Top 5 Dalit news: चित्रकूट स्कूल की ‘साख’ के आगे आदिवासी छात्र का भविष्य दांव पर, शिक्षक ने परीक्षा देने से रोका

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Top 5 Dalit news:  देश की आजादी से पहले संविधान नहीं बल्कि मनुवाद चलता था, लेकिन आज भी मनुवादी मानसिकता संविधान पर हावी है। न तब दलितों और पिछड़ो को शिक्षा लेते हुए पसंद किया जाता था, और न आज… बड़े शैक्षिणिक संस्थान को तो छोड़िये, स्कूलों में भी जातिगत भेदभाव का नजारा देखने को मिल रहा है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

भीम आर्मी चीफ की जौनपुर में महा रैली

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, भले ही कोई उनके खिलाफ कितना भी जहर उगल ले, लेकिन उनकी रैलियों में आई भीड़ बताती है कि वो वाकई में कितने लोकप्रिय और शसक्त नेता है। अभी हाल ही में आजाद जौनपुर में रैली को संबोधित करने पहुंचे, जहां लोग दूर दूर से अपने पैसे लगा कर आजाद को सुनने पहुंचे थे। वहीं आजाद ने रैली को संबोधित करते हुए उन नेताओं के खिलाफ हुंकार लगाई है जो बहुजन होते हुए भी बहुजन समाज का अपमान करने से पीछे नहीं हटते है। लेकिन जब वो वाकई में चमारों का इतिहास उठाकर कभी देखते तो उन्हें पता चलता था कि चमारों का कितना गौरवपूर्ण इतिहास रहा है।

चमार रेजिमेंट का क्या ओहदा रहा है। बता दें कि यूपी के नेता प्रतिपक्ष व सपा के बड़े नेता “माता प्रसाद पांडेय” ने चमार जाति को लेकर टिप्पणी की थी, माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि उन्होंने एक खेवट से पूछा था कि क्या वो चमार बनना चाहते है। यानि की जो आरक्षण लेगा वो चमार होगा। जिससे बाद से काफी विवाद हो गया है। आजाद ने कहा कि निषाद समाज चाहता है कि उन्हें एससी कैटेगरी में रखा जायें, यानि की अगर कोई अपने अधिकारो की मांग कर रहा है तो उन्हें सीधा जातिगत अपमान सहना पड़ेगा। जबकि चमारो को महान इतिहास के बारे में अपमान करने वालों को पता तक नहीं है।

चित्रकूट में आदिवासी छात्र के साथ भेदभाव

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से है, जहां जातिवादी मानसिकता स्कूल के अंदर भी इस तरह से हावी हो गई है कि आदिवासी समाज के बच्चें से अब पढ़ने तक का अधिकार छीना जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जो कि चित्रकूट के मानिकपुर का है, जहां राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय (ATS) में 12 कक्षा में पढ़ने वाले छात्र रवि कुमार कोल ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि टीचर ने पहले ही ये भविष्यवाणी कर दी कि वो आदिवासी है तो वो परिक्षा पास ही नहीं कर पायेगा, और इससे स्कूल की छवि खराब हो सकती है, इसलिए उसे एडमिट कार्ड भी नहीं लेना चाहिये।

पीड़ित छात्र मे बताया कि वो पिछले कुछ दिनों से बिमार था जिसके लिए प्रार्थना पत्र उसने पहले भी दिया था, लेकिन टीचर ने उसका एडमिट कार्ड देने से इंकार कर दिया। इस मुद्दे पर चित्रकूट प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की गई है, वहीं छात्र का कहना है कि 10वी कक्षा में भी कई छात्र फेल हो चुके है, लेकिन उसके साथ ही भेदभाव हो रहा है, क्योंकि वो आदिवासी समाज से है और टीचर की मानसिकता है कि उन्हें पढ़ना नहीं चाहिए। ऐसे में देखना ये होगा कि क्या प्रशासन इसमें हस्तक्षेप करेगा.. ताकि एक आदिवासी छात्र का भविष्य अंधकार में न जायें।

बुलंदशहर में दलितों पर हमला

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के बुलंदशहर से है, जहां नामकरण समारोह में डीजे बजाने पर नमाज पढ़ रहे दूसरे समुदाय के लोगो ने जानलेवा हमला कर दिया। ये घटना कोतवाली देहात के रिनोरा शेख गांव की है, पीड़ित आकाश कुमार ने पुलिस को तहरीर दी कि उसके घर में बच्चे का नामकरण था, जिसके लिए वो लोग कुंआ पूजन करने गए थे, इस दौरान डीजे बज रहा था, तभी गांव के दूसरे समुदाय के लोगो ने नमाज पढ़ने के लिए डीजे बंद करने को कहा। जब तक नमाज पढ़ी गई डीजे बंद ही था।

लेकिन नमाज रे बाद उसे फिर से शुरु कर दिया गया था, लेकिन दुबारा डीजे बजने के कारण दूसरे समुदाय के करीब 50 लोगो ने उनके समारोह पर हमला कर दिया, हमलावर उन्हें जातिसूचक गालियां भी दे रहे थे और जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे। इसमें पीड़ित परिवार के कई लोग बुरी तरह से घायल हो गए है। शांति बनाये रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है वहीं एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने बताया कि इस मामले में 12 लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।

सपा नेता राजा मानसिंह की बढ़ी मुश्किले

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के अयोध्या से है, जहां दलितो के मसीहा बनने वाले ही उनके साथ उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रहे है। ताजा मामला सपा नेता राजा मान सिंह को लेकर है। जिनपर गैंगस्टर होने का आरोप सिद्ध होने के बाद बीते महीने उनकी संपत्ति की कुर्की की गई थी, वो और उनके गैंग के 15 लोग फिलहाल जेल में है, लेकिन अब एक और मामला सामने आया है, एक दलित युवक ने राजा मानसिंह पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि सरियावां गांव में सपा नेता ने जबरन दलित की जमीन छीन ली थी और उसे किसी और को दे दिया था।

पीड़ित धर्मपाल ने पुलिस को तहरीर दी कि 30 अगस्त 2014 को तहसील प्रशासन ने उसे खेती करने के लिए जमीन दी थी, लेकिन मई 2025 में मानसिंह और उसके लोगो ने जबरन धमकी देकर उसे जमीन से भगा दिया, वहीं जब पीड़ित ने पुलिस का मदद मांगी तो उल्टा पुलिस वालो ने उसका ही चालान काट दिया। बड़ी मुश्किल से एसडीएम ने पीड़ित की बात सुनी लेकिन अब उसे जमीन वापिस लौटाया नहीं जा रहा है, वो अपनी जमीन के लिए इधर उधर चक्कर लगा रहे है, वहीं पीड़ित को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की भी चिंता है, वो जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ सख्त करवाई की मांग कर रहा है। मतलब लिबास रक्षक का पहना है लेकिन हरकतें भक्षकों वाली है।

दिल्ली में नस्लीय भेदभाव करने वाले दंपत्ति गिरफ्तार

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजधानी दिल्ली से जुड़े है, जहां नॉर्थ इस्ट के लोगो को भारतयी होते हुए भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है। जिसका ताजा मामला अरूणाचल प्रदेश की रहने वाली 3 युवतियों से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें हर्ष और उसकी पत्नी रूबी जैन नाम के एक दंपत्ति ने 3 युवतियों के साथ छोटे से झगड़े के कारण उनपर नस्लीय भेदभाव और टिप्पणी थी, लेकिन तीनो ने इस भेदभाव को बर्दाश्त करने के बजाये मालवीय नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोपियो के खिलाफ एससी एसटी एक्ट लगा जिसके बाद दोनो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि तीनों पीड़ित युवतियों ने बताया कि वो पिछले 7 महीने से मालविय नगर में रह रही है, और ये पहली बार नहीं है जब उन्हें इस तरह का भेदभाव सहना पड़ा हो। पीड़ितो के मुताबिक  22 फ़रवरी को  एसी रिपेयर का काम करवाने के दौरान ड्रिलिंग की गई थी, और ड्रिलिंग का मलबा हर्ष जैन के बालकनी में गिर गया था, जिससे गुस्सायें हर्ष जैन और रूपी जैन ने उन लोगो को पर चिल्लाना शुरु कर दिया था।

उन्हें मोमो और मसाज पार्लर वाली कह कर नस्लीय टिप्पणी की, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने दोनो को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आरोपी हर्ष ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वो केवल गुस्से में बोले गए शब्द थे, औऱ उन्हें इस तरह से नहीं बोलना चाहिये था। दोनो की गिरफ्तारी के बाद आगे मामला कोर्ट में चलेगा, देखना ये होगा कि आगे क्या कार्यवाई होती है।

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