Top 5 Dalit News: भीम आर्मी चीफ की अमेरिका से हुंकार, गाजीपुर में दलित बेटी की हत्या को लेकर भड़के

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Top 5 Dalit News: जब तक जातिवादी आतंकियों की जातिगत भेदभाव को लेकर विकृत मानसिकता नहीं बदलेगी..तब तक शासन या प्रशासन भले ही उनके लिए खड़े हो जाये, लेकिन वो दलितों के साथ सायें की तरह तो नहीं रह सकते है, जैसे ही पीड़ित से सुरक्षा हटती है, वो फिर से उत्पीड़न के शिकार बन ही जाते है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बताएंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

मध्य प्रदेश से खरगोन में दलित परिवार का हुक्का पानी बंद

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला मध्य प्रदेश से खरगोन से है, जहां पहले तो दलित युवक को मंदिर में प्रवेश करने से रोका गया और जब पुलिस ने उसकी मदद की तो गांव वालों ने उसके पूरे परिवार का हुक्का पानी ही बंद कर दिया. ये घटना खरगोन जिले के गोगावां थाना क्षेत्र के पाडल्या गवली गांव की है। पीड़ित निर्मल कनाडे ने खुद एक वीडियो जारी करके शोसल मीडिया पर अपनी आपबीती सुनाई।

पीड़ित ने बताया कि वो एक छोटा सा किसान है और खेतीबाड़ी के अलावा ढोलक बजाने का काम करता है। अभी हाल ही में उसकी शादी हुई है और जब वो अपनी पत्नी के साथ गांव के हनुमान मंदिर में दर्शन करने गया था तो दलित होने के कारण उसे मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया.. जिसके बाद उसने पुलिस से मदद मांगी, पुलिस वालो ने वहां आकर अपनी निगरानी में दंपत्ति को दर्शन तो करा दिये लेकिन इसका नतीजा ये हुआ कि पंचायत ने उसके पूरे परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया।

वहीं पुलिस ने भी अपनी सफाई पेश कर दी है कि पंचायत को शिकायत मिली थी कि दलित समाज के कुछ लोगो ने गाली गलौच की थी, इसलिए उनको काम न देने का फैसला किया है..वहीं वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरु की तो गांव वालो के सुर फिर बदल गए औऱ बहिष्कार खत्म कर दिया गया। लेकिन सवाल ये उठता है कि केवल मंदिर में प्रवेश करने पर बहिष्कार किया जाना कहां तक और कब तक उचित होगा, और हर मुद्दे पर आखिर कब तक प्रशासन को आगे आना पड़ेगा।

दलित युवती से लव जिहाद की कोशिश

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बांदा से है, जहां लव जिहाद करके एक दलित महिला को न केवल बहला कर अपहरण करने की कोशिश की जा रही थी, वहीं पीड़ित परिवार ने ये भी खुलासा किया कि आरोपी उनकी बेटी को देहव्यापार में धकेलने की योजना बना रहा था। ये घटना बांदा के  नरैनी कोतवाली क्षेत्र का है, पीड़िता के परिवार ने पुलिस को तहरीर दी कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक मुस्लिम युवक ने उनकी बेटी को प्रेम जाल में फंसा रखा है, और उसे बार बार भागने के लिए बहला रहा है।

यहां तक कि युवती उसके साथ भागने के लिए तैयार भी हो गई लेकिन उससे पहले परिजनो को खबर लगी तो उन लोगो ने युवती को बंद कर दिया.. यहां तक की पीटा भी.. लेकिन तब भी युवती नहीं मानी.. वो दोनो भाग भी गए थे, लेकिन समय रहते परिवार वालो ने खोजबीन शुरु की तो आरोपी युवती को आधे रास्ते में छोड़ कर फरार हो गया। परिवार वालो ने खुलासा किया कि आरोपी पर पहले से कई मामले दर्ज है, और वो पीड़िता को भी देह व्यापार में धकेलने की साजिश कर रहा था।

, यहां तक कि आरोपी ने उसके पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी भी दी थी..पुलिस ने तुंरत मामले की जांच शुरु की आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नरैनी कोतवाली के SHO संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और आगे की जांच जारी है.. अब देखना ये होगा कि आरोपी के अपराध के कौन कौन से पन्ने सामने आते है।

सोहना में दलित बच्चे पर टीचर का हमला

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला हरियाणा के सोहना से है, जहां केवल हिंदी की किताब स्कूल न ले जाने पर एक शिक्षक ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दी.. ये घटना गुरूग्राम जिले के सोहना के एक प्राइवेट स्कूल जोगिंदर हाई स्कूल में घटित हुई है। पीड़ित मोहित के पिता किशनलाल ने बताया कि मोहित अपनी हिंदी की किताब ले जाना भूल गया था, जिससे गुस्साए शिक्षक ने न केवल मोहित को जातिसूचक शब्द कहें बल्कि उसे इतनी जोर से धक्का दिया कि वो बेंच से टकरा गया।

मोहित पहले से ही काफी बीमार रहता था, चोट के कारण उसकी हालात काफी गंभीर हो गई है और उसे नागरिक अस्पताल से गुरुग्राम रेफर कर दिया है। वहीं स्कूल संचालन ने सभी आरोपो को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है,, केवल मामले को बढ़ाया जा रहा है.. पुलिस ने अभी तक मोहित का बयान नहीं लिया है…लेकिन उन्होंने जांच शुरु कर दी है.. मोहित के बयान से ये साफ जायेगा कि कौन सच बोल रहा है औऱ कौन झूठ..लेकिन सवाल ये है कि बच्चो को मारने को लेकर इतने सख्त कानून होते हुए भी बच्चों पर इतनी आसानी से हाथ कैसे उठा दिया जाता है।

प्रतापगढ़ में दलित युवती का शव पेड़ से लटका मिला

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के प्रतापगढ़ से है, अब ऐसा लगता है कि यूपी में दलितो को अपनी बहू बेटियों को बचाना है तो उन्हें वहां से पलायन कर देना जाना चाहिए.. क्योंकि उनकी बेटियां तो घर में भी सुरक्षित नहीं है… ताजा मामला प्रतापगढ़ जिला के मानिकपुर थाना क्षेत्र  का है, जहां एक दलित युवती को न केवल उसके घर से उठा कर ले जाया गया बल्कि उसके साथ दुष्कर्म करके उसे मार कर पेड़ से लटका दिया गया। दिल को झकझोक देने वाली इस घटना की जानकारी तब लगी।

जब गांव के कुछ लोगों ने पीड़िता के शव उसके घर से करीब 400 मीटर दूर एक बगीचे में पेड़ से लटके देखा। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जब जांच शुरु की तो पता चला कि वो दलित जाति से है.. परिवार ने बताया कि पूरा परिवार रात को खाना खाकर सोने चला गया था, युवती तब उनके साथ ही थी, फिर सुबह उसका शव इतनी दूर कैसे पहुंच गया। नहीं शव की स्थिति देखकर ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि पहले उसका दुष्कर्म किया गया है फिर उसे मारा गया है।

पुलिस अधीक्षक (एएसपी-पश्चिमी) बृजनंदन राय के मुताबित शव से कुछ दूरी पर मृतका की चप्पल और अंत:वस्त्र बरामद किए गए है वहीं उसके शरीर पर चोट के निशान भी हैं.. पुलिस जांच में जुट गई है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद सब साफ हो जायेगा.. पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।

भीम आर्मी चीफ की अमेरिका से हुंकार

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है जिन्होंने गाजीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक युवती के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में आवाज उठाने वाले भीम आर्मी के कार्यकर्ताओ के साथ पुलिस ने जो दमनकारी  नीति अपनाई है उसे लेकर आजाद ने अमेरिका से वीडियो जारी कर रोष व्यक्त किया है। आजाद ने सीधे तौर पर सत्ता पक्ष पर तीखा प्रहार करत हुए कहा कि अब इस मुद्दे पर राजनीति करने से बेहतर है कि बहुजन समाज के लोगो को एकजुट होकर पीड़ित परिवार के लिए खड़े होना चाहिए। यहां सत्ता पक्ष से एक व्यक्ति पीड़ितो की सुध लेने नहीं जाता.. लेकिन अगर बहुजन समाज के लोग पीड़ित के साथ सहानूभूति रखते है, उनसे मिलने जाते है, तो उससे भी सत्ताधारियों को परेशानी है। उन्होंने सभी दलित और बहुजन समुदाय को एकजुट होने की अपनी की है। बता दें कि आजाद बाबा साहब की जंयति के मौके पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अमेरिका में गए है। वहीं वापिस आकर फिर से आजाद एक्शन मोड में नजर आने वाले है.. उम्मीद की जा रही है कि आजाद वापिस आकर हरदोई, गाजीपुर व लखीमपुर-खीरी के दौरे कर सकते है। अब देखना ये होगा कि आजाद की अपील का बहुजन समाज के लोगो के पर क्या असर पड़ता है।

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