Top 5 Dalit news: भीम आर्मी, भिंड हत्याकांड और अलीगढ़ हमला, पढ़िए दलित समाज की 5 बड़ी खबरें

Caste discrimination in India, Top 5 Dalit News
Source: Google

Top 5 Dalit news: अगर दलितों को अपना सही अधिकार चाहिए तो उन्हें एकजुट होना ही होगा, तभी वो उस सिस्टम से लड़ पायेंगे जिसके कारण वो सदियों से दबे कुचले है। अगर आज भी इन्होंने जाति का नाम पर बंटवारा नहीं छोड़ा तो वो दिन दूर नहीं जब वो इस देश के बाहर कर दिए जाएंगे। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाले घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जो बार बार ये खुलासा कर रही है कि दलितों, पिछड़ों अब बस एकजुट हो जाओ, नहीं तो विस्थापित कर दिए जाओगे।

भीम आर्मी चीफ की सत्ता परिवर्तन यात्रा से डरी यूपी सरकारी

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, आज 4 जून को आजाद पूरे यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों को कवर करने के लिए बिजनौर से सत्ता परिवर्तन यात्रा शुरू करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही यूपी सरकार ने अपनी दमनकारी नीति और अपने भीतर का डर दिखाते हुए नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद को उनके आवास पर ही डिटेन करवा दिया है। बता दें कि इससे पहले भी यात्रा शुरु होने से पहले बिजनौर की सड़के नीले रंग के झंडों से भरी हुई है, और आजाद के साथ सैकड़ों लोग इस यात्रा का हिस्सा बनने वाले थे, लेकिन इस यात्रा को रोकने के लिए प्रशासन ने कम कोशिश नहीं की, बिजनौर की सड़कों पर लगे यात्रा के पोस्टर हटवा दिए गए लेकिन भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बिना किसी बहस के दुबारा पोस्टर लगवा दिए।

जिसने साबित किया है कि भीम आर्मी शांति से इस यात्रा को पूरा करना चाहती है। वहीं अब आसपा और भीम आर्मी के कार्यकर्ता आजाद को रिहा करने की मांग कर रहे है, ताकि आजाद सत्ता परिवर्तन यात्रा और जनसंपर्क कार्यक्रम को शुरु कर सकें। आजाद के घर के बाहर सैकड़ो लोगो की भीड़ जमा है, और ये भीड़ सबूत है आजाद पर लोगों के भरोसे का। साथ ही इस बात की भी मजबूत दावेदारी का कि अगले सीएम तो चंद्र शेखर आजाद ही बनेंगे। यूपी सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ राज्य की जनता को जागरूक करने के लिए शुरु होने वाली यात्रा पर सरकार का ऐसा एक्शन बताता है कि आजाद वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ को एक कड़ी टक्कर देने वाले है। अब देखना ये होगा कि आजाद की यात्रा कब शुरु होगी, और सरकार का इस डिटेन को लेकर क्या बयान आता है।

रोहिणी घावरी ने फिर से बनाया आजाद को निशाना

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद की कथित एक्स गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी को लेकर है, जिसने आजाद को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है, बीते साल जून महीने में ही घावरी ने आजाद के साथ अपने रिश्ते, ब्रेकअप और धोखे का खुलासा किया था, जिसके बाद वो लगातार कई ऐसे संगीन सबूत भी सोशल मीडिया पर डाल चुकी है जिसने घावरी को सच्चा साबित किया है, लेकिन इतने आरोपों के बाद भी आजाद अपना राजनीतिक मकसद पूरा करने में लगे और उन्होंने घावरी के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा था। अब घावरी ने फिर से पोस्ट कर के आजाद के खिलाफ जहर उगला है।

घावरी ने साफ कहा कि वो 3 जून को सबसे मनहूस दिन मानती है। घावरी ने अपनी पोस्ट में बीते साल की हुई पोस्ट को भी टैग किया है और लिखा- 3 जून 2021 मेरे जीवन का काला दिन जब यह मनहूसियत मेरे जीवन में आई थी जिसने मुझसे मेरी खुशियाँ सम्मान शादी बच्चों का सपना छीन लिया! काश उस दिन मेरा फोन बंद होता। एक साल बीत जाने के बाद आजाद ने कभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन घावरी नहीं रूकी.. ऊपर से अब तो उन्होंने सपा का दामन थाम लिया है, ऐसे में अब तो शायद जनता भी सोचने पर मजबूर हो जायेगी कि क्या वाकई में घावरी को न्याय चाहिए था या केवल सुर्खियों में रहने का ये तरीका था। आपको क्या लगता है।

बलरामपुर में पुरानी रंजिश के चलते दलित के घर में लगाई आग

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से है, जहां पुरानी रंजिश निकालने के लिए आरोपियों ने दलित के घर को ही आग के हवाले कर दिया। ये पूरी घटना बलरामपुर के हरैया थाना क्षेत्र के सहियापुर गांव का है। पीड़िता नीता ने पुलिस अधीक्षक विकास कुमार को अपनी शिकायत देते हुए आपबीती बताई, उसने कहा कि पिछले कई सालों से जमानत को लेकर गांव का ही फूल मोहम्मद उसके पति को लगातार परेशान कर रहा था। वो पीड़ित परिवार को अक्सर प्रताड़ित करता, उन्हें जातिसूचक गालियां भी देता था, यहां तक कि उसके पति को जान से मारने की धमकी दी गई थी, लेकिन पानी सिर से ऊपर चला गया तो पीड़ित परिवार ने विरोध किया।

जिससे गुस्साएं दबंगो ने उसके फूस के घर में आग लगा दी, जिससे पूरा घर औऱ घर में रखा सामान जल कर राख हो गए। हालांकि गांव वालो ने आग बुझाने की कोशिश तो की थी लेकिन तब तक पीड़ित परिवार को काफी नुकसान हो गया.. पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाई करने की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है, वहीं गांव वालों में भी इस घटना को लेकर काफी रोष है। हालांकि किसी तरह से गांव वालों का गुस्सा शांत करा दिया गया औऱ तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज जांच शुरु कर दी गई है। अब देखना ये होगा कि पीड़ित परिवार की नुकसान की भरपाई कैसे होगी।

भिंड में दलित बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से है, जहां प्रेम का झूठा झांसा देकर पहले एक 15 साल की नाबालिग बच्ची को उसके प्रेमी ने घर से भागने पर मजबूर किया, और जब पीड़िता उसके पास पहुंची को उसने अपनी हैवानियत दिखाते हुए पीड़िता को अपने ही दोस्तो को 50 हजार रूपये में बेच दिया। दरिंदो ने उसका सामूहिक दुष्कर्म किया, और हत्या कर पेट्रोल डाल कर जलाने की कोशिश की ताकि सबूत मिटाया जा सकें। ये मामला ग्वालियर के भिंड का है, जब काजल जाटव 28 मई से ही लापता थी, पीड़ित परिवार ने 28 मई को ही नामजद शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बावजूद इसके पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

अगर कार्रवाई की होती तो बच्ची आज जिंदा होती। बच्ची का शव 1 जून को अधजली अवस्था में बरामद किया गया था, जिसने पुलिस के प्रति लोगों में गुस्सा भर दिया था, पीड़ित परिवार बच्ची का शव लेकर न्याय की आवाज के लिये 20 घंटे तक सड़क जाम करके न्याय की जद्दोजहद करते रहे, जिसके बाद पुलिस के आश्वासन के बाद  रात 2 बजे काजल जाटव का दाह संस्कार किया गया। इस मुददे को लेकर भीम आर्मी चीफ ने भी रोष व्यक्ति करते हुए एमपी पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की है, और पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ये घटना सबूत है मध्य प्रदेश में कानून का डर किसी को नहीं है.. यहां केवल जंगल राज है।

अलीगढ़ में चंदा नहीं देने पर दलित परिवार को पीटा

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से है, जहां एक दलित युवक ने गांव के रास्ते के पुनर्निर्माण को लेकर 500 रूपय देने में जब असमर्थता दिखाई तो परवीन और अकबर खान ने दलित मजदूर पर हमला कर दिया। ये मामला अलीगढ़ के जादौला गांव का है, पीड़ित दलित मजदूर लवकुश ने हरदुआगंज पुलिस स्टेशन में तहरीर दी कि गांव में सड़क को फिर से बनाया जाना है जिसके लिए उसके पड़ोसी ने जबरन उससे 500 रूपय की मांग की। पीड़ित ने कहा कि वो एक मजदूर है और 500 रूपय नहीं दे सकता है, वहीं उसके छोटे बेटे को अभी टाइफायड हुआ है तो उसका इलाज कराना ज्यादा जरूरी है।

जिसके बाद आरोपियों ने पीड़ित और उसकी पत्नी पर हमला कर दिया। पीड़ित ने कहा कि उसने पैसे देने से इंकार नहीं किया था बस थोड़ा और समय मांगा था, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी.. और उसे पीटा..और अपनी छत से पीड़ित के घर पर पत्थर भी फेंके, जिससे उसका भाई भी घायल हो गया था। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर अकबर खान समेत 10 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अब इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने भी संज्ञान लिया है औऱ पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *