338 BNS in Hindi: हम अक्सर ऐसी घटनाओं की खबरें सुनते हैं जिनमें जाली दस्तावेज़ जैसे कि नकली वसीयत तैयार किए गए हों, या जहाँ इंटरनेट का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी वाले कागज़ात गढ़े गए हों, अथवा जहाँ किसी कीमती संपत्ति से जुड़ा कोई जालसाज़ी का मामला सामने आया हो। तो कभी सोचा है कि ऐसे मामले में BNS की कौन की धारा लगती है और ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 338 लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 338 क्या कहती है? BNS Section 338 in Hindi
आज के समय में, टेक्नोलॉजी की प्रगति के साथ-साथ उससे होने वाले नुकसान में भी उतनी ही बढ़ोतरी हुई है—जिसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी से लेकर नकली सर्टिफिकेट बनाने और उन्हें अपलोड करने तक की चीज़ें शामिल हैं। इसका न केवल व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी काफ़ी नुकसान होता है। वही जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 338 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 338 यह सेक्शन उस व्यक्ति पर लागू होता है जो व्यक्ति जान-बूझकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की fakes copies तैयार करता है। ये दस्तावेज अत्यंत मूल्यवान होते हैं—जैसे कि शेयर, बॉन्ड, विनिमय-पत्र (Bills of Exchange), वसीयत, या अन्य कानूनी प्रपत्र जिनकी जालसाज़ धोखाधड़ी करने के उद्देश्य से नकल करता है।
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BNS section 338 important points
- आपको बता दें, पुराने भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत संबंधित प्रावधान धारा 467 था; हालाँकि, नए नियमों के अनुसार, अब इसे BNS की धारा 338 के तहत लागू किया गया है।
- किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर चेक जारी करके पैसे निकालना।
- किसी कंपनी के जाली शेयर प्रमाणपत्र बनाना और बेचना, या ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर ID कार्ड आदि जैसे जाली पहचान दस्तावेज़ तैयार करना।
- यात्रा के लिए जाली पासपोर्ट का उपयोग करना।
- रोज़गार पाने के लिए जाली डिग्री का उपयोग करना।
BNS section 338 example
मान लीजिए, पंकज नाम का कोई व्यक्ति किसी कंपनी के लिए एक नकली शेयर सर्टिफिकेट बनाता है। इसके अलावा, वह उस कंपनी के लिए एक जाली बॉन्ड भी तैयार करता है और अन्य जाली दस्तावेज़ बनाता है। हालाँकि, यदि यह मामला सामने आता है और वह दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध BNS की धारा 338 लागू होगी।
बीएनएस धारा 338 की और सजा
इसके अलावा, BNS की धारा 338 यह तब लागू होती है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर इलेक्ट्रॉनिक फ्रॉड करता है या नकली बांड तैयार करता है । तो इस सेक्शन के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को crime करने पर 10 साल की कैद और जुर्माना होता है। आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं। वही पुलिस इस अपराध के लिए बिना वारंट के भी आरोपी को गिरफ्तार कर लेती है।



