Top 5 Dalit news: दलित इसाइयों ने अपना मेनीफेस्टों किया जारी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी दलित इसाई जिद पर

Dalit Christian, Catholic leaders
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Top 5 Dalit news: आये दिन दलित महिलाओ के साथ होने वाले अपराधों से खबरो की सुर्खियां भरी रहती है, लेकिन जब तक कोई बड़ी शख्सियत आवाज नहीं उठाती तब तक उन्हें न्याय तक नहीं मिलता है..लेकिन जब दलित महिलाओं के हक की बात होती है तो फिर इतना शोर क्यों मचाया जाता है। न्याय और अधिकार में आखिर इतना भेदभाव क्यों है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के सात होने वली घटनाओ के बारे में जानेंगे जो इस वक्त सोशस मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

आजाद ने दलितों को मालिक बनने के लिए किया प्रोत्साहित

1, दलितो से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है..जहां आगरा की धरती पर एक सार्वजनिक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जोड़ों को आशिर्वाद देने पहुंचे आजाद ने एक तरफ दलितों को अपनी ताकत पहचानने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमें मालिक बनना है, हम नौकर नहीं बनेंगे.. नौकर चाहे छोटा हो या बड़ा, नौकर नौकर होता है। बाबासाहेब हमें मालिक बनाकर गये हैं” वहीं दूसरी तरफ आजाद ने महिला आरक्षण के दायरे में अनूसूचित जाति की महिलाओं के हक की भी आवाज उठाई है।

उन्होंने मांग की है कि इस वक्त एससी, एसटी कैटेगरी के महिलाओं के लिए जो आरक्षित सीटें है, उन्हें छोड़कर, बाकी जनरल सीटों में भी एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की महिलाओं के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में “महिला आरक्षण के भीतर आरक्षण” होना चाहिए.. उन्होंने कहा कि सरकार वाकई में चाहती है कि महिलाएं शसक्त हो तो एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों की महिलाओं को तीनो सदनों- लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद में भी सीटों का आरक्षण दिय़ा जाना चाहिए। जब तक दलित महिलाओं को ये अधिकार नहीं मिल जाते तब तक सामाजिक तौर पर महिलाओं का शसक्तिकरण संभव नही है। वैसे आजाद की मांग पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट करके जरूर बतायें।

यूपी में बाबा साहब के अपमान का वीडियो वायरल

2, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के गोसाईगंज का है, जहां एक जातिवादी आतंकी द्वारा बाबा साहब का अपमान किये जाने का मामला तूल पकड़ चुका है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स बाबा साहब के पोस्टर पर पेशाब करता नजर आ रहा है। जिसे लेकर अब काफी हंगामा हो रहा है… ये घटना मोहनलालगंज थाना के गोसाईगंज क्षेत्र का है। बाबा साहब के पोस्टर पर पेशाब करने और लात मारने वाला ये शख्स असल में नाबालिग है, लेकिन इसकी जातिवादी मानसिकता बता रही है कि दलितो और पिछड़ो के प्रति क्या मानसिकता है।

वहीं जब ये वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया तो मामले की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत दो नाबालिक लड़को को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया है। वहीं अभी इस मामले की जांच जारी है, जांच के बाद ही मामला पूरी तरह से साफ हो पायेगा, तब तक दोनो आरोपी सुधार गृह में ही रहेंगे। हैरानी की बात है कि बड़े ते बड़े बच्चे भी बाबा साहब का अपमान करने से बाज नहीं आ रहे है, ऐसे में ये लोग क्या ही दलितों और पिछड़ो का सम्मान करेंगे.. जरूरी है कि बाबा साहब का अपमान करने वालों के लिए सख्त कानून बनाया जाये।

दलित इसाइयों ने अपना मेनीफेस्टों किया जारी

3, दलितो से जुड़ा अगला मामला दलित इसाइयो को लेकर है, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी अपने हक के लिए हार न मानते हुए 7 सूत्री घोषणापत्र जारी किया है। बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर 26 मार्च को फैसला सुनाते हुए कहा था कि जो दलित ईसाई बन जाते है उन्हें अनूसूचित जाति जनजाति के कैटेगरी में आने वाले कोई भी लाभ नहीं मिलेंगे। जिसे लेकर दलित ईसाइ लगातार लड़ाई लड़ रहे है.. इसी कड़ी में दलित ईसाइयों ने एक घोषणापत्र जारी करते हुए 7 मांगे रखी है। उन्होंने संविधान के अनूसूचित जाति आदेश 1950, 1956, 1990 में हिंदुओ , सिखों औऱ बौद्धो की तरह मुसलमानों और ईसाइयो को भी अनूसूचित जाति का दर्जा देकर समान संरक्षण मांगा है।

इससे उन्हें जाति और धर्म दोनो के आधार पर भेदभाव का सामना न करना पड़े। साथ ही दलित होने के कारण ईसाई धर्म में भी चर्च में प्रवेश नही दिया जाता है, उन्हें चर्च में प्रवेश मिले, इसके अलावा आर्थिक समानता और न्यायिक समानता भी मिले.. दलित इसाइ काफी लंबे समय से अपने साथ होने वाले भेदभाव से जूझ रहे है, ऐसे में कोर्ट के फैसले ने उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है.. अब सवाल ये उठता है कि क्या दलित इसाइयों का ये मेनीफेस्ट वाकई में सरकार की नजरों में आयेगा.. क्यों कोर्ट उनकी अपील मानकर फिर से संविधान में संशोधन करेगी.. वैसे आपको क्या लगता है क्या बदलाव किया जाना चाहिए।

जन्मदिन मनाने की आड़ में बीजेपी नेता की दबंगई

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के मुरादाबाद से है, जहां एक बीजेपी नेता के जन्मदिन के दौरान बाबा साहब की मूर्ति के खंडित किये जाने के कारण भारी भगदड़ मच गई.. इतना ही नहीं दलित समुदाय और नेता के लोगो के बीच भारी झड़प भी हुई। ये घटना मुरादाबाद जिले  ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के गांव नारायणपुर छंगा का है। जहां अंबेडकर पार्क में बीजेपी नेता अजय प्रताप का जन्मदिन मनाया जा रहा था, लेकिन तभी उसकी आड़ में कुछ लोगो ने बाबा साहब की लगी मूर्ति के साथ छेड़छाड़ की.. जिसकी खबर तुरंत आग की तरह फैल गई, माहौल खराब हो गया और पत्थरवाजी शुरु हो गई।

वहीं दलित समुदाय के लोगो का कहना है कि जन्मदिन की आड़ में नेता के लोगो ने बाबा साहब की मूर्ति को खंडित कर दिया..ताकि दलित समाज को नीचा दिखाया जा सके..उनके लिए जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। हैरानी की बात है कि इतना बड़ी घटना के बाद भी पुलिस की तरफ से कोई कार्यवाई नहीं की गई.. जैसे लगता है कि ये कोई सोची समझी साजिश थी.. अब साजिश किसकी थी..उसका अंदाजा तो आप भी लगा ही सकते है।

गाजियाबाद में पुलिस वाले की दादागिरी

5, दलितो से जुड़ा अगला मामला यूपी के गाजियाबाद से है, जहां मामूली कहासुनी पर एक सफाई कर्मचारी के साथ पुलिस अधिकारी ने बुरी तरह से मारपीट की है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह के पुलिस अधिकारी संजीव चौधरी नगर निगम मोहन नगर ज़ोन में काम करने वाले सफाई कर्मचारी को  कई लोगो की भीड़ में बुरी तरह से पीट रहा है। वहीं हैरानी की बात है कि वीडियो के वायरल होने के बाद भी पुलिस की तरफ से कोई जवाब नहीं है।

जैसे कि एक सफाई कर्मचारी के साथ अन्याय होता है और पुलिस वाले उसपर संज्ञान न लेकर इस अपराध को सही साबित करने की कोशिश में लगे है। इस मुद्दे पर दलित संगटन ने आरोपी इंस्पेक्टर पर SC/ST एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है,,,अब देखना ये होगा कि पुलिस ने तो अनदेखी कर दी, लेकि क्या सरकार भी इस मुद्दे को अनदेखा कर देगी.. या फिर न्याय के लिए दलित समुदाय को फिर से सड़क पर उतर कर न्याय की मांग करनी पड़ेगी।

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