Top 5 Dalit news: बाबा साहब आंबेडकर ने कहा था कि किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व की तुलना उसकी जाति से नहीं बल्कि उनकी काबिलियत को देखकर होनी चाहिए लेकिन यहां तो इसी स्थिति है कि जिंदा तो जिंदा मारने के बाद भी अछूतों की जाति जाती नहीं है। न तो उन्हें बराबरी का श्मशान मिलता है और न ही सम्मान की अंतिम यात्रा। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जिसे जानने के बाद आपकी भी रूह कांप जाएगी, आप भी ये सोचने पर मजबूर जो जायेंगे कि आखिर कौन सी सदी में रह रहे है हम।
मध्य प्रदेश में मानवता शर्मसार
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला मध्य प्रदेश से है, जहां जातिवादी मानसिकता की कुंठा इस कदर लोगों पर हावी हो चुकी है कि जिंदा व्यक्तियों के साथ तो जो अत्याचार और छुआछूत करते है वो तो छोड़िए यहां तो अब मरने के बाद भी दलितों की चिता को शांति से जलने नहीं देते है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें कुछ पुलिस वाले एक छोटा को आधे में ही बुझाने की कोशिश कर रहे है और दलित समाज के लोग गिड़गिड़ा रहे है कि वो ऐसा न करें, जबकि वो श्मशान दलितों के लिए ही बना है, लेकिन उसके पास ही बने ब्राह्मणों के श्मशान में दलितों की चिता का धुआं न चला जाये इसलिए ये सारा हंगामा किया गया।
यानी कि मरने के बाद भी छुआछूत नहीं जाता, ऐसा लगता है कि कैसे दलितों के जलने के बाद चिता राख बनती है और ब्राह्मणों की चिता फूल के बदल जाती होगी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर एक जंग ही छिड़ गई है वहीं पुलिस वालों की संलिप्तता होने के बाद ये मामल और गरमा गया है, ऐसे में देखना ये होगा कि पुलिस वाले आखिर क्यों ब्राह्मणों का साथ दे रहे है, और क्या है इसके पीछे की पुलिस की सफाई। इस मामले में सरकार का क्या रवैया होता है, ये भी देखने वाली बात होगी।
पानी लेने गई किशोरी से दुष्कर्म
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के एटा से है, जहां पानी लेने गई दलित किशोरी को पहले अगवा किया गया और फिर इसके साथ दुष्कर्म करके उसे गांव के बाहर फेंक कर चले गए। ये मामला एटा के मारहरा के एक गांव का है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर दी कि उनकी बेटी सार्वजनिक नल से पानी लेने गई थी, इस दौरान नगरिया ताड का रहने वाला आरोपी लवकेश अपने तीन साथियों के साथ वहां आया और उसने पीड़िता का मुंह दबा कर उसे अगवा किया और फिर सुनसान जगह पर ले जाकर उनका दुष्कर्म किया। इधर परिवार वाले लगातार महिला कi तलाश कर रहे लेकिn करीब 2.30 घंटे बाद पीड़िता गांव के बाहर बेहोश मिली।
पीड़िता ने सारी आपबीती परिवार वालों को बताई। इस घटना से गांव वालों ने काफी रोष है, वहीं एस ओ मारहरा केके लोधी ने बताया कि इस मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है जिसके कारण गांव वाले काफी आक्रोशित है और प्रदर्शन को धमकी दे रहे है। अब देखना ये होगा कि क्या पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करेगी या फिर से दलितों को न्याय के लिए आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा।
नीट की दलित छात्रा से दुष्कर्म का मामला गरमाया
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश की छतरपुर की रहने वाली एक दलित नीट की छात्रा को लेकर है, जो यूपी के महोबा में पढ़ने के लिए आई थी लेकिन उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि वो यहां एक अमानवीय घटना का शिकार हो जाएगी, और उसके तकलीफो का राजनीतिकरण किया जाएगा। दरअसल पीड़िता छतरपुर से महोबा रहने आई थी लेकिन 30 अप्रैल को जब वो लाइब्रेरी से घर लौट रही थी तब उसका अपहरण हो गया था, घरवालों की शिकायत पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की लेकिन 16 दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस को पीड़िता 16 दिनों के बाद मिली। इलाज के दौरान पीड़िता ने प्रताड़ित करने और दुष्कर्म करने जैसे संगीन खुलासे किये है।
वहीं पुलिस ने अब तक पांचों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जिसमें मुख्य आरोपी श्रीवास और अजेश पीड़िता के ही गांव के रहने वाले है। वहीं पीड़िता की कुछ पिक्चर वायरल हो रही है जिसमें दिखाया जा रहा है कि उसने मुख्य आरोपी से शादी से की , लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया है ये पिक्चर AI जनरेटेड है, ताकि मामले को दूसरी तरफ मोड़ा जाए, लेकिन पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए नहीं तो वो इसके लिए आंदोलन करेंगे। अब देखना ये होगा कि क्या इस मामले में पीड़िता को सही न्याय मिलेगा।
चंद्र शेखर आजाद ने रिचा अनिरूद्ध को घेरा
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है जिन्होंने एससी एसटी एक्ट के दुरुपयोग को लेकर होने वाले विवाद पर एक्टिविस्ट रिचा अनिरुद्ध को करारा जवाब दिया है। आजाद ने कहा कि एससीएसटी कानून के दुरुपयोग की बातें बहुत उठायी जाती है लेकिन सच तो ये है कि ये शोषित-वंचित समाज को मिले कानूनी सुरक्षा कवच को बदनाम कर उसे कमजोर करने की साजिश है। आजाद ने कहा कि जरा वो ये बताए कि किस कानून का दुरुपयोग नहीं हुआ है, फिर scst एक्ट पर ही इतना शोर क्यों किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जातिवाद के नाम पर बने नियमों का दुरुपयोग, राज्य की शक्तियों का दुरुपयोग, होता ही रहता है फिर इस पर शोर क्यों नहीं, निर्दोष लोगों को फंसा दिया जाता है, सालों मुकदमे चलते हैं, तो क्या राज्य की व्यवस्था खत्म कर अराजकता को स्वीकार कर लिया जाए? हर किसी को न्याय पाने का अधिकार है। सच तो ये है कि परेशानी एससीएसटी कानून से नहीं है बल्कि जातिवादी मानसिकता ही ऐसी है जिसमें दलितों, आदिवासियों और वंचितों का बराबरी से जीना आज भी स्वीकार नहीं किया जाता। इस कानून को निशाना बना कर भ्रम फैलाया जा रहा है। वैसे आजाद ने जिस तरह से करारा जवाब दिया है, इसके बाद काफी लोगों को आंखे जरूर खुल गई होगी। वैसे आजाद की बात से आप कितने सहमत है।
सुल्तानपुर में बाबा साहब का फिर से अपमान
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से है, जहां बाबा साहब को गालियां दे कर एक बार फिर से जातिवादियों ने खुद को फेमस करने की घिनौनी साजिश की है। ऐसा लगता है जैसे ये ट्रेंड बन गया है, की बाबा साहब को गालियां दो, उनके लिए अपशब्द कहोगे तो आप फेमस हो जाओगे, सोशल मीडिया पर फिर से एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें रामू,हर्षित दुबे,रमन” नाम के तीन युवक बाबा साहब को गालियां दे रहे है।
ये मामला सुल्तानपुर के कुड़वार थाना के राजापुर गांव का है। इस मामले में बहुजन सेना ने आवाज उठाई है और तुरंत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। हैरानी की बात है कि बाबा साहब जैसी शख्सियत के नाम पर इस तरह का घिनौना वीडियो आये दिन सोशल मिडिया पर आते है लेकिन क्यों इसकी रोकथाम के लिए कोई शक्त कानून नहीं बनता। आपको क्या लगता है क्या है इसके पीछे की मंशा।



