322 BNS in Hindi:हर रोज़, हमें अख़बारों में या अपने आस-पास ऐसी कई ख़बरें मिलती हैं, जिनमें लोग टैक्स या स्टैंप ड्यूटी से बचने के लिए बेईमानी से किसी प्रॉपर्टी की क़ीमत कम दिखाते हैं। तो ऐसे मामले में BNS की कौन की धारा लगती है और ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 322 लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।
Also Read: BNS Section 320: लेनदारों को धोखा देने की नीयत से संपत्ति छिपाना अब पड़ेगा भारी
धारा 322 क्या कहती है? BNS Section 322 in Hindi
जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 322क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 322 मुख्य रूप से उस व्यक्ति पर लागू होता है जो कोई व्यक्ति जान-बूझकर, करों से बचने या अन्य लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से, पंजीकरण दस्तावेजों में किसी संपत्ति के मूल्य को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है, तो वह इस धारा के दायरे में आता है।
Also Read: BNS Section 321: लेनदारों के साथ धोखाधड़ी अब पड़ेगी महंगी, जानिए क्या है नया कानून
BNS section 322 Important points
- मामले की गंभीरता को देखते हुए, खरीदारों और विक्रेताओं—दोनों के लिए इसमें शामिल कानूनी प्रक्रिया को समझना अत्यंत आवश्यक है।
BNS section 322 example
मान लीजिए, मोहित नाम के किसी व्यक्ति ने कोई ऋण लिया है, और—उसकी अदायगी से बचने के लिए अथवा स्टाम्प शुल्क की बचत करने के उद्देश्य से—वह मकान के वास्तविक मूल्य को कम करके दिखाता है या जाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करता है।
बीएनएस धारा 322की और सजा
इसके अलावा, BNS की धारा 322 धोखाधड़ी पर भी लागू होती है। यह तब लागू होती है, जब कोई व्यक्ति वास्तविक कीमत को कम करके दिखाता है—आमतौर पर स्टाम्प ड्यूटी से बचने के लिए—और धोखाधड़ी करके दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लेता है। तो इस सेक्शन के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को 6 महीने तक की सज़ा जिसे बढाकर 3 साल तक किया जा सकता है या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं।



