Top 5 Dalit news: हाथरस दलित युवक के साथ मारपीट और दांतों से काटने का मामला, जांच में जुटी पुलिस

Hathras news
Source: Google

Top 5 Dalit news: मौजूदा समय में जातिवादी मानसिकता इस तरह से हमारे समाज में घर कर गई है कि अब संविधान के घोषणा होने वाले दिन पर भी संविधान निर्माता को याद करना मनुवादी अपना अपमान समझने लगे है। ऐसा लगता है कि बाबा साहब का साहब का नाम केवल चुनावी हथकंडा मात्र ही रह गया..हर कोई उनके नाम को मिटाने में लगा है तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे जो इस वक्त शोसल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

हाथरस में दलित युवक को बुरी तरह से पीटा

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के हाथरस से है, जहां शौच के लिए गए एक दलित युवक के साथ पहले लूटपाट की कोशिश की गई लेकिन जब उसने विरोध किया तो दबंगों ने उसे बुरी तरह से पीटा और उसके पीठ पर कई जगह दांत काटे। ये घटना हाथरस के सिकंदरा राऊ थाना क्षेत्र के कजिया गांव की है। पीड़ित अशरफी के भाई रंजीत कुमार ने पुलिस को तहरीर दी कि उसका भाई शाम को करीब 4 बजे जंगल में शौच के लिए गया हुआ था, तभी गांव के बाहर ढाबा चलाने वाले, जो कि अवैध शराब बेचते है, उन लोगों ने अशरफी को घेर लिया और उससे पैसे की मांग करने लगे, लेकिन जब अशरफी ने इसका विरोध किया तो उन लोगों ने अशरफी के साथ बुरी तरह से मारपीट की।

मारपीट और दर्द के कारण अशरफी वही बेहोश हो गया, जब जब वो काफी देर तक नहीं लौटा तो घरवालों ने खोजबीन शुरू की। जहां अशरफी उन्हें जंगल मर घायल अवस्था में बेहोश मिला। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। रंजीत ने पुलिस को तहरीर दी कि आरोपियों ने पहले भी उसके भाई के साथ मारपीट की थी, लेकिन जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, अब उसे फिर से बुरी तरह से मारा है, लूटपाट की गई है। वहीं कोतवाली प्रभारी शिव कुमार शर्मा ने बताया है कि पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

नासिक में ऑन ड्यूटी फॉरेस्ट ऑफिसर ने किया हंगामा

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला महाराष्ट्र के नासिक से है, जहां 26 जनवरी पर एक स्कूल में होने वाले ध्वजारोहण समारोह में स्पीच के दौरान बाबा साहब आंबेडकर का नाम लेने के कारण एक महिला फॉरेस्ट ऑफिसर ने ऑन ड्यूटी ही जमकर विरोध किया। दरअसल नासिक में ध्वजारोहण कर पहुंचे मंत्री गिरीश महाजन ने अपनी स्पीच के दौरान कई बड़े नेताओं का नाम लिया लेकिन उन्होंने जानबूझ कर बाबा साहब के नाम को इग्नोर कर दिया जो केवल उनकी जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है, जबकि 26 जनवरी का सेलिब्रेशन ही इसीलिए होता है कि उस दिन बाबा साहब का  निर्माण किया संविधान लागू हुआ था।

इस मौके पर ड्यूटी पर तैनात माधवी जाधव ने मंत्री जी का जमकर विरोध करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने एक शेरनी की तरह हुंकार भरते हुए कहा कि चाहे उन्हें सस्पेंड कर दो, लेकिन वो न तो अपनी बात से पीछे हटेंगी और न ही माफी मांगेगी। उन्हें कहा कि बाबा साहब का नाम न लेना केवल जातिगत भेदभाव ही नहीं दिखाता बल्कि वो संविधान कर पिता कहलाने वाले बाबा साहब का अपमान है, जिसे वो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। माधवी जाधव का ये कदम सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, लोग उनकी सराहना कर रहे है, ऐसे में देखना ये होगा कि माधवी जाधव के इस कदम के बाद पुलिस महकमे की तरफ से क्या रिएक्शन आता है।

आंध्र प्रदेश में राज्य अनुसूचित जाति आयोग का बड़ा फैसला

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला आंध्र प्रदेश से है, जहां गणतंत्र दिवस के मौके पर दलितों और पिछड़ो के साथ होने वाले अन्नाय और अपराधों को लेकर पुलिस के लचर रवैये को देखते हुए आंध्र प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने एक बड़ा फैसला किया है। आयोग के सदस्य रावड़ा सीताराम ने तीखे शब्दों में पुलिस को आदेश दिये है कि जब भी की एससी एसटी से जुड़े मामले आते है तो उन पर तरंत कार्यवाई होनी चाहिए, तुरंत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, लेकिन अगर पुलिस ऐसा नहीं करती है तो पीड़ित अपनी शिकायत अब सीधा वाट्सएप नंबर के जरिए आयोग से कर सकता है।

उन्होंने सभी दलित नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी WhatsApp नंबर 9701305417 शेयर किया है, ताकि अगर पुलिस कार्यवाई में देर करती है तो वो सीधा इस नंबर पर ही शिकायत करें, आयोग इस बात का ध्यान रखेगा कि दलितों के साथ उत्पीड़न के कोई मामले छूटने नहीं चाहिए, और उन मामलों में तुरंत कार्यवाई होगी। इतना ही कमीशन ने ये भी ऐलान किया है कि फरवरी महीने से राज्य में दलितों के साथ होने वाले उत्पीड़न के मामलों की समीक्षा शुरु करेगा.. हालांकि आयोग का ये कदम काफी सराहनीय है, इससे सालों से लंबित मामले जल्द से जल्द निपट सकेंगे, साथ ही दलितों को बार बार पुलिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

धनबाद में इंसानियत शर्मसार

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला झारखंड के धनबाद से है, जहां पहले तो एक नीजि सफाई कर्मचारी को जबरन मुफ्त में सफाई करने के लिए कहा गया लेकिन जब महिला कर्मचारी ने ऐसा करने से इंकार कर दिया तो उसे बुरी तरह से पीटा गया और उसे जातिसूचक गालियां दी गई। ये घटना धनबाद के कोयरीबाँध थाना क्षेत्र के झरिया के बाल्मीकि कॉलोनी की है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि आरोपी सुनील केसरी किस तरह से पीड़िता मंजू देवी को झाड़ू से पीट रहा है, और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है।

पीड़िता ने पुलिस को तहरीर दी कि आरोपी अक्सर बिना पैसे दिए ही उससे सफाई करवाता था, लेकिन अब पीड़िता ने साफ करने से इंकार कर दिया, जिससे आरोपी भड़क गया और उसे जातिसूचक शब्द कहते हुए मारने लगा। पीड़िता की शिकायत के बाद भी अभी तक पुलिस की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है, और न ही आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। हैरानी की बात है कि वीडियो के वायरल होने के बाद भी अभी तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है, फिर भला ऐसे जातिवादियों के हौसले बुलंद नहीं होंगे तो क्या होगा। वहीं इस घटना के सामने आने से लोगो में काफी रोष है और वो सीधे एससी एसटी एक्ट लगाने की मांग कर रहे है। अब देखना ये होगा कि पुलिस का इसपर क्या रिएक्शन आता है।

रायबरेली में दलित की जमीन हड़पी

5,  दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के रायबरेली से है, जहां दलितों के साथ उत्पीड़न करने का कोई न कोई तरीका ढूंढ ही लिया जाता है,… गैर दलित समाज, तो छोड़िये सरकारी महकमें में बैठे लोग भी दलितों का हनन करने से बाज नहीं आ रहे है। ताजा मामला रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र के खोर गांव (अमावां)  का है, जहां एक लेखपाल ने ही एक मानसिक रूप से कमजोर दलित युवक की न केवल 10 बिस्वा जमीन हड़प ली बल्कि उन्हें बैंक खाते से करीब 38 लाख 55 हजार रूपय भी निकाल लिये।

पीड़िता राजकुमारी ने पुलिस को तहरीर दी कि उनके पति रामप्रसाद की मानसिक हालात कुछ समय से ठीक नहीं है, जिसका फायदा उठा कर गांव के ही भू माफियों ने उनके पति और देवर गुड्डू को किसी पुराने मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर  3 मार्च 2023 को लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित एक ऑफिस ले गए थे, जहां उन लोगो ने  तीन एग्रीमेंट और दो बैनामे पर हस्ताक्षर करा 10 बिस्वा जमीन रमन कुमार और एक बीघा जमीन रामसजीवन के नाम करवा ली थी। वहीं एक बीघा जमीन का फर्जी एग्रीमेंट बालकिशुन के नाम से भी कराया गया।

इतना ही नहीं इसके बाद आरोपियों ने आरोपियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा की मलिकमऊ शाखा में मौजूद उनके करीब 38 लाख रूपय भी धीरे धीरे कर के निकाल लिये। पुलिस ने इस खबर के सामने आने के बाद तुरंत  बजरंग, रामलखन पासी, मनीष सोनकर और क्षेत्रीय लेखपाल परमेश्वरदीन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है और पांचो आरोपियों की तलाश जारी है। फिलहाल अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *