वाराणसी में दरिंदगी, 14 वर्षीय दलित नाबालिग को 20 दिनों तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म

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Varanasi news: हाल ही में, उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक चौंकाने वाली और बेहद विचलित कर देने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस घटना में, मनुवादी विचारधारा के समर्थकों ने एक दलित नाबालिग लड़की के प्रति क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और उसे बीस दिनों तक बंधक बनाकर रखा।

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 20 दिनों तक बंधक बना कर किया दुष्कर्म

दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के वाराणसी से है, जहां फिर से एक दलित नाबालिग बच्ची के साथ 20 दिनों तक बंधक बना कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया लेकिन पुलिस की उदासीनता ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है.. ये मामला वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां 11 मई को स्कूल के लिए निकली 14 साल की दलित बच्ची का अपहरण किया गया था, बच्ची की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तो पुलिस ने टालमटोल करके उसे भगा दिया,.. बच्ची की मां पूरी रात बच्ची को खोजती रही लेकिन बच्ची का कुछ पता नही चला.. जिसके बाद उसने फिर से पुलिस ने गुहार लगाई।

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लापता होने के 20 दिन बाद बच्चे को किया बरामद

मामले बिगड़ता देख कर पुलिस ने खोजबीन शुरु तो की लेकिन 20 दिन बीत गए मगर बच्ची लापता ही रही.. परिवार को जिन पर शक था उनके नाम भी लिये थे, मगर पुलिस ने कोई पूछताछ नहीं की, लेकिन परिवार बच्ची की तलाश अब भी कर रहा था, तभी खबर मिली की बच्ची को गांव के बाहर पुराने मकान में लाया गया है, पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी, और जब पुलिस और परिवार वाले वहां पहुंचे तो सच में बच्ची उन्ही लोगो के पास थी जिनके नाम परिवार वालो ने पहले ही लिये थे, बच्ची को बरामद कर लिया गया और साथ ही 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया।

पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे

लेकिन पुलिस की नाकामी यहीं खत्म नहीं हुई.. अब वो अपना नाकामी छिपाने के लिए परिवार पर ही दवाब बना रहे है कि केस वापिस ले लें.. बच्ची का वीडियो बना कर उसे ही धमकी दे रहे है..वीडियो में जबरन बच्ची से कहलवाया कि उसकी मां की मानसिक हालात ठीक नहीं हैं, वो सबसे झगड़ा करती रहती हैं, और बच्ची का भी कोई अपहरण नहीं हुआ था। तो जरा सोचियें, ऐसे में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठेंगे या नहीं.. आखिर पुलिस काम किसके लिए कर रही है। अगर वक्त रहते परिवार वालों के शक के आधार पर जांच की जाती तो बच्ची कब का बरामद हो जाती.. लेकिन दलित होने के कारण जानबूझ कर पुलिस लापरवाही करती रही। अब देखना ये होगा कि मीडिया में आने के बाद बच्ची को न्याय मिलता है या नहीं।

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