329 BNS in Hindi: हर दिन अखबारों में किसी की प्रॉपर्टी पर गैर-कानूनी कब्ज़ा करने या गैर-कानूनी इरादे से एंट्री रोकने की खबरें आती हैं। या फिर ऐसा होता है कि उस व्यक्ति को डराया धमकाया जाता है। तो कभी सोचा है कि ऐसे मामले में BNS की कौन की धारा लगती है और ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 328 लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 329 क्या कहती है? BNS Section 329 in Hindi
जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 329 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 329 यह मुख्य रूप से ऐसे व्यक्ति पर लागू होता है जो किसी के कब्ज़े वाली प्रॉपर्टी में क्राइम करने, डराने, बेइज्ज़त करने या परेशान करने के इरादे से घुसता है।
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BNS section 329 Important points
- आपको बता दें, पहले यह धारा IPC के सेक्शन 441, 442, 447, और 448 का इस्तेमाल केस चलाने के लिए किया गया, लेकिन अब इसमें बदलाव करके BNS की धारा 329 के तहत लागू कर दिया है।
BNS section 329 example
मान लीजिए कोई व्यक्ति किसी के टेंट, मंदिर या ज़मीन में ज़बरदस्ती घुस जाता है और वहां मौजूद लोगों को धमकाना या बेइज्ज़ती करना शुरू कर देता है। तो आरोपी पाए जाने पर अपराधी के खिलाफ BNS सेक्शन 329 के तहत कार्यवाही की जाती है।
बीएनएस धारा 329 की और सजा
इसके अलावा, BNS की धारा 329 यह तब लागू होती है, जब कोई व्यक्ति चोरी के इरादे से किसी के टेंट में घुस आता है ताकि सामान चोरी किया जा सके या फिर नष्ट किया जा सके। तो इस सेक्शन के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को साधारण crime पर 3 महीने तक की कैद और/या ₹5,000 तक का जुर्माना होता है। वही धारा 329(4) के अपराधी को 1 वर्ष तक की कैद और/या ₹5,000 तक का जुर्माना होता है। आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं।



