Grammy Awards: हाल ही में 68वें ग्रैमी अवार्ड्स को अमेरिका के लॉस एंजिल्स (Los Angeles) शहर में आयोजित किया गया है। जिसमें आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने अपने जीवन का पहला ग्रैमी अवार्ड जीता है। इतना ही नहीं इसमें कई अन्य बड़ी हस्तिया भी शामिल हुई है। तो चलिए इस में जानते है इस बार किस-किस को ये अवार्ड मिला है।
जानें ग्रैमी अवार्ड के बारे में
ग्रैमी अवार्ड (Grammy Award) संगीत की दुनिया का सबसे गौरवपूर्ण सम्मान है। जिसे म्यूजिक इंडस्ट्री का ऑस्कर भी कहा जाता है। हर साल यह अवार्ड संगीत में बेहतरीन उपलब्धियों और तकनीकी विशेषज्ञता को मान्यता देने के लिए दिया जाता है। इसे अमेरिका की रिकॉर्डिंग अकेडमी ( The Recording Academy)द्वारा दिया जाता है। इसकी शुरुआत 4 मई 1959 को हुई थी। इसे पहले ग्रामोफोन अवार्ड के नाम से जाना जाता था। जितने वाले विजेता को सोने का पानी चढ़ा हुआ ग्रमोफोन दिया जाता है। इस अवार्ड को ग्रामियम नाम के मिक्स धातु से बनाया जाता है। यह अवार्ड पॉप, रॉक, रैप, क्लासिकल और जैज़ जैसे विभिन्न संगीत शैलियों में दिया जाता है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक बताया जा रहा है कि इस बार 2026 के 68वें ग्रैमी अवार्ड्स में आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा (spiritual leader dalai lama) ने अपने जीवन का पहला ग्रैमी अवार्ड जीता है।
दलाई लामा के नाम एक स्पोकन-वर्ड एल्बम “मेडिटेशन्स: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा” के लिए सर्वश्रेष्ठ ऑडियोबुक, नैरेटर और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में अपना पहला ग्रैमी अवार्ड जीता। यह ग्रैमी पाने वाली उनकी पहली रचनात्मक रिकॉर्डिंग है। लॉस एंजिल्स में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में वे खुद उपस्थित नहीं थे लेकिन उनका ये पुरस्कार संगीतकार रफस वेनराइट (Rufus Wainwright) ने उनकी ओर से स्वीकार किया। वही अवार्ड मिलने पर90 साल के तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने इस सम्मान को स्वीकार करते हुए खुद को केंद्र में न रखकर इसे एक “साझा सार्वभौमिक जिम्मेदारी” बताया। उनका कहना था कि यह व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि करुणा, मानसिक शांति और इंसानियत के लिए एक साझा संदेश है जो 8 अरब लोगों की भलाई के काम आता है।
कई दिग्गजों को छोड़ा पीछे
इस श्रेणी में दलाई लामा के सामने कई बड़े नाम थे, जैसे कि ट्रेवर नोआ (Trevor Noah) और केतनजी ब्राउन जैक्सन (Ketanji Brown Jackson) फिर भी उनके विचारों और आवाज ने जजों को प्रभावित किया और उन्होंने यह पुरस्कार जीत लिया।
कौन हैं दलाई लामा?
दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के गेलुग (Yellow Hat) संप्रदाय के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता हैं, जिन्हें अवलोकितेश्वर (करुणा के बोधिसत्व) का अवतार माना जाता है। उनका जन्म 6 जुलाई 1935 (तख्तसेर, तिब्बत) में हुआ। पहले उनका नाम ल्हामो धोंडुप था उसके बाद सिर्फ 2 साल की उम्र में ही 13वें दलाई लामा के रूप में पहचान बनाई। बता दें कि 1959 में तिब्बत से भारत आए और तब से वह धर्मशाला में रह रहे है। बता दें कि अभी 14वें दलाई लामा तेनज़िन ग्यात्सो हैं, जो 1959 से भारत के धर्मशाला में निर्वासित जीवन जी रहे हैं। वे तिब्बती संस्कृति, शांति और करुणा के वैश्विक प्रतीक हैं, जिन्हें उनके अहिंसक प्रयासों के लिए 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
आपको बता दें कि ग्रैमी जीतने के बाद दलाई लामा ने एक बार फिर वही बात दोहराते हुए कहा कि पूरा जीवन अगर कही है तो करुणा, मानसिक शांति और एकता में है। इतना ही नहीं उहोने अपने x पर पोस्ट करते हुए लिखा यह पुरस्कार “8 अरब लोगों की भलाई के लिए समर्पित” है। हम अक्सर दलाई लामा को एक साधारण, शांतिप्राकृतिक जीवन जीते हुए देखते हैं। लेकिन यह ग्रैमी अवॉर्ड दिखाता है कि उनकी आवाज़ और संदेश अब सिर्फ धार्मिक या आध्यात्मिक श्रोताओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पूरे विश्व के दिलों तक पहुंच रहे हैं।



