MP news: हाल ही में मध्य प्रदेश के भोपाल से एक चौंकाने वाली और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। जहाँ राज्य के पशुपालन मंत्री लखन पटेल के निर्वाचन क्षेत्र ‘पथरिया’ में ‘मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम’ के तहत एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जिसके बाद से दलित समाज न्याय की मांग कर रहे है।
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दलितो की सरकारी योजना का लाभ दूसरी जाति को
दलितों से जुड़ा पहला मामला मध्य प्रदेश (MP) की राजधानी भोपाल (Bhopal) से है। जहां राज्य सरकार खुद को दलित हितैषी बता कर अनगिनत योजनाओं को शुरू कर केंद्र से करोड़ों रुपए ऐंठ तो रही है मगर दलितों पिछड़ों तक सही मायने में कुछ पहुंच ही नहीं रहा, भ्रष्टाचार में डूब चुके अधिकारी दलितों का नाम लिख कर योजनाओं का लाभ ऊंची जाति वाले को दे रहे है।
मध्य प्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) की नाकामी का एक बड़ा पर्दाफाश हुआ है। जी हां, दलितों को आर्थिक मजबूत देनें के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना (Chief Minister Dairy Plus Scheme) में बड़ा घोटाला सामने आया है, और वो भी पशुपालन राज्य मंत्री लखन पटेल (Minister of State for Animal Husbandry Lakhan Patel) के विधानसभा क्षेत्र पथरिया में ही।
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भ्रष्टाचारियों ने लाखो रूपए
जब इसकी पड़ताल की गई तो 17 एससीएसटी वर्ग (SC/ST category) के लोगो में से 8 लोगों के नाम तो लाभार्थी को लिस्ट में थे लेकिन उनके लिए आवंटित पशु किसी और के दरवाजे में बंधे हुए पाए गए। बता दें कि इस योजना में 75 प्रतिशत अतिरिक्त सरकारी सब्सिडी (Government Subsidies) का लाभ दलितों को मिलेगा। वहीं 2025-2026 में 70 लाभार्थियों में 17 दलित थे लेकिन केवल 9 लोगों को लाभ मिला, बाकी का केवल नाम ही मिला। हैरानी की बात है कि इन आठ लोगों को पशुओं को पालने के लिए 2.97 लाख रुपए दिए गए थे लेकिन वो लाभ भी भ्रष्टाचारियों ने खा लिया।
मामले की होगी निष्पक्ष जांच
वहीं इस मामले का पर्दाफाश होने के बाद राज्यमंत्री पशुपालन लखन पटेल ने आश्वासन दिया है कि इसकी निष्पक्ष जांच होगी, और दोषियों को सजा होगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब अब कुछ ऑनलाइन हो गया है, तो असली हकदारों तक लाभ क्यों नहीं पहुंचा, वहीं इतना बड़ा घोटाला हो रहा है, लेकिन क्या सिर्फ योजना शुरू कर देने मात्र से सरकार की भूमिका खत्म हो जाती हैं।



