Top 5 Dalit news: समाज में बदलाव चाहिए तो सबसे पहले खुद को बदलना जरूरी है, तभी लोग प्रेरित होंगे। हालांकि भले ही समाज में जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई चल रही हो, लेकिन सवाल ये है कि क्या जो भेदभाव के खिलाफ लड़ रहे है वो खुद जातिगत भेदभाव से दूर हो गए है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जो समाज में दलितों के प्रति वाकई में कितनी सोच बदली है उसकी सच्चाई सामने ला देगा।
आसपा प्रमुख चंद्र शेखर आजाद का बड़ा एक्शन
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है। जो इस वक्त पहुंचे हुए है लखनऊ, और आगामी विधानसभा चुनावों में आसपा से टिकट लेकर चुनाव लड़ने का सपना देखने वाले का कड़ा टेस्ट ले रहे है। आजाद प्रत्याशियों का खुद इंटरव्यू ले रहे है और एक-एक उम्मीदवार को करीब 20 मिनट तक तीखे सवालों की कसौटी पर कसा जा रहा है। चंद्रशेखर खुद प्रत्याशियों से सीधे और तीखे सवाल पूछ रहे हैं, जैसे “तुम्हारी सीट का जातीय गणित क्या है?”, “जनता के बीच तुम्हारी पकड़ कितनी मजबूत है?” और “जीतने का सटीक प्लान क्या है?” इतना ही नहीं आजाद ने प्रत्याशियों को अपनी विधानसभा में 25,000 नए सदस्य जोड़ने का कड़ा टास्क भी दे दिया है।
आजाद का खुद प्रत्याशियों का इंटरव्यू लेना साफ़ संदेश दे रहा है कि जो वाकई में जमीन स्तर पर पसीना बहाएगा, जनता से जुड़ेगा, टिकट भी उसी को मिलेगा। बता दें अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों में बिना किसी बड़े दल के सहारे, आजाद ने अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। जिसके लिए वो दिनरात एक करके मेहनत कर रहे है। अब देखना ये होगा कि आजाद का ये एक्शन जनता का ध्यान उनकी पार्टी की तरफ कितना लेकर जाता है।
ललितपुर में दलित युवक की पीट पीट कर हत्या
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के ललितपुर से है, जहां तीन शराबियों ने एक दलित युवक की केवल इसलिए पीट पीट कर हत्या कर दी, क्योंकि उसने उनलोगों के पैरों की मालिश करने से इनकार दिया था। इतना ही नहीं ये मौत हादसा लगे इसलिए मृतक का शव सड़क पर फेंक कर भाग गए। ये मामला ललित कोतवाली क्षेत्र के वर्णी जैन कॉलेज के पास गुरुनानक धर्मशाला के सामने हुई है। पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि धर्मशाला के पास किसी का शव मिला है। जिसकी पहचान राजकुमार के रूप में हुई। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि वो पास के ही राही जैन के घर पार्टी में गया हुआ था।
पुलिस ने तुरंत राही जैन के घर पूछताछ की तो वो टूट गया और उसने सच्चाई बता दी। उसने खुलासा किया कि वो और उसके दो साथियों ने गजेंद्र नरवरिया और गौरव रैकवार ने पहले शराब पी थी और फिर राजकुमार को पैसे की मालिश करने के लिए कहा था मगर राजकुमार ने इनकार कर दिया। जिससे नाराज तीनों आरोपियों ने बेल्ट और रॉड से ऊपर हमला कर दिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। जिसे हादसा दिखाने के लिए उन लोगों ने उसके शव को सड़क पर फेंक दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। और आगे की जांच जारी है।
विजयनगर में दलित ईसाइयों के अधिकाओं की मांग फिर उठी
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला आंध्र प्रदेश के विजयनगर से है, जहां दलित ईसाइयों ने एक बार फिर से अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाते हुए चलो एलुरु आंदोलन की शुरुआत करने का फैसला किया है। इस आंदोलन को साउथ इंडिया बैपटिस्ट एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष आर.एस. जॉन ने शुरू किया है। उन्होंने 28 जून को राज्य की सभी दलित ईसाइयों को दलित ईसाई संकल्प सभा में भाग लेने के लिए आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस सभा का एक ही मुद्दा है कि देश के अभी धर्मांतरित ईसाइयों के अधिकारों की रक्षा के सरकार पर दबाव बनाया जा सकें।
उम्मीद की जा रही है कि 28 जून को होने वाले एलुरु सम्मेलन में 5,000 से ज्यादा दलित ईसाई पहुंच सकते है। बता दें कि पिछले कुछ सालों से लगातार दलित ईसाई सरकार ने अपने लिए एससीएसटी कानून के तहत मिलने वाले लाभों को उन्हें भी देने की मांग कर रहे है तो वहीं सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इससे इनकार कर दिया है। बावजूद इसके दलित ईसाई अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे है। अब देखना ये होगा कि क्या इन संघर्षों के बाद सरकार दलित ईसाइयों को लेकर अपना रुख बदलेगी। वैसे आपको क्या लगता है दलित ईसाइयों को भी एससीएसटी कानून का लाभ दिया जाना चाहिए।
कौशांबी में दलित परिवार पर हमला
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कौशांबी से है, जहां जातिगत भेदभाव के चलते एक दलित परिवार पर कई बार हमला किया गया, लेकिन इस बार दबंगों ने हद कर दी। इस बार उनलोगों ने पीड़ित परिवार के नाबालिग बच्चे को निशाना बनाया और जातिसूचक गालियां देने के साथ साथ उसे बुरी तरह से पीटा। इतना ही नहीं दबंगों ने धमकी भी दी कि अगर पुलिस को शिकायत की तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। ये मामला कौशांबी जिले पश्चिम शरीर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बैरासपुर गांव की है।
पीड़ित बच्चे की माँ सीमा देवी ने पुलिस को तहरीर दी कि 12 जून 2026 को जब वो अपने बेटे के साथ घर पर थी तभी कुछ दबंग उसके घर में जबरन घुस गए और जातिसूचक गालियां देने लगे। लेकिन उसके बेटे ने इनलोगों का विरोध किया जिससे गुस्साए आरोपियों ने उसके बेटे पर लाठियों से हमला कर दिया जिससे वो बेहोश हो गया, इतना ही नहीं जब सीमा देवी ने बेटे का बचाव करना चाहा तो उस पर भी हमला कर दिया। जब शोर सुन कर भीड़ जमा होने लगी तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
पीड़िता ने बताया कि ये पहली बार नहीं हुआ, बल्कि कई बार हमला किया है लेकिन इस बार हद हो गई जिसके कारण पुलिस का सहारा लेना पड़ा। हालांकि पुलिस ने सख्त कार्रवाई के आश्वासन दिए है लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है, ऐसे में देखना ये होगा कि पुलिस वाकई ने कोई एक्शन ले रही है या सिर्फ बातें ही की का रही है।
बांका जिले में दलित परामर्श केंद्र खुला
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के बांका जिला से है, जहां दलितों को उनके अधिकारों के लिए जागरूक करने के लिए परामर्श केंद्र खोला गया है। राज्य सरकार ने दलितों और पिछड़ों को सरकारी लाभ से जुड़ी जानकारी के प्रति जागरूक करने के इस योजना को शुरू किया है। जिससे अब से दलितों को जानकारी के लिए दर दर ठोकरे नहीं खानी पड़ेगी। इस केंद्र को बाँका जिले के चांदन प्रखंड मुख्यालय के डाक बंगला में दलित मुक्ति मिशन के निदेशक महेंद्र कुमार रोशन के हाथों से शुरू किया गया। इस केंद्र के खुलने से दलित अधिकारों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और एससीएसटी के साथ साथ ओबीसी समाज के लोगों को भी कानूनी सहायता दी जाएगी।
इस केंद्र में केवल निशुल्क सलाह ही नहीं मिलेगी बल्कि अगर किसी को किसी तरह का आवेदन लिखना है तो वो यहां लिखा जाएगा। ऐसा करने से दलित समाज के लोगों को मजबूती मिलेगी, और उन्हें कोई भी जानकारी समय पर मिल जाएगी। सरकार की इस पहल की काफी तारीफ हो रही है। अब देखना ये होगा कि इस तरह के परामर्श केंद्र बिहार में और कितने खोले जाते है। ताकि दलितों का भला हो सकें।



