महाराष्ट्र में बढ़ते जातिगत उत्पीड़न के बीच राहत का मरहम, केंद्रीय मंत्री ने सुझाया अंतरजातीय विवाह का फॉर्मूला

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Nagpur news: महाराष्ट्र के नागपुर से एक खबर सामने आई है, जहाँ केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। रवि भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई प्रमुख मुद्दों पर बेबाकी से बात करते हुए, उन्होंने बताया कि हाल ही में वे दत्ता मेघे के आवास पर उनके परिवार से मिलने गए थे।

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पीड़ित परिवार को 8 लाख रूपये मदद

नेताओं को अक्सर अपने भाषणों में बड़े-बड़े वादे करते देखा जाता है; हाल ही में ऐसा ही एक वादा महाराष्ट्र के नागपुर में आठवले ने किया है, जहां केंद्रिय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने दलित उत्पीड़न के शिकार लोगों को बड़ी राहत देने के लिए एक ऐलान किया है। उन्होंने नागपुर दौरे के दौरान एससी एसटी एक्ट के तहत अपराधिक उत्पीड़न सहने वाले लोगो के साथ सहानुभूति जताते हुए कहा कि अगर किसी दलित की हत्या होती है तो मुआवजे को तौर पर उसके परिवार को 8 लाख रूपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी जरूर दी जायेगी।

उन्होंने सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए अंतर-जातीय विवाहों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, और महिलाओं के लिए आरक्षण, छात्रवृत्तियाँ, दिव्यांगों के कल्याण तथा ‘रमाई आवास योजना’ से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। राजनीतिक मामलों पर बात करते हुए, उन्होंने दावा किया कि में NDA एक बार फिर सरकार बनाएगी।

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अंतर-जातीय विवाहों की आवश्यकता

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस भेदभाव को कम करने के लिए अंतरजातीय विवाह होने चाहिए.. तभी दलित और अन्य जातिय एकजुट हो पायेगी। इसके अलावा कई और योजनाएं भी नागपुर में लागू होने वाली है। उन्होंने लगे हाथों महिला आरक्षण को फिर से लागू न कर पाने का अफसोस जताया तो वहीं पीएम मोदी की इस संकट में संयम से लोगो को जागरूक करने की तारीफ भी कर दी।

हालांकि हम इस बात को भी इग्नोर नही कर सकते है कि महाराष्ट्र में जातिगत उत्पीड़न की खबरें तेजी से बढ़ रही है.. और ये मुआवजा अपराध होने के बाद मिलेगा.. यानि की दलितो के खिलाफ अपराध तो होंगे ही.. फिर इसके लिए क्या कर रही है सरकार।

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