Lucknow news: हाल ही में, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो मानवता को शर्मसार करता है; जहाँ एक दलित छात्रा का पहले अपहरण किया गया और फिर उसके साथ बलात्कार किया गया। इतना ही नहीं इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता अजय राय ने पीड़िता के न्याय की मांग की है।
दलित छात्रा से दुष्कर्म का मामला गरमाया
बीते कुछ दिन पहले एक मामला सामने आया, जिसमें राजस्थान के सीकर में रहने वाले एक दलित छात्र ने NEET परीक्षा लीक होने के कारण आत्महत्या कर ली। इसके अलावा, प्रशासन ने इस मामले का कोई संज्ञान नहीं लिया। वही ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश (MP) के छतरपुर (Chattarpur) की रहने वाली एक दलित नीट की छात्रा को लेकर है, जो यूपी के महोबा में पढ़ने के लिए आई थी लेकिन उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि वो यहां एक अमानवीय घटना का शिकार हो जाएगी, और उसके तकलीफो का राजनीतिकरण किया जाएगा।
पुलिस को पीड़िता 16 दिनों के बाद मिली
दरअसल पीड़िता छतरपुर (Chhatarpur) से महोबा (Mahoba) रहने आई थी लेकिन 30 अप्रैल को जब वो लाइब्रेरी (Library) से घर लौट रही थी तब उसका अपहरण हो गया था, घरवालों की शिकायत पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की लेकिन 16 दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस को पीड़िता 16 दिनों के बाद मिली। इलाज के दौरान पीड़िता ने प्रताड़ित करने और दुष्कर्म करने जैसे संगीन खुलासे किये है। इतना ही नहीं मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे सिगरेट से जलाया, चाकू से घायल किया और कैद के दौरान कई बार उसके साथ मारपीट की।
वही इस घटना के बाद बीते शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Congress State President Ajay Rai) ने पीड़िता से मुलाकात की और उन्होंने से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इतना ही नहीं अजय राय ने ये भी कहा कि हम दलित छात्र को न्याय दिलवा कर ही रहेंगे चाहे कुछ भी करना पड़े फिर चाहे उन्हें मुख्यमंत्री का घर ही क्यों नहीं घेरना पड़े। उन्होंने पीड़ित के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की। तब से यह मुद्दा एक राजनीतिक गरमागरम विषय बन गया है। लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) ने दावा किया है ये video AI जनरेटेड है, ताकि मामले को दूसरी तरफ मोड़ा जाए, लेकिन पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए नहीं तो वो इसके लिए आंदोलन करेंगे।
पुलिस नेआरोपियों को गिरफ्तार किया
इस बीच, पुलिस ने अब तक पाँच नामज़द आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है—जिनकी पहचान मोहित श्रीवास्तव, अंकित श्रीवास्तव और संतराम (जिन्हें कुछ रिपोर्टों में ‘अल्लू राजपूत’ भी कहा गया है) के रूप में हुई है—इनमें मुख्य आरोपी श्रीवास और अजेश भी शामिल हैं, जो पीड़ित के ही गाँव के रहने वाले हैं। अब देखना ये होगा कि क्या इस मामले में पीड़िता को सही न्याय मिलेगा।



