Top 5 Dalits news: सहारनपुर: रेलवे ट्रैक पर बोरी में मिली छात्र की लाश, प्रेम प्रसंग में हत्या की आशंका

Dalit youth murder
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Top 5 Dalits news:  बहुजन समाज अपने लिए कितना भी न्याय की लड़ाई बुलंद कर लें, लेकिन जब तक खुद कानून व्यवस्था उनके लिए मजबूती से काम नहीं करेगी, तब तक हर बार दलितों को न्याय के लिए हंगामा और आंदोलन का ही सहारा लेना होगा। कानून जब सबके लिए बराबर है तो फिर दलितों की स्थिति इतनी दयनीय क्यों, कौन देगा इसका जवाब… नमस्कार पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे जो सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दलित बच्चे की हत्या

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से है, जहां एक 14 साल के मासूम दलित बच्चे की पहले चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई और फिर उसके शव को बोरे में भरकर रेलवे लाइन पर फेंक दिया। ये घटना सहारनपुर के देवबंद थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव की है। मृतक बच्चे की पहचान मयंक के रूप में हुई है, जो कि देवबंद के इंटर कॉलेज में नौवीं क्लास में पढ़ता था, जो कि 12 जनवरी से लापता था। बच्चे के पिता रूपचंद ने बच्चे के लापता होने की शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन 15 जनवरी को उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंका हुआ मिला।

जानकारी के मुताबिक लोको पायलट को ट्रैक पर बोरी मिली, तो उसने ट्रेन को रोक कर पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने शव को पहचान लिया, और उसके पिता को जानकारी दी थी। बच्चे के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस की लापरवाही को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस ने जानबूझ कर शव को पशु शव बता कर मामले को रफा दफा करने की कोशिश की, यहां तक कि शव के पहचान के बाद भी इसे चोर बता कर आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में पुलिस की भूमिका की जांच होनी चाहिए साथ ही इसकी निष्पक्ष जांच हो ताकि असली आरोपियों को सजा मिले।

रोहिणी घावरी ने मांगी भीम आर्मी चीफ से मदद

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद की कथित ex गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी को लेकर है, रोहिणी घावरी जो कि अक्सर चन्द्र शेखर आजाद को लेकर विवादित बयान देती है, उनपर संगीन आरोप लगाती रहती है, लेकिन जब आजाद ने रोहिणी घावरी के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो अब वो आजाद से ही अपने लिए न्याय की मांग करने लगी है। दरअसल घावरी ने एक पोस्टर शेयर किया है, जिसमें एक तरफ घावरी है जो कि रो रही है तो वहीं दूसरी तरफ आजाद है जो महिलाओं के हक के लिए लड़ रहे है।

घावरी ने आजाद पर तंज कसते हुए कहा कि काश मेरा शोषणकारी कोई सवर्ण समाज का होता तो अब तक दलितों के मसीहा क्रांतिकारी नेता चंद्रशेखर आज़ाद सड़को पर संघर्ष कर रहे होते न्याय के लिए दौड़ तक लगा देते !!  घावरी ने पूछा कि उनके लिए लड़ाई कौन लड़ेगा, क्या घावरी के लिए केवल सवर्ण समाज लड़ेगा। वो भी तो बहुजन समाज की बेटी है फिर बहुजन समाज की बेटी के लिए न्याय की मांग क्यों नहीं होती। केवल झूठे आंसू बहाना आता है लेकिन ये मगरमच्छ के आंसू ज्यादा दिनों तक जनता को बेवकूफ नहीं बना सकते है।

बांदा में दलित महिला के साथ मारपीट

दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बांदा से है, जहां एक दलित महिला के साथ हुई जातिगत भेदभाव और उसके साथ मारपीट को लेकर महिला को मामला दर्ज कराने में ही करीब दो महीनों तक पुलिस थाने के चक्कर लगाने पड़े। ये घटना बांदा के गिरवां थाने के स्योढ़ा गांव की है। पीड़िता रामलली के मुताबिक करीब दो महीने पहले 15 नवंबर 2025 को वो करीब सुबह 9 बजे गांव के ही सार्वजनिक हैंडपंप पर पानी भरने गई थी, लेकिन तभी गांव के ही संतोष, चुन्नू, मनोज और संतों यादव वहां पहुंच गए और महिला को पानी भरने से मना करते हुए उसे जातिसूचक गलियां दी।

पीड़िता ने जब उसका विरोध किया तो उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की। हैरानी की बात है जब पीड़िता ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करानी चाही तो उसे वहां से भी भगा दिया गया। करीब 2 महीनों तक वो थाने के चक्कर लगाती रही, जिसके बाद उसने उच्च अधिकारियों से अर्जी लगाई थी। उच्च अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने इस मामले को दर्ज किया है। लेकिन तब भी अभी तक पुलिस की किसी कार्यवाही के बारे में कोई जानकारी नहीं है, और न ही पुलिस का की बयान आया है। अब देखना ये होगा कि जब रिपोर्ट लिखने में 2 महीने लगा दिए तो न्याय में कितना समय लगेगा।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गाये जाटव समाज के गुण

दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से है, जहां बाबा साहब आंबेडकर की जय के नारे से पूरा इलाज गूंज उठा। दरअसल जिस मध्य प्रदेश में पिछले कुछ समय से बाबा साहब का अपमान पर अपमान किया जा रहा है वहीं शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा के जाटव समाज को सम्बोधित करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जाटव समाज के गुणगान गाते हुए कहा कि जाटव समाज में जन्मा तो नहीं हूं, लेकिन खून और दिल से जाटव समाज का ही हूं” इसके बाद बाबा साहब आंबेडकर की जय और अमर रहे जैसे नारे लगाए।

सिंधिया का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिससे बहुजन समाज ने चुटकी लेते हुए कहा कि ये वीडियो देखकर चंबल ग्वालियर संभाग में जाटव और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी से नफरत करने वालों को काफी चुभ रहा होगा। कहीं न कहीं सिंधिया का बाबा साहब के जय के नारे के बाद ग्वालियर के हिंदूवादी वकील अनिल मिश्रा को indirectly तंज कसा जा रहा है, जिसने बाबा साहब का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आपको क्या राय है हमें कमेंट करके बताएं।

बिहार के पटना में दलित महिला के साथ उत्पीड़न

दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के पटना से है, जहां एक दलित महिला के साथ जातिगत गालियां देने, उसके साथ छेड़छाड़ करने, और उसके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। ये घटना पटना के गर्दनीबाग इलाके की है। पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी कि पिछले 3 महीने से आरोपी प्रिंस कुमार उसे लगातार तंग कर रहा था। उसके साथ छेड़छाड़ करता, उसपर टिप्पणी करता था, लेकिन एक दिन शाम को जब वो नहा रही थी तब उसने आरोपी को बाथरूम के ताकाझांकी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।

जिसके बाद महिला ने तुरंत आरोपी के परिवार को इसकी शिकायत की तो उन लोगों ने उल्टा पीड़िता के साथ मारपीट की, उसे जातिसूचक गालियां दी, और उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपी और पीड़िता का परिवार पड़ोसी है, इसीलिए पीड़िता ने पहले इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया था लेकिन आरोपी की हरकतें दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही थी। जिससे तंग आकर उसने पुलिस का सहारा लिया। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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