Gorakhpur news: हाल ही में गोरखपुर से एक चौंकाने वाली और परेशान करने वाली घटना सामने आई है। जहाँ मनुवादी सोच वाले कुछ पुलिस अधिकारियों ने दलितों के आदर्श बाबा साहेब अंबेडकर के पोस्टर फाड़कर उनका अपमान किया। उन्होंने उन पर जातिवादी गालियां भी दीं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो से दलित संगठन गुस्से में हैं, जो जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।
बाबा साहेब की जयंती से पहले विवाद
कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के CM के बारे में एक खबर सामने आई थी, जिसमें CM योगी ने भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब की मूर्तियों को लेकर बजट पास किया था और कहा था कि राज्य में बाबा साहेब अंबेडकर की सभी मूर्तियों का रेनोवेशन किया जाएगा और सभी CCTV की निगरानी में रहेंगी। इतना ही नहीं, उन्होंने आने वाली 14 अप्रैल को बाबा साहेब की जयंती पर दलितों से जुड़े एक बड़े इवेंट और प्रोग्राम आयोजित करने का भी ऐलान किया था।
इस बीच,उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर (Gorakhpur) से खबर सामने आयी है, जहां एक तरफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 14 अप्रैल को बाबा साहब अंबेडकर (Babasaheb Ambedkar) की जयंति को लेकर तमाम वादे और कार्यक्रम करने के ऐलान कर रहे है, तो वहीं उनके ही संसदीय क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर का अपमान किया जा रहा है.. औऱ वो भी एक पुलिस कर्मचारी द्वारा। ये घटना गोरखपुर जिले के गोला टाउन एरिया की है।
बाबा साहब अंबेडकर का अपमान
जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया (Social Media Video) पर काफी वायरल हो रहा है.. वीडियो में साफ दिख रहा है कि रात के अंधेरे में कैसे एक जातिवादी पुलिस वाला बाबा साहब के पोस्टर को न केवल फाड़ रहा है बल्कि उनके पोस्टर को आग के हवाले भी कर दिया। ये वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
पुलिस वाले के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही
वहीं दलित संगठन ने सीएम योगी (CM) की नियत पर ही सवाल उठाने शुरु कर दिये है कि जब बाबा साहब का अपमान ही कराना है तो फिर मूर्ति की देखभाव रखरखाव पर खर्च करने का ढोंग क्यों.. क्या ये केवल चुनावी हथकंडा है दलितो के वोट के लिए.. दलित समाज ने आरोपी पुलिस वाले के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की है। अब देखना ये होगा कि सरकार की इस पर क्या प्रतिक्रिया होती है।



