Karnataka news: तुमाकुरू में दलित कपल को मंदिर में घुसने से रोका, वायरल वीडियो ने खड़ा किया विवाद

Karnataka news, Caste Discriminator
Source: Google

Karnataka news: हाल ही में कर्नाटक (Karnataka) के तुमाकुरू (Tumakuru) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मनुवादी सोच वाले कुछ लोगों ने शादी के बाद एक नए शादीशुदा दलित जोड़े को मंदिर में जाने से रोक दिया। इतना ही नहीं, जब उन्होंने विरोध किया तो उन्हें जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करके बेइज्जत भी किया गया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

और पढ़े: BR. Ambedkar in Maharashtra: प्राइमरी स्कूल से ग्रेजुएशन तक, संघर्षों के बीच तपकर कुंदन बनने की कहानी

दलित कपल जको मंदिर में प्रवेश करने से किया मना

हमारा मानना ​​है कि दलितों को न्याय मिलेगा अगर उनका कोई दलित प्रतिनिधि होगा। लेकिन, जैसा कि कहा जाता है, चावल का एक दाना घड़ा नहीं फोड़ सकता। इसी तरह, जब तक बहुजन समाज एकजुट होकर नहीं लड़ेगा, तब तक एक प्रतिनिधि भी कुछ नहीं कर सकता। जी हाँ ऐसा ही एक खबर कर्नाटक के तुमाकुरू गांव (Tumakuru Village) से सामने आई है। दरअसल, जो वीडियो सामने आया है, वह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक समानता के हमारे सामूहिक लक्ष्य को भी ठेस पहुँचाता है।

और पढ़े: Karnataka Politics: कर्नाटक कांग्रेस में नया पावर गेम, क्या सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच दलित कार्ड बिगाड़ेगा खेल?

दलितों को घर पर पूजा करनी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 फरवरी को कर्नाटक के तुमकुरु में एक नए शादीशुदा दलित जोड़े को कुछ ऊंची जाति के लोगों ने अरसम्मा मंदिर (Arasamma Temple) में जाने से रोक दिया। जब वे पूजा के लिए पहुंचे, तो नारायणप्पा नाम के एक आदमी ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। इतना ही नहीं जब उन्होंने मन्दिर के अन्दर जाने की कोशिश की तो छोटी सोच के आरोपियों ने दलित कपल की बेइज्जती करते हुए कहा कि दलितों को घर पर पूजा करनी चाहिए और मंदिर नहीं आना चाहिए।

पुलिस ने गिरफ्तार किया एक आरोपी

जिसके बाद पीड़ित दलित कपल ने लोकल पुलिस स्टेशन जाकर इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है। इसके अलावा, आपको बता दें कि इस घटना की वजह से इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। दलित समुदाय के लोग काफी गुस्से में हैं। इस मामले की जांच में पता चला है कि मंदिर में मौजूद कुछ लोगों ने आरोपियों का साथ दिया, जिससे मामला और भी सेंसिटिव हो गया है।

इसके अलावा आपको बता दें, अगर आपके आस-पास ऐसी कोई भी घटना हो रही है तो आप तुरंत नजदीकी थाने में SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज कराएं। भारतीय संविधान का आर्टिकल 17 छुआछूत को खत्म करता है। किसी भी नागरिक को जाति के आधार पर किसी पब्लिक जगह या मंदिर में जाने से मना नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *