Top 5 Dalit news: हरदोई में दलित महिला का सरेआम अपमान प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तरह नहीं मिला घर

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Top 5 Dalit news: आपने अक्सर सुना होगा कि गरीबों के लिए सरकार योजनाएं तो बहुत सी लाती है लेकिन वो उन तक पहुंचने से पहले ही सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की भेंट चढ़ जाती है..वजह साफ है.. सुस्त कानून व्यवस्था। अगर सरकार और कानून सख्त होती तो सबसे पहले लाभ उन वंचितों को ही मिलता जो उसके अधिकारी है..लेकिन क्या वाकई में ऐसा होता है.. देश की आम जनता अच्छी तरह से जानती है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

1, एक्टर राकेश बेदी दलित संगठन के निशाने पर

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला सुपर डुपर हिट मूवी धुरंधर फेम राकेश बेदी से जुड़े विवाद को लेकर है। वैसे तो राकेश बेदी ने कुछ महीने पहले बाबा साहब आंबेडकर की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने पिछड़ों और वंचितों के लिए बहुत कुछ किया था लेकिन इस बयान में उन्होंने हरिजन शब्द का इस्तेमाल कर दिया था, लेकिन राकेश बेदी का ये बयान अब तूल पकड़ चुका है, दलित संगठनों ने एक्टर के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है, तो वहीं अब राकेश बेदी ने एक वीडियो जारी कर अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने तो अच्छे मन से बाबा साहब के कार्यों को तारीफ की थी। लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि भारत में हरिजन शब्द का इस्तेमाल निषेध है।

ये जातिसूचक शब्दो में आता है और इसे अपमान की श्रेणी में रखा जाता है। राकेश बेदी और आजाद समाज पार्टी के मुंबई पार्ट प्रदेश अध्यक्ष कैलाश जैसवार ने खुद राकेश बेदी को कॉल करने इनकी गलती बताई और मांगी मांगने को कहा था। राकेश बेदी को लेकर एक तरफ कई विवादित बातें की जा रही थी तो वहीं उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग कर ये साबित कर दिया कि वो वाकई में दलितों और पिछड़ों के मसीहा बाबा साहब का पूरा सम्मान करते है। वैसे राकेश बेदी के इन माफीनामे के बाद क्या होगा दलित समुदाय का रिएक्शन ये देखने वाली बात होगी।

मजदूरी मांगने पर मिली तुगलकी सजा

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा से है जहां एक दलित मजदूर को अपनी बकाया मजदूरी मांगना काफी भारी पड़ा। पीड़ित मजदूर को पहले नंगा किया गया और फिर उसे बुरी तरह से पीटा गया। ये घटना हसनपुर आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव ढवारसी की है। पीड़ित सचिन कुमार ने गांव के ही दो युवक नौशाद और समेद्दीन के खिलाफ तहरीर देते हुए कहा कि सचिन उन दोनों के साथ हैदराबाद में काम करता था और करीब डेढ़ लाख रुपए बकाया था। इस बीच वो अपने गांव आया था। लेकिन पैसे दिए बिना ही वो दोनों फिर से उसे हैदराबाद ले जाने आए थे जिसके बाद सचिन ने बकाया पैसों की मांग की थी।

लेकिन इससे नाराज़ दोनों आरोपियों ने पीड़ित के कपड़े फाड़ कर नंगा कर दिया और उसे बुरी तरह से पीटा। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद पुलिस तेजी से हरकत में आ गई है। थाना प्रभारी कोमल तोमर ने बताया कि मामले की संगीनता को समझते हुए तुरंत कार्यवाही शुरू और आरोपियों और उसके पिता को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी गई। फिलहाल घायल सचिन की हालत स्थिर है।

कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर लगाए संगीन आरोप

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजधानी दिल्ली से है, जहां अभी हाल ही में दलितों के साथ अत्याचार के होने वाले मामलों को लेकर एक बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दरअसल कांग्रेस एससी विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने दिल्ली में हुए प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी पर संगीन आरोप लगाते हुए खुलासा किया है उन्होंने बीजेपी सरकार के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि दलितों के खिलाफ अपराध के लगभग 76 प्रतिशत मामले तो केवल पांच बीजेपी शासित राज्यों से आए हैं। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान पहले की ही तरह सबसे ऊपर है, इसके बाद बिहार और महाराष्ट्र का नंबर आता है।

कांग्रेस नेता ने बीजेपी शासित राज्यों ने कानून व्यवस्था को लेकर भी तीखे सवाल करते हुए कहा कि दलितों के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर जांच तो छोड़िए एफआईआर तक दर्ज नहीं होती ढंग से। कांग्रेस के लगाए इन गंभीर आरोपों के बाद अब बीजेपी का क्या पलटवार होगा ये देखने वाली बात होगी, क्योंकि बिहार हो या यूपी, बीजेपी तो दलितों के ही कंधे पर रख कर बंदूक चला रही है ऐसे में क्या दलितों से दुश्मनी मोलना चुनावों में भारी न पड़ जाए। वैसे आपको क्या लगता है क्या दलित जागरूकता के  साथ आगे बढ़ेंगें ।

हरदोई में दलित महिला का सरेआम अपमान

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई से है जहां एक दलित महिला द्वारा प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत घर की कई बार अपील की बदले उसे अधिकारियों से मिली जातिसूचक गालियां और अपमान। यह मामला हरदोई के ग्राम पंचायत बरनई-चतरखा का है। पीड़ित दलित महिला रामेश्वरी ने कोर्ट में अपील करते हुए बताया था कि 2023-24 में उसने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के तहत घर पाने का आवेदन दिया था लेकिन कई चक्कर लगाने के बाद भी उसे घर नहीं मिला, उल्टा ब्लॉक के अधिकारियों ने उसे जातिसूचक शब्दो से अपमान करने हुए ब्लॉक से बाहर भगा दिया।

पीड़िता की तहरीर पर एससी-एसटी कोर्ट ने बीडीओ विजय नारायण राजपूत, वर्तमान एडीओ पंचायत, तत्कालीन सचिव विमल श्रीवास्तव और नीरज को 25 अप्रैल तक सभी दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने के लिए हाजिर होने का आदेश दिया है। हैरानी की बात है जो योजना गरीब वंचित लोगों के लिए शुरू की गई थी उन योजनाओं का लाभ तक उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। फिर क्या ही फायदा इन योजनाओं का। ऐसे अधिकारियों का क्या होना चाहिए आप ही बताएं।

आंध्र प्रदेश में दलित कलाकार का अपमान का मामला उछला

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला आंध्र प्रदेश के ताड़ेपल्ली से है जहां स्पीकर अयन्ना द्वारा एक मादिगा कलाकार को थप्पड़ मारने का मामला अब राजनीति रंग ले चुका है। इस मुद्दे पर वाईएसआरसीपी के प्रवक्ता और पूर्व विधायक टीजेआर सुधाकर बाबू ने सीएम चंद्रबाबू को दलित विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि एक स्पीकर और उपाध्यक्ष रघुराम कृष्णन राजू दलित विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे लेकिन सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की, न ही सीएम ने कोई टिप्पणी की, जो बताता है कि उनकी दलितों को लेकर क्या मानसिकता है।

उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू की सरकार ने असल ने दलितों और दलित ईसाइयों के लिए कुछ नहीं किया, उल्टा उनके हितैषियों ने राज्य में दलितों और पिछड़ों को नुकसान पहुंचाया है। पिछले कुछ सालों में राज्य ने जातिगत गतिविधियां बढ़ी है। जिसके लिए गठबंधन की सरकार जिम्मेदार है। सुधाकर बाबू ने पिछले सीएम जगन रेड्डी को तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें दलितों और पिछड़ों के साथ दलित ईसाइयों के लिए भी पैसा आवंटित किया था लेकिन वर्तमान में सरकार की मंशा केवल दलितों को दबाने और कुचलने की है।

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