Top 5 Dalit news: इलाहाबाद कोर्ट का अनोखा फैसला गैर इरादतन जातिसूचक शब्द कहना अपमान नहीं

Allahabad high court, Top 5 Dalit news in Hindi
Source: Google

Top 5 Dalit news: बाबा साहब कहते थे कि अगर सम्मान चाहिए तो आपको सत्ता की ताकत चाहिए.. लेकिन क्या सच में आज ऐसा है.. क्योंकि यहां ताकत अब सत्ता से नहीं बल्कि पैसों से नापी जाती है.. जी हां, अगर केवल राजनीतिक ताकत मजबूती देती तो दलित नेताओं का अपमान न होता। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बताते है… जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

ओड़िसा में जमानत के बदले धुलवाते है पुलिस स्टेशन

1, दलितो से जुड़ा पहला मामला ओड़िसा के रायगड़ा जिले से है, जहां कानून को जातिगत भेदभाव के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए था वहीं उल्टा कोर्ट ने दलितों और आदिवासियों को गिरफ्तारी के बाद जमानत देने की शर्त में पूरा पुलिस स्टेशन साफ करने का निर्देश दिया है। हैरान कर देने वाली ये घटना रायगड़ा और कलाहांडी जिलों के तिजिमाली इलाके की है, जहां एक बाक्साइट खदान के मालिक कंपनी वेदांता के खिलाफ दलित और आदिवासी समाज के लोग करीब 2023 से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, यहां तक कि अब तक 40 लोगो को गिरफ्तार भी किया गया..लेकिन अब एक बड़े खुलासे ने वहां की न्याय व्यवस्था पर सवालियां निशान खड़े कर दिये है।

आरोप है कि करीब 8 मामलो में जमानत देने के बदले ओडिशा हाईकोर्ट और जिला अदालतों ने रोजाना पुलिस स्टेशन की सफाई करने के आदेश दिये थे। इन आठ लोगो में 6 दलित और 2 आदिवासी समाज से आते है। एक मजदूर कुमेश्वर नायक ने इन आरोपो की पुष्टि भी की है, जिन्हें मई 2025 में ओडिशा हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए काशीपुर पुलिस स्टेशन की सफाई करने के आदेश दिये थे.. हैरानी की बात है कि अब तक ये मामला दबा हुआ था, लेकिन सिविल राइट्स संगठनों ने इस मामले को उठाया है..अब देखना ये होगा कि इन आरोपो के बाद पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका क्या जवाब देती है। ये मामला पूरी तरह से जातिगत अपमान का है, जिसकी जांच होनी ही चाहिए.. अब देखना ये होगा कि क्या सरकार इस पर कोई फैसला लेती है।

संभल में दलित बारात पर हमला

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के संभल से है, जहां दलित लड़की की शादी में बाबा साहब का गाना क्या बजा, जातिवादियों को ये इतना अपमानजनक लगा कि उन लोगो ने बारात पर हमला कर दिया। इस हमले में करीब 10 लोग बुरी तरह से घायल हो गए है। ये घटना संभल  के बनियाठेर थाना क्षेत्र के अल्लीपुर बुजुर्ग गांव की है, पीड़ित तेजपाल ने पुलिस को तहरीर दी कि 29 अप्रैल को उनकी बेटी की शादी के दौरान जब बारात गांव में पहुंची तो डीजे पर बाबा साहब के गाने बजा कर बाराती डांस कर रहे थे लेकिन गांव के कुछ जातिवादी आतंकियों ने इसका विरोध किया।

और बारातियों पर हमला कर दिया.. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मारपीट की खबर सुनकर पीड़ित तेजपाल ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी.. औऱ मौके पर पहुंच कर पुलिस ने तब मामले को शांत करा कर अपनी निगरानी में ही शादी संपन्न कराई थी। कार्यवाहक थाना प्रभारी रोशन सिंह के मुताबित शादी संपन्न हो चुकी है, और आरोपियो के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है.. जल्द ही सभी जेल की सलाखों के पीछे होंगे। हैरानी की बात है कि दलित चाहे कुछ भी करें, जातिवादी आतंकी कैसे उन्हें प्रताड़ित करनेक तरीका खोज ही लेते है। आखिर ऐसा क्या किया जायें कि इनके अंदर कानून का खौफ हो..और दलितो का उत्पीड़न रूके।

मदुरै में जबरन दलित छात्रों से वसूली जा रही ज्यादा फीस

3, दलितो से जुड़ा अगला मामला तमिलनाडु से मदुरै से है, जहां दलित छात्रो को हायर एजुकेशन लेने से रोकने के लिए डॉ. MGR मेडिकल यूनिवर्सिटी के तहत एक निजी मेडिकल कॉलेज में 2023-2024 और 2024-2025 शैक्षणिक वर्षों के दौरान मेडिकल कॉलेजों में MBBS कोर्स में SC/ST समुदायों के छात्रों से जरूरत से ज्यादा फीस वसूली जा रही है, इस मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने DMER, NMC के साथ साथ नई दिल्ली के सचिव को नोटिस जारी किया है। इस मामले को प्रकाश में लाने वाले, सामाजिक कार्यकर्ता एस. करुपैया ने बताया कि नियम के अनुसार एससी एसटी छात्रों की फीस में करीब 30 प्रतिशत की कटौती होनी चाहिए थी।

लेकिन उनसे अतिरिक्त फीट के नाम पर जरूरत से ज्यादा वसूला जा रहा है.. जो उन पर एक अलग से आर्थिक बोझ डाल रहा है। वहीं इस मामले के प्रकाश में आने के बाद NCSC के निदेशक डॉ. एस. रवि वर्मन ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि वो इसकी पुख्ता जांच कर रहे है, और आरोपो में सच्चाई हुई तो कॉलेज के खिलाफ कार्यवाही तो होगी ही साथ ही छात्रों को अतिरिक्त फीस वापिस भी की जायेगी। अगर ऐसा होता है तो नीजि संस्थानो की मनमानी पर कुछ तो लगाम लगेगी।

इलाहाबाद कोर्ट का अनोखा फैसला

4, दलितो से जुड़ा अगला मामला यूपी के इलाहाबाद से है, जहां एक बार फिर से दलित उत्पीड़न को अपने हिसाब से तय कर दिया है इलाहाबाद हाइकोर्ट ने। जी हां, अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि अगर कोई दलित अपमान के इलादे से जातिसूचक शब्दों को इस्तेमाल नहीं करता तो वो एससी एसटी एक्ट के तहत अपराध नही माना जायेगा। इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर जातिगत शब्दो का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है, तबकि उसके कोई सबूत मौजूद नहीं है,. यहां तक दर्ज एफआईआर में भी पहले इसका जिक्र नहीं था, इसे बाद में जोड़ा गया था।

जिसके कारण कोर्ट ने ये फैसला सुनाया। मगर हैरानी की बात है कि कोर्ट ने भले ही इसे अपमान मानने से इंकार कर दिया हो, लेकिन एससी एसटी एक्ट के तहत कहीं भी ये नही लिखा कि किसी भी व्यक्ति का इरादा कैसे मापा जाये.. इस तरह तो कोई भी जातिसूचक शब्दो का इस्तेमाल करके अपमान करेगा.. औऱ फिर उसे उसे मजाक में कही गई बात कह कर पल्ला झाड़ लेगा… तो क्या कोर्ट को ये दायरा भी तय नहीं करना चाहिए कि किस कंडीशन में अपमान माना जायेगा और किस कंडीशन में नहीं। वैसे आपकी क्या राय है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।

रोहिणी घावरी ने लगायें आजाद पर संगीन आरोप

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, एक तरफ उन्होंने अमेरिका में दलितों के लिए लड़ाई को और तेज करने की घोषणा की है। उन्होंने संदेश दिया कि दलित जब तक एकजुट होकर नहीं लड़ेंगे तब तक उत्पीड़न नहीं रूकेगा.. एक तरफ आजाद दलितों के लिए एक नए मसीहा बन रहे है तो वहीं उनकी कथित एक्स प्रेमिका रोहिणी घावरी ने उन्हें बदनाम करने के लिए बेहद सनसनीखेज आरोप लगाया है, घावरी ने बिना नाम लिये आजाद के बारे में अपत्तिजनक शब्दो का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वीडियो कॉल पर सेक्स करने वाले नेता की राजनीति का अंतिम संस्कार बहुत जल्द होने वाला है।

ऐसे हवसी दरिंदे की जगह संसद में नहीं बल्कि जेल में है.. इतना ही नहीं उन्होंने आजाद को औकात में रहने की सलाह दी है.. हैरानी की बात है कि घावरी ने आजाद को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, लेकिन आजाद ने एक बार भी पलट कर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं घावरी के आरोपो को लेकर अब बहुजन समाज उन्हें ही घेरने लगा है.. देखना ये होगा कि क्या इन आरोपो से आजादी की राजनीतिक छवि पर कोई असर पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *