Qatar News: बीते दिन भारत में बाबा साहेब की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई, वहीं दूर कतर से खबर आई कि वहां भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीम राव अंबेडकर की जयंती पर समारोह आयोजित किए गए।
क़तर में भी धूमधूम से मनाई गई आंबेडकर जयंती
अंबेडकर, जिनकी पूजा भारत के अलावा कई देशों में की जाती है, उनकी कई बड़ी मूर्तियां बनाई गई हैं। अमेरिका में भी उनकी कई फीट ऊंची एक भव्य मूर्ति बनाई गई है। वही भारत के बाहर एक गल्फ कंट्री कतर से एक खबर आयी है, जहां 14 अप्रैल को बाबा साहब की जयंती पर उनके सम्मान में चार चांद लगाते हुए केवल भारत में ही बल्कि कतर जैसे एक इस्लामिक देश में भी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तेलुगु दलित समुदाय ने पूरे जोश के साथ जयंति मनाई।
दलित संगठन को जयंती मनाने की परमिशन दी
हैरानी की बात है कि जहां भारत में बाबा साहब के नाम पर दंगे फसाद किये गए, उनका अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई, तो वहीं कहीं कहीं तो उनकी जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों को भी नहीं होने दिया गया वहीं कतर ने बाबा साहब के प्रति अपना सम्मान व्यक्ति करते हुए न केवल दलित संगठन को जयंती मनाने की परमिशन दी, साथ ही ये भी साबित किया कि कतर जैसे देश में भी बाबा साहब को कितना सम्मान प्राप्त है।
कतर के दलित मजदूरों के लिए लगातार काम कर
इसमें भारतीय दूतावास की भी बड़ी भूमिका रही है, जो कतर के दलित मजदूरों के लिए लगातार काम कर रहे है। वहीं भारतीय समुदाय के कल्याण से जुड़े एक प्रमुख संस्था ICBF के अध्यक्ष शनावस टी. बावा (Shanavas T. Bava) ने बताया कि उन्हें खुशी है कि कतर जैसे देशों में भारत की तरह दलितों को जातिगत भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ता, जिससे उनकी प्रतिभा का सही इस्तेमाल किया जाता है।
वहीं ‘जय भीम यूथ ऑर्गनाइज़ेशन’ (Jai Bhim Youth Organisation) के अध्यक्ष बाबू सिकोलू (President Babu Sikolu) भी इस कार्यकर्म में पहुंचे थे। ये हर क दलित के लिए बेहद गर्व की बात है कि बाहरी देशों में बाबा साहब को केवल सम्मान नहीं मिलता बल्कि दलित समुदाय भी समानता और सम्मान महसूस कर सकता है।



