BNS Section 299: धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना, अब पड़ा महंगा

BNS Section 299, BNS Section 299 In Hindi
Source: Google

299 BNS in Hindi: आपने ऐसे मामले सुने या देखे होंगे जहाँ किसी खास मंदिर में किसी देवता का अपमान किया गया हो, या किसी धर्म का अनादर किया गया हो। ऐसी घटनाओं से अक्सर समाज में तनाव पैदा होता है और आस-पास के इलाके में शांति भंग होती है। लेकिन क्या आप जानते है ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 लागू होती है।  तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।

Also Read: BNS Section 295: बच्चों को अश्लील कंटेंट से बचाने के लिए क्या है सजा का प्रावधान?

धारा 299 क्या कहती है? BNS Section 299 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 299 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 299…यह सेक्शन जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कामों से संबंधित है जिनका मकसद किसी भी वर्ग के लोगों के धर्म का अपमान करना या उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना है।

BNS 299 Important Points

  • अगर कोई व्यक्ति बोले गए या लिखे गए शब्दों, हाव-भाव या तस्वीरों के ज़रिए लोगों के किसी भी समूह की धार्मिक भावनाओं का अपमान करने की कोशिश करता है।
  • अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत इरादे से किसी धर्म को अपमान करता है। तो यह धारा लागू होती है।
  • लेकिन अगर किसी से अनजाने में हुई गलती इस सेक्शन के तहत नहीं आती।
  • आपको बता दें, मुख्य रूप से पवित्र चीज़ों का अपमान करना इसमें धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना शामिल है।

बीएनएस धारा 299 का उदहारण 

For Example: सोशल मीडिया पर, अगर, उदाहरण के लिए, ‘व्यक्ति A’ जानबूझकर किसी खास धर्म के पूजनीय देवता या पवित्र किताब के खिलाफ Facebook पर बहुत अपमानजनक और अश्लील कमेंट (या फोटोशॉप की हुई तस्वीरें) पोस्ट करता है, और उसका इरादा उस धर्म को मानने वालों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है, तो इसे सेक्शन 299 के तहत अपराध माना जाएगा।

Also Read: BNS Section 298: धार्मिक स्थलों और पवित्र वस्तुओं के अपमान पर अब कड़ी कार्रवाई

बीएनएस धारा 299 की और सजा

इसके अतिरिक्त, बीएनएस (BNS) की धारा 299 के तहत, यदि किसी व्यक्ति को दोषी (Guilty) ठहराया जाता है, तो उसके लिए सजा निर्धारित की गई है। यह तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति लापरवाही से ऐसा कुछ करता है जिससे बीमारी फैलने, या चोट लगाने की संभावना हो। इस सेक्शन के तहत अपराधी को साधारण दंड और 3 साल की सजा के जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलवा आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *