Top 5 Dalit news: आजाद को टक्कर देने के लिए घावरी ने थामा सपा का दामन, जून 2026 में भारत वापिस आने की दी जानकारी

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Top 5 Dalit news:  जहां एक तरफ दलित हमेशा से अपने लिए केवल सम्मान की लड़ाई लड़ रहे है, अपने हक के लिए लड़ रहे है, वहीं बार बार इनकी हार के पीछे भी कहीं न कहीं इन्ही के वो गद्दार लोग है जो थाली के बैंगन की तरह है, जहां फायदा दिखा वहीं मुड़ गए। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।

घावरी ने थामा सपा का दामन

1, दलितो से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद की तथाकथित एक्स गर्लफ्रेंड रोहिणी घावरी को लेकर है.. अब तक आजाद पर कई संगीन आरोप लगा कर सुर्खियों में रहनी वाली घावरी ने आजाद को टक्कर देने के लिए सवर्णों के बजाये यादवों का दामन थाम लिया है। जी हां, रोहिणी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से संधि कर के उनके लिए 200 चुनावी सभा करने की बात की है। एक तरफ वो आजाद पर संगीन आरोप लगाती रही है तो वहीं दूसरी तरफ आजाद शांति से केवल जनता के लिए अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है।

2027 के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ही आजाद अपने फुल एक्शन मोड में है, तो वहीं उनके इस विजय रथ को रोकने के लिए सपा रोहिणी घावरी का इस्तेमाल करने जा रही है। वैसे आजाद का अब तक कोई प्रतिक्रिया न करना भी घावरी को चिढ़ा सकता है,.. रोहिणी घावरी ने खुद खुलासा किया है कि वो सपा के लिए नॉन जाटव दलितों, वाल्मीकी और पासी समाज के लोगो को जोड़ने की तैयारी करने के लिए जून में भारत आने वाली है। इन तैयारियो के लिए वो करीब 200 सभायें करेंगी। ऐसे में देखना ये होगा कि अब तक दलितो को खरी खोटी कहने वाली घावरी को क्या यादव समाज में स्वीकार किया जायेगा.. कहीं ऐसा न हो कि इससे उनके सवर्ण फैंस ही उनके नाराज हो जायेँ।

गोरखपुर में सरेआम बाबा साहब का अपमान

2, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से है, जहां एक तरफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 14 अप्रैल को बाबा साहब अंबेडकर की जयंति को लेकर तमाम वादे और कार्यक्रम करने के ऐलान कर रहे है, तो वहीं उनके ही संसदीय क्षेत्र में बाबा साहब अंबेडकर का अपमान किया जा रहा है.. औऱ वो भी एक पुलिस कर्मचारी द्वारा। ये घटना गोरखपुर जिले के गोला टाउन एरिया की है, जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.. वीडियो में साफ दिख रहा है कि रात के अंधेरे में कैसे एक जातिवादी पुलिस वाला बाबा साहब के पोस्टर को न केवल फाड़ रहा है बल्कि उनके पोस्टर को आग के हवाले भी कर दिया

। ये वीडियो तेजी से वायरल हो रही है, वहीं दलित संगठन ने सीएम योगी की नियत पर ही सवाल उठाने शुरु कर दिये है कि जब बाबा साहब का अपमान ही कराना है तो फिर मूर्ति की देखभाव रखरखाव पर खर्च करने का ढोंग क्यों.. क्या ये केवल चुनावी हथकंडा है दलितो के वोट के लिए.. दलित समाज ने आरोपी पुलिस वाले के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की है। अब देखना ये होगा कि सरकार की इस पर क्या प्रतिक्रिया होती है।

ओडिशा में दलित पर लगा गौ मांस बनाने का आरोप

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला ओडिशा के कालाहांडी जिले से है जहां तथाकथित गौ रक्षकों ने एक दलित व्यक्ति को जूतों की माला पहना कर उसपर केवल इसीलिए गोबर डाला क्योंकि उन्हें शक था कि उसने बीफ बनाया था। ये घटना कालाहांडी के भवानीपटना कस्बे की है। दिल को झकझोर देने वाली इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे कुछ जातिवादी आतंकियों ने पीड़ित दलित व्यक्ति को जूतो की माला पहना कर उसके सिर पर कटोरा रखा गया, उसपर राख फेंकी गई और फिर उसपर बाल्टी भर कर गोबर उड़ेल दिया गया.. वहीं पास में उसके मांस भी रखा है, जिसे गौ मांस कहा जा रहा है।

हमला करने वाले लोगो को बजरंग दल का बताया जा रहा है, और ये वीडियो ओडिशा के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेता अमिया पांडव ने शेयर करते हुए पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्यवाई की मांग की है। वहीं हैरानी की बात है कि वीडियो के वायरल होने के बाद भी पुलिस की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में देखना ये होगा कि इस मामले के राजनीति रूप लेने के बाद पुलिस प्रशासन नींद से जागेगी या नहीं।

तेलंगाना में सतवाहन यूनिवर्सिटी में दलित उत्पीड़न

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला तेलंगाना के ‘सतवाहन यूनिवर्सिटी से है, जहां एक दलित महिला प्रोफेसर और एक छात्र पर कथित तौर पर माओवादी पार्टी से संबंध होने और उन्हें ‘शहरी नक्सली’ करार दिये जाने का मामला सामने आने के बाद से ही यूनिवर्सिटी में दलित उत्पीड़न का मामला तेजी से उछल रहा है। इस मुद्दे पर प्रताड़ित प्रोफेसर की शिकायत के बाद तेलंगाना सेव एजुकेशन कमेटी ने अब सतवाहन यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर को निर्देश दिये है कि समाजशास्त्र विभाग की प्रमुख, सुरेपल्ली सुजाता  और अर्थशास्त्र विभाग के दलित छात्र, कारिके महेश के खिलाफ की जा रही पर्सनल टिपप्णी पर तुरंत सख्त कार्यवाई करें।

कमेटी ने शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत उत्पीड़न रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से तुरंत दलित छात्रों और फैकल्टी के सुरक्षा मुहैया कराने और संस्थागत स्वायत्तता की रक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। ऐसे में देखना ये होगा कि कमेटी की सख्ती के बाद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर क्या कदम उठाते है..और क्या इससे दलित उत्पीड़न रूप पायेगा.. शायद इन्ही सब कारणों से यूजीसी के नए नियमों को लागू करना अनिवार्य है।

खड़गे को पागसल कहने का मामला बढ़ा

5, दलितो से जुड़ा अगला मामला बिहार से है, जहां असम में लगी आग की लपटे अब बिहार की धरती पर भी नजर आ रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ असम के सीएम हिमांता बिस्वा शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी का मामला अब काफी गरमाता जाता है। बिहार के सिवान में इस मामले को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने असम सीएम का पुतला फूंकते हुए नारे लगाये है। इतना ही नहीं इस मुद्दे पर सीधा आरएसएस और पीएम नरेंद्र मोदी को भी घेरा गया है। उन्होंने पीएम मोदी से जवाब मांगा है तो वहीं खड़गे के खिलाफ बयान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश बताई।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक वरिष्ठ दलित नेता के खिलाफ इस तरह का बयान केवल आरएसएस और बीजेपी की विकृत मानसिकता दर्शाती है। बता दें कि अभी हाल ही में खड़गे ने असम में चुनावी रैली में बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला था, जिसके बाद असम सीएम ने उनपर पलटवार करते हुए कहा कि खड़गे उम्र बढ़ने के कारण पागल जैसी बातें करने लगे है। जिसे लेकर कांग्रेस के राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने विरोध जताया था। हालांकि इस मुद्दे पर विपक्ष सीधा पीएम मोदी से सफाई चाहता है। ऐसे में देखना ये होगा कि एक वरिष्ठ दलित नेता पर हमला करना कहीं बीजेपी को भारी तो नहीं पड़ जायेगा।

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