Top 5 Dalit News: आपने एक कहावत तो जरूर सुनी होगी, कुत्ते की दुम को 12 सालों तक नली में रखिए फिर भी वो टेढ़ी की टेढ़ी ही रहती है। कुछ ऐसा ही हाल हो चुका है मनुवादी मानसिकता वालों का, जो बाबा साहब का नाम मिटाने के लिए, एससीएसटी एक्ट को खत्म करने के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहे है, लेकिन ये लोग ये भूल गए हुआ कि संविधान से बढ़ कर कुछ नहीं। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बताते है, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
मध्य प्रदेश में अनिल मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से है, जहां हिंदूवादी विवादित वकील अनिल मिश्रा अपनी हरकतों से बाज आने वाला नहीं है। अभी कुछ दिनों पहले ही जेल की हवा खा कर लौट अनिल मिश्रा के कारनामों को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। दरअसल आदिवासी वर्ग से आने वाले वकील रूप सिंह मरावी अनिल मिश्रा और उसके गुर्गों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है कि दलित और आदिवासी समाज का समर्थन करने के कारण उन लोगों ने रूप सिंह को जबलपुर हाईकोर्ट में बुरी तरह से पीटा, और उन्हें सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया।
इतना ही नहीं जब रूप सिंह ने पुलिस कंप्लेन दर्ज करानी चाही तो पुलिस वालों ने साफ इंकार कर दिया था। इस घटना के सामने आने के बाद दलित और आदिवासी समाज एक बार फिर से अमिल मिश्रा के खिलाफ खड़ा हो गया है।उन्होंने मांग की है अनिल मिश्रा जैसे जातिवादी आतंकियों की जगह जेल में है, इन लोगों पर रासुका लगना चाहिए। हालांकि इस शिकायत के बाद भी अभी तक अनिल मिश्रा के खिलाफ किसी तरह की कार्यवाही की खबर नहीं आई है। हैरानी की बात है अब तक सड़कों पर दलितों आदिवासियों का अपमान करता था लेकिन अब तो कोर्ट परिसर में भी इनके हौसले बुलंद हो गए है। क्या ये लोग अब कानून और संविधान दे भी बढ़कर हो गए है। आखिर इसका जवाब कौन देगा।
कानपुर में दलित युवक के साथ मारपीट के बाद हुई मौत
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के कानपुर से है, जहां एक दलित अधेड़ युवक के साथ हुई मारपीट के बाद आखिरकार उसने दम तोड़ दिया.. ये घटना कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र के वसौसी गांव की है, जहां मामूली कहासुनी पर 50 साल के देवकीनंदन पासवान और उनकी पत्नी ममता पर उनके पड़ोसी ने नशे की हालात में पहले उनके साथ गालीगलोच की थी और जब देवकीनंदन ने इसका विरोध किया तो आरोपी की पत्नी ने अपने रिश्तेदारों को बुला लिया उन लोगो ने देवकीनंदन पासवान और ममता पासवान पर हमला कर दिया था, इस हमले में बुरी तरह से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जहां इलाज के दौरान देवकीनंदन की मौत हो गई और ममत पासवान की हालात अभी भी गंभीर बनी हुई है। पुलिस मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना देरी के मामला दर्ज कर 6 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं पुलिस इस विवाद की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। वहीं इस मामले में भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने भी पीड़ित परिवार के लिए आवाज उठाते हुए कहा कि ये केवल मामूली कहासुनी का मामला नहीं थी, बल्कि जानबूझ कर दलितों को उनकी औकात दिखाने की मानसिकता के लिए किया गया हमला है। फिल्हाल पुलिस पीड़िता ममता के होश में आकर बयान देने का इंतजार कर रही है और आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
आजमगढ़ में दिव्यांग दलित के साथ दुर्व्यवहार
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से है, जहां के एक सरकारी स्कूल में दलित समाज से आने वाले दिव्यांग युवक को उसके टीचर ने उसकी जाति के नाम पर पढ़ाने से ही इंकार कर दिया। ये घटना विवेकानंद हाई स्कूल एंड इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले विकलांग दलित छात्र इंद्रजीत कुमार के साथ घटित हुई। इंद्रजीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उसने बताया कि वो दिव्यांग है, उसके पैरो में दिक्कत है, जिससे वो थोड़ी देरी से स्कूल पहुंचा था।
लेकिन क्लास में रसायन विज्ञान पढ़ाने वाले टीचर योगेंद्र ने इंद्रजीत के साथ बुरी तरह से मारपीट की, जिससे वो संभल नहीं पाया और गिरते वक्त टीचर का स्वेटर पकड़ लिया था, लेकिन इससे नाराज होकर टीचर ने उससे कहा कि चमार हो के मेरा स्वेटर पकड़ लिये, और उसे नीचे धक्का दे दिया। इतना ही नहीं जब इंद्रजीत ने इस अपमान के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाही तो उसे पुलिसवालों ने भी डांट कर भगा दिया। वीडियो के वायरल होने के बाद से लोगो ने टीचर की गिरफ्तारी की मांग की है, लेकिन अभी तक न तो कॉलेज अथोरिटी की तरफ से और न ही पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई बयान आया है।
पन्ना में चुनावी रंजिश के चलते दलित परिवार से मारपीट
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य़ प्रदेश के पन्ना जिले से है, जहां चुनावी रंजिश के चलते जातिवादी आतंकियों ने एक दलित परिवार के 5 लोगो पर लाठी डंडो से हमला कर दिया, जिसके बाद 112 को कॉल करके मदद मांगी गई। ये घटना पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के कुपना गांव की है। पीड़ित दलित परिवार के मुखिया बेटालाल कोरी ने शिकायत में बताया कि 2013 में उन्होंने गांव में पंचायत चुनाव जीता था, जिसके बाद से कुछ लोगो ने उनसे चुनावी रंजिश रखी हुई थी।
करीब 12 साल बाद आरोपियो ने जानबूझ कर बरहो के कार्यक्रम के दौरान उनके दरवाजे पर आकर जातिसूचक गालियां दी और कार्यक्रम छोड़ कर जाने को कहा, लेकिन जब पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया तो उन लोगो ने लाठी डंडो से उनके परिवार पर हमला कर दिया, जिसमें 5 लोग बुरी तरह से घायल हो गए। जब भीड़ जमा हुई तो आरोपी पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने घायलो को ईलाज के लिए भेज दिया है वहीं इस मामले की जांच जारी है, फिलहाल किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बरेली में नाबालिक दलित बच्ची का अपहरण
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से है, जहां एक दलित नाबालिग बच्ची को बहला फुसला कर उसका अपहरण करने का मामला सामने आया है। ये घटना बरेली के शीशगंज थाना क्षेत्र की है। अपहृत बच्ची की मां ने पुलिस थाने में मामला दर्ज कराते हुए कहा कि गांव का ही अजय नाम का युवक उनकी 15 साल की बेटी को काफी लंबे समय से परेशान कर रहा था, जिसकी पहले भी शिकायत की थी, तो उसने पुलिस के सामने फिर से ऐसी हरकत न करने की बात कहीं थी, लेकिन 10 जनवरी की रात को करीब 2 बजे नाबालिक के माता पिता दिल्ली से लौटे तो लड़की घर पर ही थी, लेकिन सुबह वो गायब मिली।
उन्होंने बच्ची की काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला, वहीं कुछ गांव वालों का कहना है कि बच्ची को आरोपी अजय ही बहला फुसला कर अपहरण करके ले गया है। उन्हें डर है कि कहीं उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी न हो जायें। वहीं शीशगंज थाना इंस्पेक्टर हरेंद्र सिहं ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर 3 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। वहीं किशोरी की तलाश भी जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही किशोरी और आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।



