क्या कहती है BNS की धारा 234, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

BNS Section 234 in Hindi, BNS Section 234
Source: Google

BNS Section 234 in Hindi: भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 234 झूठा प्रमाण पत्र जारी करने या उस पर हस्ताक्षर करने से संबंधित है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (Bhaarateey dand sanhita) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।

Also Read: क्या कहती है BNS की धारा 228, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

धारा 234 क्या कहती है? BNS Section 234 in Hindi

जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस की धारा 234 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 234 यह धारा उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करती है जो जानबूझकर झूठा प्रमाणपत्र जारी करता है या उस पर हस्ताक्षर करता है।

उदाहरण के लिए, जब कोई ऐसा प्रमाणपत्र जारी करता है या उस पर हस्ताक्षर करता है, जिसे कानून के तहत आवश्यक माना गया है, या जो किसी ऐसे तथ्य से संबंधित है जो न्यायिक रूप से साक्ष्य के तौर पर स्वीकार किया जाता है, और इसे जारी करते समय उस व्यक्ति को यह जानकारी होती है या उसके पास यह विश्वास होता है कि प्रमाणपत्र किसी भी दृष्टि से झूठा है।

बीएनएस धारा 234 की महतवपूर्ण बातें 

  • इस अपराध के लिए सजा भारतीय दंड संहिता के तहत मिथ्या साक्ष्य (झूठे साक्ष्य) देने के समान होती है।
  • यह अपराध असंज्ञेय है, जिसका मतलब है कि पुलिस बिना किसी आरोप के व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकती।
  • यह अपराध ज़मानतीय है, यानी इसके अंतर्गत आने वाले व्यक्ति को ज़मानत मिल सकती है।
  • आपको बता दें, इसका निपटारा उसी न्यायालय द्वारा किया जाता है जहां दलाली के अपराधों का विचारण होता है।
  • यह धारा सुनिश्चित करती है कि जिन शेयरों का प्रयोग वैध मुद्रा या टोकन के रूप में किया जाता है, उनमें कोई झूठी जानकारी या प्रतिभूति नहीं है।

Also Read: क्या कहती है BNS की धारा 230, जानें इससे जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बातें

बीएनएस धारा 234 की और सजा

इसके अलवा आपको बता दें कि BNS  की धारा (Section) 234 के तहत दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान है कि, दोषी व्यक्ति को उसी तरह दंडित किया जाएगा जैसे कि उसने मिथ्या साक्ष्य दिया हो या गढ़ा (fabricated) हो। इसका अर्थ है कि इसका दण्ड BNS की धारा 234 (मिथ्या साक्ष्य देना) के तहत निर्धारित दण्ड के समान होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *