UP Crime: मुरादाबाद में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग, 5 महीने बाद सिर पर सजने का था सेहरा चली गई जान

Murder case, Tehri Garhwali
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UP Crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई, जहां एक दलित युवक की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक का परिवार मौत के बाद से सदमे में है और न्याय की मांग कर रहा है। मौके से मिली खबरों के मुताबिक, पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है।

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दिनदहाड़े दलित युवक की हत्या

क्या जुर्म इतना आसान हो गया है कि आप जब चाहें, जहां चाहें, किसी को भी मार सकते हैं? दलितों के साथ हर दिन यही होता है,उन्हें दिनदहाड़े गोली मारकर मार दिया जाता है। ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश (UP) के मुरादाबाद (Moradabad) से है, जहां दिनदहाड़े पुरानी रंजिश के चलते दो दबंगो ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, लेकिन जिस पर गोलियां चली थी, उसके जगह एक निर्दोश की मौत हो गई.. सबसे ज्यादा दुख की बात तो ये है कि मृतक की पांच महीने बाद शादी थी.. ये मामला मुरादाबाद (Moradabad) के कुंदरकी थाना क्षेत्र (Kundarki police station area) के छतरपुर खंनुपुर गांव (Chhatarpur Khanupur Village) की है।

ताबड़तोड़ गोली लगने से गई जान

पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान 23 साल के अंकित के रूप में हुई है, जो चार भाईयो में सबसे छोटा था, सुबह 6.30 बजे के करीब वो सो कर उठा था और घर की चौखट पर बैठा था तभी गोलीबारी शुरु हुई..ये गोलीबारी असल में गांव के ही दो भाईयो निखिल और विशाल ने शुरु की, जब एक जमीन को लेकर दोनों की कई साल पहले सुखबीर नाम के शख्स से दुश्मनी हो गई थी। घटना वाले दिन भी सुखबीर के बेटे आशीष से दोनो आरोपियों की बहस हुई थी, और दोनों ने गोली आशीष पर ही चलाई थी। लेकिन एक गोली अंकित के गले में जा लगी और उसने चौखट पर ही दम तोड़ दिया।

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वहीं आशीष को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा गांव वालों का कहना है कि अंकित की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि सोची समझी साजिश है, क्यों कि 3 साल पहले उसके भाई रोनू ने दोनो आरोपियो के खिलाफ दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था, जिससे दोनो अंकित के परिवार से चिढ़ते थे।

वही घटना की जानकारी मिलते ही एक तरफ डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया और एसएसपी सतपाल अंतिल मौका ए वारदात पर पहुंचे तो वहीं भीम आर्मी भी वहां पहुंच कर पूरी घटना पर पुलिस को निष्पक्ष जांच के लिए कह रही है। वहीं दोनो आरोपी फिलहाल फरार है, अब देखना ये होगा कि अंकित की मौत वाकई में साजिश थी या हादसा.. ये तो तभी पता चलेगा जब दोनो आरोपी पुलिस के शिकंजे में होंगे।

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