312 BNS in Hindi: अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जहां खतरनाक हथियारों जैसे बन्दूक, पिस्तौल, तलवार, तेज धार वाला चाकू का इस्तेमाल करके लाखों रुपये की चोरी की जाती है या चोरी नहीं भी की लेकिन दूसरे व्यक्ति की जान को खतरा हो। तो ऐसे मामले में BNS की कौन की धारा लगती है और ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 312 लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 312 क्या कहती है? BNS Section 312 in Hindi
जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 312 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 311 मुख्य रूप से उस व्यक्ति पर लागू होती है जो खतरनाक हथियार से चोरी के इरादे से आता है और चोरी नहीं कर पता लेकिन उस जगह के लोगों के अन्दर डर पैदा करता है।
BNS 312 Important Points
- यह सेक्शन पिछले IPC के सेक्शन 398 जैसा ही है, जिसे अब IPC के सेक्शन 312 में बदल दिया गया है, लेकिन कानून का मूल मकसद वही है—अपराधियों को जानलेवा हथियारों का इस्तेमाल करने से रोकना।
- यह जुर्म तब भी सही है, जब लूट असल में कामयाब न हुई हो, लेकिन अपराधी के पास हथियार था और उसने लूट करने की कोशिश की हो। यह सेक्शन अपराधी पर लागू होता है।
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बीएनएस धारा 312 की और सजा
इसके अलावा, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (BNS) का सेक्शन 312 चोरी के दोषी व्यक्ति के लिए सज़ा तय करता है। यह तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति चोरी करने के इरादे से किसी दूसरे व्यक्ति को लूटता है या चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देता है। तो इस सेक्शन के तहत अपराधी को साधारण दंड और 7 साल की सजा के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलवा आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है।



