Ballia Crime News: हाल ही में उत्तर प्रदेश के बलिया से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक दलित नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया है। इतना ही नहीं आरोपियों ने उसे जातिसूचक अपशब्द कहकर भी अपमानित किया। वही इस घटना के सामने आने के बाद परिवार में सन्नाटा छाया हुआ है।
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9 साल की दलित मासूम के साथ गैंगरेप
दलितों से जुड़ी घटनाये लगातार बढ़ती ही जा रही है, यह संख्या दर्शाती है कि आज भी वे उसी दयनीय स्थिति में हैं, जिसमें वे सदियों पहले रहते थे। अनेक कानूनों और नियमों के लागू होने के बावजूद, दलित महिलाएं और लड़कियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं; आए दिन उन्हें शारीरिक हिंसा और सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाओं का शिकार होना पड़ता है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बलिया (Ballia) से है, जहां स्कूलों को बंद कर के सरकार को लगता है कि उन्होंने पैसे बचाने का काम किया है लेकिन उसका नतीजा अब देखने को मिल रहा है।
पैसे देने का लालच दिया औऱ बहला कर ले गए
दरअसल, बलिया के हल्दी थाना क्षेत्र (Haldi Police Station Area) से दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां मात्र 12 साल के दो लड़को ने 9 साल की दलित बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया… और फरार हो गए.. हैरानी की बात है कि दोनो लड़को ने पहले बच्ची को पैसे देने का लालच दिया औऱ बहला कर ले गए… मात्र 12 साल की उम्र में ऐसा घिनौना अपराध … आखिर जिम्मेदार कौन है।
पीड़िता ने सारी आपबीती परिजनों को बताई
पिड़िता के पिता ने तहरीर दी है कि 23 मई की शाम को पीड़िता गांव बाहर बकरियां चराने गई हुई थी, तभी गांव के ही दो नाबालिग लड़को ने लड़की को पैसे देने का लालच दिया था.. और अपने साथ ले गए थे.. जिसके बाद जब पीड़िता की तलाश की गई तो वो उन्हें एक सुनसान इलाके में मिली.. पीड़िता ने सारी आपबीती परिजनों को बताई.. दोनो आरोपियों ने पीड़िता का सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसे जातिसूचक गालियां भी दी थी।
वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक बलिया के पुलिस उपाधीक्षक (Deputy Superintendent of Police) मोहम्मद फहीम कुरैशी ने बताया कि दोनो आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है और आगे की जांच भी की जा रही है। जल्द ही पुलिस दोनो लड़को को गिरफ्तार कर लेगी, और कड़ी से कड़ी सजा देगी। हैरानी की बात है इतनी कम उम्र के बच्चे जहां स्कूल जाने चाहिए वो ऐसे घिनौने अपराधों को अंजाम दे रहे है.. तो क्या ऐसे पढ़ेगा इंडिया और बढ़ेगा इंडिया.. जरा खुद सोच कर बताइयें।



