Jaunpur news: हाल ही में उत्तर प्रदेश के जौनपुर से चौंकाने वाली और परेशान करने वाली खबर सामने आई। जहाँ मनुवादी दलितों से अपना काम करवा रहे हैं। जब दलितों ने मना किया तो आरोपियों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया और जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया।
दलित महिला से जबरन बंधुआ मजदूरी की मांग
आपने शायद बंधुआ मज़दूरी के बारे में सुना होगा, जो सदियों से चली आ रही है। बाबा साहेब ने दलितों को आज़ाद कराने के लिए एक आंदोलन भी चलाया था। लेकिन, यह आज भी जारी है, और कई गांवों में दलितों को मज़दूर के तौर पर काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के जौनपुर से है, जहां आज भी कुछ मनुवादी दलितों को अपना बंधुआ मजदूर समझ कर उनसे बेगारी करवाने की कोशिश कर रहे है।
और जब दलित ने मना किया तो उन्हें बुरी तरह से पीटा..जातिसूक गालियां दी। ताजा मामला जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र के डेहरी गांव का है, पीड़िता जलसा ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि वो गांव के ही असराफ के यहां पिछले 4 सालो से काम करती थी, लेकिन तबियत खराब होने के कारण उसने अब काम करने से इंकार कर दिया था।
पीड़िता को जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया
लेकिन इसी बीच वो उसके खेतों में कुछ सरसो बिनने गई..मगर असराफ इस बात से नाराज हो गया.. महिला ने बताया कि आरोपी कई बार महिला को बंधुआ मजदूर बन कर काम करने का दवाब दे चुका है लेकिन महिला ने इंकार कर दिया था.. जिससे कारण वो नाराज था, और जब उसने पीड़िता को सरसो बिनते देखा तो उसे मौका मिल गया, उसने पीड़िता को जातिसूचक गालियां दी, और बुरी तरह से पटक पटक कर पीटा।
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महिला की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया
और जाम से मारने की धमकी दी.. पीड़िता बुरी तरह से घायल है। पीड़िता की तहरीर पर असराफ के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरु कर दी गई है..फिलहाल वो फरार चल रहा है.. वहीं पुलिस इस मामले में चश्मदीदों से जांच कर रही है। हैरानी की बात है कि देश की आजादी के इतने सालों बाद भी दलितों और पिछड़ों को बंधुआ मजदूर से ज्यादा कुछ नहीं समझा जाता है, तो कहां से उन्हें सामाजिक बराबरी और न्याय मिलेगा।



