Top 5 Dalit news: दलितों पर अत्याचार जारी, फरीदाबाद से तमिलनाडु तक इंसाफ के लिए संघर्ष

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Top 5 Dalit news: उत्पीड़न से खुद को बचाने के लिए भले दलित कितने भी संवैधानिक तरीके अपना लें लेकिन जातिवादी मानसिकता के आतंकी कोई न कोई असंवैधानिक तरीका खोज ही लेते है इन्हें प्रताड़ित करने का, उन्हें नीचा दिखाने का। वहीं मौजूदा समय में तो बिना आंदोलन न्याय भी नहीं मिलता। आखिर जाएं तो कहां जाएं। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे बतायेंगे, जिसने खबरों की सुर्खियों में दलितों की स्थिति उजागर की है, लेकिन बावजूद इसके प्रशासन और सरकार मूक है।

फरीदाबाद में सरपंच और उसके पति की दबंगई

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला हरियाणा के फरीदाबाद का है, जहां एक महिला सरपंच और उसके पति ने एक दलित परिवार को उनका घर छोड़ कर पलायन कर जाये इसके लिए मजबूर करने के लिए दलित परिवार के घर के चारों ओर तरफ नाली की गंदा पानी भर दिया है। ये मामला फरीदाबाद जिले के बुखारपुर गांव का है, पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए प्रशासन की मदद लेनी चाही तो सरपंच के रसूख के चक्कर में उसे हाथ भी नहीं लगाया गया।

जिसके बाद पीड़ित ने दलित सामाजिक संगठनों से मदद मांगी। जिसके बाद पीड़ित के लिए न्याय औऱ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग करते हुए दलित समाज के लोगों ने डीसी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। दलित समाज के लोगो ने महिला सरपंच मधु और उसके पति संदीप पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा वो दोनो लगातार गांव में दलितो को पलायन करने के लिए मजबूर कर रहे है।

वहीं सरपंच ने सीधे तौर पर मीडिया के सामने आने से इंकार करते हुए डीसी से मुलाकात करने की बात कह दी है। अब देखना ये होगा कि इतने बड़े खुलासे के बाद क्या सरपंच औऱ उसके पति द्वारा दलितों के खिलाफ किये जा रहे षडयंत्र बंद होंगे। क्या दलितो का पलायन रूप पायेगा।

राजस्थान के बाड़मेड़ से दलित उत्पीड़न का मामला

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजस्थान के बाड़मेड़ से है, जहां पुरानी रंजिश को निकालने के लिए जातिवादी दबंगो ने एक दलित युवक के साथ मानवता की सारी हदें पार कर दी.. दबंगो ने पीड़ित के चेहरे पर न केवल कालिख पोती बल्कि उसे जबरन कुत्ते का मल खिलास और मूत्र पिलाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, ये मामला बाड़मेर जिले के शिव क्षेत्र से है, वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि पीड़ित बार बार अपील कर रहा है कि वो ऐसा नहीं कर सकता, उसे उल्टियां हो रही है, लेकिन दबंगो को उस पर तरस नहीं आ रहा है, वो उसे जबरन मलमूत्र खिलाते है, जिसके बाद पीड़ित उल्टिया करने लगता है।

दिल को झकझोर देना वाला ये वीडियो सबूत है कि राजस्थान में दलितो की स्थिति कितनी बदतर हो चुकी है,,, और बिना हंगामे के सरकार भी नींद से जागने के लिए तैयार नहीं है। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस नींद से जागी है और मामले की जांच शुरु कर दी गई है। लेकिन जांच के बाद पीड़ित को न्याय मिलेगा या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। राजस्थान दलित उत्पीड़न का गढ़ बनता जा रहा है.. ऐसे में भला कैसे दलित वहां चैन सूकून और सम्मान से रह सकते है.. अंत में पलायन की एक मात्र उपाय लगता है।

हमीरपुर में दलित नाबालिक को मिला न्याय

3, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से है, जहां पहले तो एक दलित नाबालिग किशोरी का शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया और जब पीड़िता गर्भवति हो गई और उसने शादी के लिए बोला तो आरोपी मुकर गया.. जिसके बाद कोर्ट ने पीड़िता के लिए न्याय किया। ये मामला हमीरपुर के बिवांर थाना क्षेत्र के एक गांव का है, पीड़िता मात्र 14 साल की ही थी, जब आऱोपी ने पहली बार उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक उत्पीड़न किया था, इस बीच वो गर्भवती भी हो गई, पीड़िता की मां को शक हुआ तो उसने सारी कहानी अपनी मां को बताई।

पीड़िता के पिता ने आरोपी से नाबालिक को अपने पास रखने औऱ शादी करने की बात की तो वो साफ मुकर गया, जिसके बाद 24 सितंबर 2021 को पीड़िता के पिता ने बिवांर थाने में पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, औऱ दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था, जिसकी अब तक सुनवाई चल रही थी, और आखिरकार विशेष न्यायधीश(पॉक्शो) अनिल कुमार खरवार की अदालत ने आरोपी नरेंद्र यादव को 20 साल की सजा, साथ की 21 हजार रूपय का जुर्माना भी लगाया गया है।

तमिलनाडु में प्रेमिका से मिलने गए दलित युवक की हत्या

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले से है जहां अपनी प्रेमिका से मिलने गए एक दलित युवक को  लड़की के परिवार ने शादी का झांसा देकर मिलने के लिए बुलाया और फिर उसपर चाकू से हमला कर दिया। जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पूरी घटना थूथुकुडी जिले के कोविलपट्टी नए बस स्टैंड पर घटित हुई। कोविलपट्टी पश्चिम पुलिस ने बताया कि  मृतक एम संजय थूथुकुडी जिले के कझुगुमलाई के पास कराडिकुलम का रहने वाला था, और उसका थूथुकुडी के केचिलापुरम की एक लड़की से रिश्ता था, दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन लड़की के परिवारवालों को ये मंजूर नहीं था।

जिसके बाद लड़की को कोविलपट्टी में उसके चाचा के. मरिमुथु के पास भेज दिया लेकिन दोनों बातचीत करते रहे। इसी दौरान मृतक प्रेमिका से मिलने गया था, प्रेमिका ने अपने परिवार को मनाने की कोशिश की तो परिवार मृतक से मिलने के लिए कोविलपट्टी नए बस स्टैंड पर गए थे लेकिन वहां बहस होने लगी जिसके बाद उसके चाचा ने चाकू से हमला कर दिया। इलाज के दौरान दलित युवक की मौत हो गई। पुलिस ने लड़की पिता और चाचा मरिमुथु और शंकरनारायणन को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है।

भीम आर्मी चीफ को फिर से किया गया हाउस अरेस्ट

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है जिन्होंने एक तरफ तो दलितों के लिए हमेशा खड़े रहने का नारा बुलंद कर दलित समाज को बड़ी उम्मीद दी है तो वहीं विपक्ष भी अपनी पूरी एड़ी से चोटी का जोर लगा रही है आजाद को नीचे दबाने का। ताजा मामला है आजाद को फिर से पीड़ितो से मिलने के लिए रोकने के लिए पुलिस ने करीब 6 घंटे तक उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया। दरअसल बीते महीने 16 अप्रैल को नारायणपुर छंगा में बीजेपी नेता  अजय प्रताप सिंह के बर्थडे की पार्टी के दौरान अंबेडकर पार्क में बाबा साहब की मूर्ति के साथ की गई तोड़फोड़ के बाद दलित समुदाय के लोगो के साथ काफी झड़प हो गई थी।

इसके बाद आजाद अब तक दो बार कोशिश कर चुके है वहां पीड़ितो से मिलने जाने की लेकिन पिछली बार भी उन्हें  जैतरा गांव (धामपुर) में करीब 3 घंटे तक हाउस अरेस्ट  कर दिया गया था, और इस बार भी उनके आने की खबर सुनकर पहले ही गांव में  पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई साथ ही सभी प्रमुख पार्टी कार्यकर्ताओं को भी उनके घर में नजरबंद कर दिया गया है, वहीं जब आजाद ने गांव में जाने की कोशिश की तो उन्हें स्योहारा के सुगर मिल में 6 घंटे तक रखा.. लेकिन उन्हें नारायणपुर छंगा नहीं जाने दिया गया।

सवाल ये है कि आखिर एक नेता को जनता से मिलने जाने क्यों नही दिया जा रहा है, क्या छिपा रही है पुलिस,, और किसके इशारे पर पुलिस आजाद के साथ ऐसी हरकतें कर रही है.. इस स्थिति देखकर ऐसा लगता है जैसे राज्य में लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही चल रही है। अब देखना ये होगा कि आखिर ये तानाशादी कब तक कायम रहती है।

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