Top 5 Dalit news: फर्रुखाबाद दुष्कर्म में नाकाम रहने पर दरिंदों ने दलित युवती को जिंदा जलाया, मुख्य आरोपी फरार

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Top 5 Dalit news: कानून हो या प्रशासन, ऐसा लगता है कि जब तक कोई दलित बर्बरता का शिकार नहीं होता, तब तक तमाम शिकायत होने का बाद भी वो नींद से नहीं जागती है। ऐसे में भला दलित किस पर भरोसा करके कानून की मदद लेंगे। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

फर्रुखाबाद में दलित युवती को जिंदा जलाया

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद  से है, जहां न केवल एक दलित लड़की के साथ छेड़छाड़ की गई, बल्कि जब लड़की ने विरोध किया तो उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला कर उसकी हत्या कर दी गई। दिल को
झकझोर देने वाली ये घटना फर्रुखाबाद जनपद की कोतवाली कायमगंज क्षेत्र की है, ये घटना 24 फरवरी की है। आरोपियों ने पहले पीड़िता का दुष्कर्म करने की कोशिश की, लेकिन पीड़िता शोर मचाने लगी तो उन लोगो ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए उस पर पेट्रोल छिड़क कर उसे आग लगा दी। अधजली हालत में उसे लखनऊ के KGMU में भर्ती कराया गया था, लेकिन अगली सुबह उसने दम तोड़ दिया।

हैरानी की बात है कि मृतका ने पहले भी कई बार दबंगो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी लेकिन प्रशासन शायद इन अनहोनी का ही इंतजार कर रही थी। वहीं भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद ने भी अपना रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन की लापरवाही के लिए उन्हें घेरा है। घटना के एक हफ्ते बीतने के बाद भी अभी तक पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जायें। अब देखना ये होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर ती है या फिर ऐसे ही दबंगो के हौसले बुलंद रहेंगे।

यूजीसी के नए नियमों के लिए दलित संगठन एकजुट

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तराखंड से है, जहां यूजीसी के नए नियमों को लागू करने के लिए उत्तराखंड के 18 दलित संगठन एकजुट होकर उसे फिर से लागू करने की मांग कर रहे है। संगठन में शामिल होने वाले कई बुजुर्गों ने इस बात की पुष्टि की है कि उन लोगो ने अपने कॉलेज में पढ़ाई के दौरान जातिगत भेदभाव और न जाने क्या क्या उत्पीड़न झेला है। कई ने आत्महत्या की, कई ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी, हमें समाज रूप से पीने के लिए पानी तक नहीं दिया जाता था…वो उत्पीड़न आज भी हम में डर माहौल पैदा करता है, जबकि अब ऐसा नहीं होना चाहिए।

ये नए नियम पिछड़े और दलित छात्रों को न्याय और सम्मान दिलाले के लिए जरूरी है। इस मुद्दे पर नेशनल एक्शन फॉरम फॉर सोशल जस्टिस के चेयरमैन नानक चंद ने कहा कि इन नियमों को लागू करने के लिए देश के सभी दलितों और बहुजनों को एकजुट होना पड़ेगा। भले ही समय बदल गया हो लेकिन दलितो का उत्पीड़न आज भी जारी है, जिसके कारण आज भी रोजाना बड़ी संस्थाओं में से 7 दलित छात्र कॉलेज छोड़ रहे है। जो केवल शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की स्थिति को दर्शाता है। इसलिए न्याय के लिए यूजीसी लागू होना चाहिए। वैसे आपकी राय है हमें जरूर बतायें।

बाल कटवाने गए दलित युवक को पीटा

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से है, जहां एक दलित युवक बाल कटवाने के लिए सार्वजनिक नाई की दुकान पर क्या चला गया, कुछ जातिवादी दबंगो ने न केवल उसे जातिसूचक गालियां दी बल्कि उसे बुरी तरह से पीटा भी। इतना ही इन मारपीट से घाटल होने के बाद जब पीड़ित ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाही तो भी पुलिस ने उसे वहां से भगा दिया, जिसके बाद मजबूरी में उसे कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। ये घटना गाजियाबाद के नंदग्राम के घूकना की है।

पीड़ित सुमित ने कोर्ट में दी अर्जी में बताया कि 13 नवंबर 2025 को वो बाल कटवाने के लिए सैलून पर गए हुए थे, तभी वहां पर सोकेंद्र और उसके कुछ साथी आ गये थे, जिन्होंने पहले तो सुमित से बहस शुरु कर दी और फिर उसे जातिसूचक गालियां देते हुए पीटना शुरू कर दिया। जब सुनित ने अपने साथ ही बर्बरता के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाही तो वहां पर पुलिस ने भी कोई सपोर्ट नहीं किया.. जिसके बाद उसने कोर्ट में अर्जी दी, और कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच शुरु की गई। हैरानी की बात है पुलिस भी शायद अब इंतजार करती है कि दलितों के साथ कोई अनहोनी हो तभी वो कोर्यवाही करेंगे।

गुजरात में दलित डिप्टी सरपंच को पीटा

4,  दलितों से जुड़ा अगला मामला गुजरात के साबरकांठा जिले से है, जहां  दलित डिप्टी सरपंच को न केवल उसका काम करने से रोका गया बल्कि उसे जातिवादी लोगो ने जमकर जातिसूचक गालियां भी दी। ये घटना प्रांतिज तहसील के मेमदपुर गांव की है, जहां डिप्टी सरपंच कांजीभाई अरखाभाई ने एक  टूटे-फूटे बर्ड फीडर टावर को तोड़ने की बात की जा रही थी, लेकिन दूसरे गांव के कुछ लोगो ने इसका विरोध किया कि वो उनके पुरखो का बनाया हुआ है इसलिए नहीं तोड़ना चाहिए, लेकिन जर्जर हो चुके टावर से कभी भी कोई हादसा हो सकता था।

इसलिए इसे तोड़ने का फैसला किया गया, लेकिन डिप्टी सरपंच जब नहीं माना तो करीब 8 लोगो ने उन्हें जातिसूचक गालियां देनी शुरु कर दी और उन्हें मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद 8 लोगों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है, पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है, हालांकि फिलहाल अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

बुलंदशहर में दलित युवक को पीटा

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से है, जहां पुरानी रंजिश को लेकर एक दलित युवक को बुरी तरह से पीटा गया, वो भी जब वो अकेले होटल में खाना लेने गया था। आरोपियों ने मौका देखकर उसे अकेला देखा और उसे जातिसूतक गालियां देते हुए मारपीट शुरु कर दी। ये घटना बुलंदशहर के पहासू मोहल्ला बड़ा काजीखेल की है, पीड़ित सतवीर सिंह ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हु कहा कि वो देर रात खाना लेने भवानी होटल गया था, लेकिन वहां मौजूद होटल मालिक भवानी, कलुआ और मुकेश ने पहले उसे रोका, और उसे जातिसूचक शब्द कहन लगे।

लेकिन तब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो वो लोग उसे पीटने लगे, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गया है, इतना ही नहीं उसे डर है कि वो उस पर फिर से हमला कर सकते है, उसकी जान को खतरा है. वहीं पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, फिलहाल किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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