डॉक्टर को गिरफ्तार करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान में अपनी जमीन पर दीवार बनवाना पड़ा भारी
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजस्थान के किशनगढ़ से है, जहां एक दलित परिवार को अपने ही हक की जमीन पर काम करना बहुत भारी पड़ा, दबंगों ने न केवल उनके जमीन पर अपना मालिकाना हक जताया बल्कि दलित परिवार पर कुल्हाड़ी से हमला भी कर दिया। ये घटना किशनगढ़ के रूपनगढ़ थाना क्षेत्र की है। चौगानिया बालाजी मंदिर के पास रहने वाली दलित महिला घीसी देवी ने पुलिस को तहरीर दी कि उनकी मकान की दीवार जर्जर हो गई थी तो वो उसका पुनर्निर्माण करवा रही थी लेकिन तभी पड़ोस के कुछ दबंगों ने आकर दीवार निर्माण को रोक दिया, जिससे विवाद बढ़ने लगा।
जब पीड़िता ने कहा कि वो अपने हक की जमीन पर काम कर रहे हैं तो दबंगों ने पीड़िता के साथ मारपीट शुरू कर दी, शोर सुन कर उनके पति मूलचंद मेघवाल और पुत्र मामराज वहां पहुंचे तो आरोपियों ने पति और बच्चों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। फिलहाल मूलचंद की हालत गंभीर बनी हुई हैं, वहीं पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
मारपीट मामले में 16 साल बाद मिला दलित को न्याय
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से है, जहां एक दलित मां बेटे को अपने साथ हुए अन्याय के लिए 16 सालों तक इंतजार करना पड़ा। ये घटना बिवांर थाना के ऊपरी गांव की है, जहां अपनी तिल को फसल की रखवाली करने वाले मां बेटे के साथ दबंगों ने जातिसूचक गालियां दी और उनके साथ मारपीट की, जिनका कसूर केवल इतना था कि दबंगों ने उनके खेतों में भैंसों को छोड़ दिया था। जिसका विरोध दोनों मां बेटे ने किया था।
पीड़िता के पति ने 11 सितंबर 2009 को पुलिस में तहरीर दी थी कि 2 सितंबर को दबंगों ने इसकी पत्नी गुड्डी और 14 साल के बेटे संतोष के साथ मारपीट की, जातिसूचक गालियां दी, जिसे लेकर पहले पीड़ित परिवार ने पंचायत के न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन वहां से न्याय न मिलने पर उन लोगों को पुलिस के पास जाना पड़ा था। पुलिस ने कार्यवाही शुरू की और अब आखिरकार 16 सालों के बाद इस मामले में विशेष न्यायाधीश एससी एसटी रणवीर सिंह ने आरोपी बालमुकुंद यादव को तीन साल की सजा सुनाते हुए 9 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं पीड़िता को 25 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया है।



