Top 5 Dalit news: आखिर कब तक जाति के नाम पर मासूमों की बलि दी जायेगी.. आखिर भारत का कानून दलितों की रक्षा करने में इतना नाकाम साबित क्यों हो रहा है.. क्या है वजह कि संविधान में तो बराबरी मिली है लेकिन जमीनी तौर पर आज भी वो सम्मान और सांस, दोनो के लिए लड़ रहे है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है.. जो उस भयावाह सच का पर्दाफाश कर रहा है, जहां दलित आज भी बराबरी से ज्यादा जिंदा रहने के लिए ही संघर्ष कर रहे है।
बिहार के मुजफ्फरपुर में हॉनर किलिंग
1, दलितो से जुड़ा पहला मामला बिहार के मुजफ्फरपुर से है, जहां हॉनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है, इतना ही नहीं हत्या करने वाले भाई ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि बहन ने दलित युवक से भागकर शादी कर ली थी, जिससे समाज में उनके परिवार को काफी अपमान का सामना करना पड़ा था, जिससे गुस्सा होकर खुद भाई ने बहन की गला दबा कर हत्या कर दी। ये मामला मुजफ्फरपुर से सिवाई पट्टी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने बताया कि मृतका सुजाता कुमारी घसौंत गांव में अपने मामा के यहां रह कर पढ़ती थी, यहीं उसका अफेयर दलित जाति से आने वाले गौरी शंकर कुमार के साथ शुरु हो गया था, औऱ 18 जनवरी 2026 को दोनो घर से भाग गये थे।
घरवालो ने अपहरण का मामला दर्ज कराया
लड़की के घरवालो ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने गौरी शंकर की खोजबीन की तो पता चला कि वो हरियाणा में रह रहे है और दोनो ने शादी कर ली है, लेकिन 11 फरवरी को पुलिस को दोनो का पता चला और वो दोनो को वापिस बिहार ले आये, जहां युवक पर अपहरण का मामला चला कर जेल भेज दिया और लड़की को जबरन उसकी मौसी के घर भेज दिया गया। गौरी शंकर ने जेल से बाहर आने के बाद सुजाता से बात करने की कोशिश की थी लेकिन 31 मार्च को उसकी अंतिम बात हुई थी।
उसे किसी अनहोनी का डर सताने लगा तो उसने पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन पुलिस की आनाकानी देखकर उसने आत्मदाह की धमकी दी, जिसके बाद पुलिस सकते में आ गई। तुरंत जांच की गई तो लड़की गायब मिली, जिसके बाद लड़की के भाई को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद खुलासा हुआ कि उसने और उसके कुछ साथियों ने लड़की की गला दबा कर हत्या कर दी। पुलिस भी इस खुलासे से हैरान है.. अब पीड़ित पति अपनी पत्नी के लिए न्याय चाहता है, ऐसे में देखना ये होगा कि पुलिस की जांच के बाद कौन कौन सामने आता है।
धामपुर में बुल्डोजर एक्शन के बाद आजाद का रिएक्शन
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के धामपुर से है। वैसे तो यूपी में बुलडोजर एक्शन को काफी सराह जाता है ,लेकिन इस बार सरकार की चाल उनपर भारी पड़ गई है क्योंकि इस बार बुलडोजर का एक्शन हुआ है दलितों के नए मसीहा और नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद के गृह क्षेत्र में। बस फिर क्या था, आजाद ने पहुंच कर आखिरकार कर दिए अधिकारियों से वो सवाल, जो अक्सर बुलडोजर एक्शन के बाद दबा दिए जाते है। सोशल मीडिया पर अजाद का वीडियो काफी वायरल हो रहा है।
दरअसल धामपुर में बिना किसी सरकारी नोटिस के ही नासिर बाबा पीर मजार की दीवार पर प्रशासन की तरफ से बुलडोजर चलवा दिया गया, यहां तक की जनप्रतिनिधि ने सीओ औऱ तहसीलदार को फोन किया तो उन लोगो ने फोन काट दिया, जिसके बाद आजाद खुद धामपुर पहुंच गए औऱ बता दिया कि एक सांसद की ताकत क्या है। आजाद ने न केवल पीड़ितों की गुहार सुनी, बल्कि सीओ और तहसीलदार की जमकर क्लास भी लगाई। उन्होंने साफ कहा कि अब किसी अफसर की गुंडागर्दी नहीं चलेगी। जनता के हक और सम्मान से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों को हर हाल में जवाबदेह होना ही पड़ेगा।
आजाद का ये गुस्सा बता रहा है कि पीड़ितों के साथ अन्याय नहीं होगा, चाहे वो दलित हो, पिछड़े हो या अल्पसंख्यक, जो आजाद से मदद मांगेगा, आजाद खुद उनके लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने गरजते हुए कहा कि न्याय होगा, किसी की मनमानी नहीं चलेगी! आजाद का खुद धामपुर आकर पीड़ितो के लड़ना बता रहा है कि वाकई में उनकी सरकार में पुलिस की चाल भी बदल जायेगी.. अब देखना ये होगा कि 2027 के विधानसभा चुनावो के परिणाम क्या कहते है, इस वक्त तो आजाद के एक्शन से जनता काफी खुश है।
विजयवाड़ा में दलित युवक का वीडियो वायरल
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा से है, जहां एक पुलिस वाले ने एक दलित युवक को इतना ज्यादा प्रताड़ित किया कि उसने आत्महत्या करने जैसे संगीन कदम उठा लिया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.. जिसमें विजयवाड़ा के आंध्र मदिगा आरक्षण पोराटा समिति (एमआरपीएस) के अध्यक्ष पेरुपोगु वेंकटेश्वर राव के बेटे पेरुपोगु क्रांति कुमार ने साफ तौर पर कहा कि उनका कसूर केवल इतना है कि वो मदिगा समुदाय में पैदा हुए है, इसलिए कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर (सीआई) नागराजू जैसे लोग उन्हें प्रताड़ित करते है।
उन्होंने ये भी खुलासा किया कि पिछले 3 महीने से सीआई उन्हें निशाना बना रहा था, उनके साथ मारपीट, जातिगत भेदभाव किया जा रहा था। ये वीडियो 21 मई को ही रिकॉर्ड की गई थी, लेकिन वायरल 18 जून को हुई। वहीं वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि मृतक ने कोई जहरीली चीज भी खाई थी। वहीं मृतक की मां ने भी सीआई पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे को पकड़ कर कस्टडी में इतना प्रताड़ित किया गया कि उसकी मौत हो गई।
बता दें कि मृतक करीब एक महीने तक लापता भी रहा था, वहीं आरोपी नागराजू इस वक्त भी गाडे साई कृष्णा नाम के व्यक्ति के लापता होने के मामले में निलंबित है। एक छोड़िये दो दो लोगों के अचानक लापता होने में नागराजू का शामिल होना साफ इशारा है कि दाल में कुछ काला है। फिलहाल इस मामले में खुद सीएम ने जांच के आदेश दिये है। अब देखना ये होगा कि दलित युवक की मौत को पीछे क्या केवल नागराजू ही था और कई और सच्चाई से पर्दा उठेगा।
छत्तरपुर में पुलिस की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के छत्तरपुर से है, जहां जातिवादि आतंकी आज भी दलितों को खुशिया मनाते, उन्हें हंसते नाचते नहीं देख सकते है। वो हर संभव कोशिश करते है कि आखिर ऐसी कौन सी ओच्छी हरकत करें कि दलितों की खुशिया मातम में बदल जायें। ताजा मामला छतरपुर जिले के ईशानगर थाना क्षेत्र के बौड़ा गांव का है, जहां दलित युवक की घोड़ी पर बारात लेकर क्या निकला, जातिवादियों ने हंगामा करना शुरु कर दिया। दबंग इससे पहले कि कोई बड़ा नुकसान कर पाते, पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को बुला लिया।
पीड़ित उमराव अहिरवार ने पुलिस को तहरीर दी कि उनके बेटे अजय अहिरवार की बारात निकलनी थी, उससे पहले उनके यहां राछ की रस्म होती है, इस रस्म के लिए उनका बेटा घोड़ी पर बैठा था लेकिन उसे घोड़ी पर बैठा देख कर कुछ जातिवादियों को ये हजम नहीं हुआ औऱ उन लोगो ने हंगामा करना शुरु कर दिया। हालांकि पुलिस के आने के बाद वो लोग दुम दबा कर भाग खड़े हुए, औऱ पुलिस ने शांति से सारी रस्म करवा कर बारात को रवाना करवा दिया। पुलिस की इस कार्यवाई से कोई अनहोनी नही हुई..जिसके लिए दूल्हे के परिवार पुलिस वालो के शुक्रगुजार है.. क्या हो अगर वाकई में पुलिस हर जगह इतनी ही जिम्मेदारी से काम करें, तो शायद दलितो का उत्पीड़न करने की कोई हिम्मक नहीं करेगा।
नालंदा में दो दलित युवकों की मौत पर जमकर राजनीति शुरू
5, दलितो से जुड़ा अगला मामला बिहार के राजगीर से है, जहां चोरी के शक में एक नहीं बल्कि दो दो दलित युवको की पीट पीट कर हत्या करने का मामला अब राजनैतिक रूप ले चुका है। दोनों मृतक युवक पिंटू और श्रवण दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गाँव के रहने वाले थे। दोनों की मौत को कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस के लचर रवैए को देखते हुए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव खुद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। पप्पू यादव ने सरकार की नाकामी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में अराजकता इस कदर फैली हुई है कि अब लोगों को जाति पूछ कर निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर वाकई में चोरी हुई भी थी तो ये अधिकार किसने दिया है कि भीड़ उसे पीट पीट कर मार ही डाले। उन्होंने पुलिस की नाकामी को लेकर कहा कि इस हत्या में 15 लोग शामिल थे लेकिन केवल 4 लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है ओर गुंडाराज फिर से कायम हो गया है।
वहीं इस मुद्दे पर दलित नेता अमर आजाद पासवान ने भी न्याय में हो रही देरी को लेकर 23 जून 2026 को सुबह 11 बजे बिहार शरीफ के श्रम कल्याण मैदान से समाहरणालय तक न्याय आक्रोश मार्च निकालने का ऐलान किया है तो वहीं पप्पू यादव ने भी चेतावनी दी है कि अगर पीड़ित परिवार को सही न्याय नहीं मिला तो वो बड़ा आंदोलन करेंगे। अब देखना ये होगा कि जितनी तेजी से इस मामले में राजनीति हुई है क्या पीड़ित परिवार को न्याय भी उतनी तेजी से मिलेगा या नहीं।



