Top 5 Dalit news: दतिया में सरपंच पति के साथ दरिंदगी, घटना के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली

Dalit Sarpach Beaten up, Top 5 Dalit news
Source: Google

Top 5 Dalit news:  दलितो को हिंदू धर्म में बनाये रखने के लिए कई कोशिशे की जा रही है, लेकिन जब वो अपना हक मांगते है तो वो भी देना गंवारा नहीं है..किसी ने इस उत्पीड़न को छोड़ना भी चाहा तो भी जातिवाद धर्म बदलने से नहीं जाता..और न ही उनका उत्पीड़न रूकता है.. ऊपर से कानून की लचरता ने उन्हें अपने ही देश में गैर बना दिया है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

दलित ईसाईयों को नहीं मिलेगा आरक्षण

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला दिल्ली से है जहां दलित इसाइयों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कमजोर करने वाला फैसला सुनाया है। जी हां,  24 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर फैसला सुनाया है जिसमें ये कहा गया था ईसाई धर्म अपनाने के बाद भी उन्हें एससी एसटी एक्ट के तहत मिलने वाले फायदे मुहैया कराये जाये। जिसे लेकर 24 मार्च को कोर्ट ने कहा कि केवल हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के लोगो को ही  अनुसूचित जाति  का दर्जा और उसके फायदे मिलेंगे। इनके अलावा किसी भी धर्म को अपनाने वाला एससी एसटी कैटेगरी में नहीं माना जायेगा।

जस्टिस पी.के. मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने  आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मई 2025 में  पादरी चिंताडा आनंद के  जुड़े उस मामले में सुनाये फैसले को सही करार देते हुए कहा कि जब पादरी ने धर्म परिवर्तन कर लिया तो फिर वो किस आधार पर किसी पर जातिसूचक गालियां देने या अपमान करने का आरोप लगा रहे है। बता दें कि पादरी ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने दिसंबर 2020 में उन्हें जाति-आधारित गालियाँ दी थीं।

जबकि वो मडिगा जाति से है.. हालांकि हाई कोर्ट ने इस मामले को ही रद्द कर दिया था तो वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद ये साफ हो गया कि दलित ईसाई जो आरक्षण जैसे लाभ को लेने के बारे में लड़ाई लड़ रहे थे वो लड़ाई हार गए है। ऐसे में देखना ये होगा कि दलित ईसाई लोग अब कौन सी नई दलील देते है अपना हक पाने के लिए। वैसे हम आपसे पूछना चाहते है कि क्या दलित ईसाइयो को भी आरक्षण मिलना चाहिए।

दतिया में सरपंच पति के साथ बर्बरता

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के दतिया से है, जहां एक दलित सरपंच के पति को जातिवादि आतंकियों ने जूतो की माला पहना कर पूरे गांव में घुमाया है। ये मामला दतिया जिले की भांडेर थाना क्षेत्र के उनाव गांव का है। पीड़ित लक्ष्मण वर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी सरपंच है, जिससे आरोपियों ने पहले ही बैर पाला हुआ था, वहीं रविवार को जब वो महेंद्र यादव के घर के बाहर खड़ा था तभी वहां गोलू यादव, पवन चौबे और मनोज यादव वहां पहुंच गए और पीड़ित के भतीजे पर उनकी लड़की भगाने का संदेह जता कर उससे हाथापाई करने लगे। इतना ही नहीं मारपीट करने के बाद दबंगो ने पीड़ित के चेहरे पर कालिख पोत कर चप्पलो की माला पहना कर पूरे गांव में घुमाया।

इस घटना की जानकारी सरपंच रेखा वर्मा ने अपने पति के साथ मिलकर दी है। वहीं अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नही की गई है। इस मामले में राज्य सरकार के साथ साथ भीम आर्मी को भी घेरा जा रहा है। कहा जा रहा है कि यादव समाज से आरोपी होने के कारण भीम आर्मी उनके खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं कर रहे है.. वहीं सीएम से न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना ये होगा कि दलित अपमान का ये मामला कहां तक जायेगा।

नाबालिग दलित बच्ची के साथ गैंगरेप

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का है, जहां एक नाबालिग दलित बच्ची के साथ हुई गैंगरेप की घटना में दोनो आरोपी क 20-20 साल की सजा सुनाई गई है। ये घटना सितंबर 2020 की है, 16 साल की पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी कि गांव के भगवत्सरण ने उनकी बच्ची को प्रेम जाल फंसाया हुआ था, और 11 सितंबर को सुबह 4 बजे फोन करके घर के पीछे बुलाया था। जहां उसके साथ एक ओर आरोपी अर्जुन भी था.

दोनों बच्ची को खेतों में ले गए जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। सुबह जब पीड़ित परिवार को बच्ची नहीं मिली तो उन्होंने तलाश शुरू और बच्ची उन्हें खेतों में बेसुध हालत में मिली थी, जिसे अस्पताल में इलाज के दौरान गैंगरेप की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। और आखिरकार कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 20-20साल की सजा और 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जो पीड़िता को दिया जाएगा।

बाबा साहब अपमानित अनावरण से पहले ही मूर्ति को खंडित

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ से है, जहां दलितों और पिछड़ों के प्रति लोगो की जातिगत मानसिकता इतनी ज्यादा विक्रत हो चुकी है कि जीते जागते इंसानो को तो छोड़िये, ये लोग दलितों के मसीहा कहलाने वाले बाबा साहब की प्रतीमा को भी नहीं छोड़े। ताजा मामला मेरठ के सरधना क्षेत्र के भगवानपुर गांव का है, जहां बाबा साहब के सम्मान में उनकी प्रतीमा स्थापित की गई थी जिसका अभी अनावरण भी नहीं होना था, लेकिन जातिवादियों को बाबा साहब को सम्मान देना काफी चुभ गया और उन्हें अपमानित करने और दलित समाज को ठेस पहुंचाने के लिए इरादे असमाजिक तत्वो ने मूर्ती को खंडित कर दिया है।

वहीं दलित समाज ने मेरठ प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दूसरी नई प्रतिमा स्थापित की जायें साथ ही इस मामले में जो भी दोषी है उन्हें सलाखो के पीछे पहुंचाया जाये। वैसे बाबा साहब का अपमान, उनकी मूर्तियों को तोड़ना कोई नई बात नहीं है। लेकिन देखना तो ये होगी का भारत रत्न बाबा साहब को लेकर सरकार का क्य़ा फैसला होगा।

भीम आर्मी चीफ फिर फंसे विवादों में

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिनपर अब उनकी एक्स गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी लगातार हमलावर हो रही है। घावरी ने एक पोस्ट करते हुए आजाद औऱ गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया है। घावरी ने ऐलान किया कि आजाद अमित शाह का गोद लिया बैटा है, लेकिन चाहे वो कितनी भी कोशिश कर लें उसे बचाने का ..लेकिन 2029 के चुनाव में ना अमित शाह देश के गृहमंत्री बनेंगे ना उनका यह बेटा सांसद बनेगा! घावरी ने कहा कि वो अब तक कानूनी रूप से न्याय चाहती थी, केस रजिस्टर करवा कर लड़ना चाहती थी लेकिन अमित शाह के कारण पुलिस ने उनका मामला तक दर्ज नहीं किया गया… लेकिन अब वो पूरी ताकत के साथ लड़ेंगी।

घावरी ने कहा कि अब वो अमित शाह और आजाद समेत हर उस इंसाम की राजनीति का अंतिम इतिहास लिखेंगी जो आजाद के हितैषी बनते फिर रहे है। इतना ही नहीं वो सत्ता की सबसे बड़ी चुनौती बन कर दिखायेंगी। अब लडाई आमने सामने की होगी..चाहे कितना भी जोर लगा लो.. आजाद को जीतने नहीं देंगी साथ ही आजाद को उसके गुनाहों की सजा दिलवा कर रहेगी औऱ सलाखों के पीछे पहुंचा कर रहेगी। रोहिणी घावरी ने तय कर लिया है कि चाहे कानून उनता साथ न दें लेकिन वो हार नहीं मानेगी..अब तो लोगो को इंतजार है तो बस आजाद की तरफ से आने वाली प्रतिक्रिया का..देखना ये होगा कि आखिर कब तक आजाद चुप रहते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *