Top 5 Dalit news: लोग कहते है कि भारत विकास कर रहा है, लेकिन यहां तो ऐसा लग रहा है कि जैसे जैसे बाहरी तौर पर विकास की गाड़ी आगे बढ़ रही है वैसे वैसे जातिवादी लोगों को मानसिकता और ज्यादा गर्त में जा रहीं है। दलितों को संविधान ने बराबरी तो दे दी है, लेकिन वास्तविकता में आज भी दलित अछूत और अपवित्र होने से ज्यादा कुछ नहीं समझे जाते। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाले घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जो भले ही सोशल मीडिया के कारण लोगों तक पहुंच तो गया है लेकिन सही मायने में दलितों की स्थिति पर चर्चा नहीं की जाती।
लखनऊ में इलाज के दौरान दलित लड़की का बलात्कार
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से है जहां एक बीमार दलित युवती इलाज कराने जिस अस्पताल गई थी, वहीं डॉक्टर ने उसे अपनी हवस का शिकार बना लिया। ये मामला लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र के एक निजी तेजस अस्पताल का है। पीड़ित ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा वो इलाज के लिए अस्पताल गई थी, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर ने बहाने से उसे ऑपरेशन थिएटर में बुलाया, और नशीली दवा दे कर बेहोश कर दिया।
जिसके बाद आरोपी ने इसका दुष्कर्म किया। पुलिस को जैसे ही इसकी जानकारी मिली , उन्होंने बिना देरी के जांच शुरू कर दी, वहीं एक अस्पताल में डॉक्टर द्वारा ऐसी वीभत्स घटना को अंजाम देने की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई, जिसके बाद सह स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सख्त रुख अपनायाते हुए तेजस अस्पताल को अनिश्चितकाल के लिये सील करने और आरोपी डॉक्टर विजय गिरी का मेडिकल लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं पुलिस ने बिना किसी देरी के आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की आगे की जांच जारी है, साथ ही ये भी छानबीन की जा रही है कि आरोपी ने इससे पहले कभी ऐसी हरकतें तो नहीं की थी। अब देखना ये होगा कि इस खुलासे के बाद पुलिस को और क्या क्या सुराग मिलते है।
रोहिणी घावरी ने भीम आर्मी चीफ को कहा दलाल
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद पर संगीन और घिनौने आरोप लगा कर फेमस होने वाली उनकी कथित एक्स प्रेमिका रोहिणी घावरी को लेकर है। जो अब तक आजाद को बीजेपी का प्यादा बोल रही थी, अमित शाह का बेटा बोल रही थी, लेकिन अब बीजेपी के प्रति अपनी नफरत को खुल कर जाहिर कर चुकी है। घावरी ने कहा कि वो बीजेपी से तब से ही नफरत करती है जब उन्हें पुलिस स्टेशन के बाहर 10 घंटे इंतजार करना पड़ा, ये बीजेपी के इशारों पर किया गया था।
जो कि एक दलाल को बचाने में लगी है, देश का कानून बीजेपी के हाथों में है, बीजेपी हटाओ. देश बचाओ.. घावरी ने आजाद को दलाल कहा है जिसे बीजेपी बचा रही है, ताकि वो दलितों के वोटों पर बीजेपी के लिए सेंध लगा सकें, लेकिन जैसे ही बीजेपी जायेगी, आजाद बच नहीं सकेंगे। बता दें कि आजाद को लेकर वो अक्सर विवाददित टिप्पणी करती रहती है, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर घावरी ने सपा का साथ देकर आजाद से अपनी दुश्मनी का ऐलान भी कर दिया है। अब देखना ये होगा कि क्या घावरी के इन आरोपो का विधानसभा चुनावों पर कोई पड़ेगा.. या सपा को रोहिणी घावरी से हाथ मिलाने में कोई फायदा होगा।
लूटपाट और मारपीट का शिकार हुआ दलित युवक
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से है, जहां एक दलित युवक के साथ पहले तो लूटपाट और मारपीट की गई, और जब वो पुलिस स्टेशन में शिकायत लेके पहुंचा तो उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानिक करते हुए पूछा गया कि उसके खानदान में किसी ने कभी सोने की चैन पहनी है। ये मामला फतेहपुर के मालवा थाना क्षेत्र के उमरा गांव की है, पीड़ित ब्रजेश ने बताया कि वो एक सैलून की दुकान चलाता है, और 10 अप्रैल को वो दुकान बंद कर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में चार लोगो ने उसके साथ मारपीट की, उसकी सोने की चैन और नगदी लूट ली।
पीड़ित ने तुरंत थाने के सीओ से शिकायत की, लेकिन हैरानी की बात है की 1 महीने से ज्यादा का समय हो गया है कि लेकिन सीओ ने कोई जांच नहीं की है..वहीं आते जाते आरोपी उसे तंग कर रहे है कि वो मामला वापिस ले लें, पीड़ित ने जब सीओ से मदद की गुहार लगाई तो उसने पीड़ित को ही अपमानित किया.. ब्रजेश पर लगातार दवाब बनाया जा रहा है कि वो इस मामले को वापिस ले लें, नहीं तो उल्टा उसे ही फंसा दिया जायेगा। इस घटना का एक वीडिय़ो भी काफी वायरल हो रहा है।
वहीं जब पीड़ित को कोई रास्ता नहीं दिखा तो वो डीएम के पास अर्जी लेकर पहुंचा जहां उसने रो रो कर आपबीती सुनाई। इतना ही नहीं पीड़ित ने कहा कि वो एक परिवार से है, उसकी लूटा हुआ सामान वापिस करा दिया जायें, और उसे प्रताड़ित करना बंद किया जायें नहीं तो आत्महत्या कर लेगा। हैरानी की बात है कि जिन पुलिस वालो को पीड़ितो की मदद करनी चाहिए थी वो ही उन्हें इतना प्रताड़ित कर रहे है कि पीड़ित आत्महत्या तक करने की बात कर रहा है, तो फिर न्याय के लिए कहां जायें पीड़ित।
सहारनपुर में दलित नाबालिक के साथ पुजारी की घिनौनी हरकत
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला यूपी के ही सहारनपुर से है, जहां एक दलित बच्ची मंदिर में पूजा करने क्या गई, मंदिर के पुजारी की नियत ही खराब हो गई… उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। ये मामला सहारनपुर के थाना देहात कोतवाली अंतर्गत गाँव संखलापुरी का है, पीड़िता नाबालिग है.. हैरानी की बात है कि पहले तो दलितों को मंदिर में प्रवेश ही नहीं करने दिया जाता था.. लेकिन अब अगर प्रवेश भी मिल रहा है तो वहां भी वो सुरक्षित नही है। बच्ची किसी तरह से बच कर भागी, और बदहवास हालत मे घर पहुंच कर सारी घटना की जानकारी दी।
जिसके बाद परिजनो ने बिना किसी देरी के पुलिस थाने में पुजारी के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया.. पुलिस में मामले को संज्ञान में लेते ही जांच शुरु कर दी है, साथ ही आरोपी पुजारी की भी तलाश कर रही है.. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर दलितो को मंदिर में प्रवेश करने की इजाजत देने के पीछे की मानसिकता क्या है.. क्योंकि मंदिरों में भी अगर उनका शोषण होना है तो वो मंदिर से दूर ही रहे।
सागर में शराब माफियाओं का दबदबा
5, दलितो से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के सागर से है, जहां शराब माफियाओं ने दो भीम आर्मी कार्यकर्ताओं की इसलिए निर्मम हत्या कर दी क्योंकि उन्हें शक था कि वो पुलिस के लिए मुखबिरी कर रहे है। ये मामला 8 मई का है, जब नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से लौट रहे थे तभी उन पर 10-12 लोगो ने हमला कर दिया। उन्हें बुरी तरह से पीटा और मरने के लिए सड़क किनारे छोड़ दिया.. जहां नीजर प्रजापति की मौत हो गई और सूरज अहिरवार की इलाज के दौरान मौत हो गई.. लेकिन मरने से पहले उसने चार आरोपियों के नाम बतायें थे।
इस घटना से राज्य में शराब माफियाओं के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा और उन लोगो ने चक्का जाम कर दिया है, भीम आर्मी के कार्यकर्ता मृतको के न्याय के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे है, वहीं पीड़ित परिवार से मिलने के लिए भीम आर्मी कार्यकर्ता सूरज अहिरवार के घर पहुंचे और वीडियो कॉल के माध्यम से भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह से बात कराई है।
उन्होंने आश्वासन दिया है कि वो अपनी कर्मठ सिपाही की मौत जाया नहीं जाने देंगे, और सागर में फैलते अवैध शराब के गढ़ को खत्म करके दम लेंगे। हैरानी की बात है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी अब तक एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नही आया है. जैसे पुलिस कोई जांच कर ही नहीं रही है.. अब देखना ये होगा कि क्या वाकई में पुलिस चाहती भी है कि आरोपी सलाखों के पीछे आये या इसमें भी कुछ मिलीभगत है।



