बुद्ध ने व्यक्ति को बुद्दिमान होने के बतायें 6 विशेष गुण..इन्हें फॉलो करने वाला कभी नहीं होगा फेल

Buddhism
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आपने अक्सर लोगों से फेल होने पर ये सुना होगा कि उनकी किस्मत खराब है.. उनका समय खराब है.. लेकिन वहीं कुछ ऐसे भी लोग है जिनकी सफलता पर सफलता मिलती रहती है, लोगो को उनकी मजबूत किस्मत से जलन होने लगती है, लेकिन क्या सच में अच्छी किस्मत या बुरी किस्मत जैसी कोई चीज होती है.. क्या वाकई में किस्मत का होना सबसे जरूरी है या फिर आपके कर्मो की रफ्तार आपकी सफलता या असफलता तय करती है। इसका जवाब दिया है शाक्य मुनि गौतम बुद्ध ने।

उन्होंने बताया है कि आखिर क्यों कोई सफल होता जाता है और कोई क्यों मेहनत करते हुए भी सफल नहीं होता.. बुद्ध ने व्यक्ति के बुद्धिमान होने के 6 विशेष गुण बतायें है, जिसपर चल कर आप सफल ही होंगे। अपने इस लेख में हम बुद्धिमान व्यक्ति के 6 मुख्य लक्षणों के बारे में बात करेंगे.. जो किसी व्यक्ति को सफल बनाने में सबसे अहम होते है। कैसे व्यक्ति के मन में विश्वास जगा सकते है।

कैसे बने भीड़ से अलग

बौद्ध धर्म का रास्ता व्यक्ति को आम से खास बनाने की सीढ़ी है, इस बात में कोई दो राय नहीं है, ये वो धर्म है जो सत्य को स्वीकार करने की शक्ति देती है। ऐसे में बुद्धिमान व्यक्ति की पहली पहचान है कि वो अपनी जिंदगी में होने वले बदलावों को सहर्ष स्वीकार कर लेते है। ये बदलाव सिर्फ बाहरी आंडंबरो को लेकर नहीं बल्कि आपके आंतरिक मन का भी होता है। जैसे जैसे समय बदलता है आपके सोच में बदलाव आने लगता है, आप बदलावों को स्वीकार करके शांत रहने लगते है.. ऐसे लोग किसी भी बुरी से बुरी स्थिति में धैर्य से काम लेते है। वो इस सत्य को स्वीकार कर लेते है कि बदलाव प्रकृति का नियम है और आप इसके विरूद्ध नहीं जा सकते है।

निंदा और प्रशंसा में अडिग रहना

इसलिए जब आप उसे स्वीकार करने लगते है तो आप सफलता की पहली सीढ़ी पर होते है। वहीं जब आप हर परिस्थिति में शांत और धैर्य रखना सीख लेते है तो दुनिया की कोई ताकत आपको विचलित नहीं कर सकती है, कोई आपको आपके लक्ष्य से नहीं भटका सकती है, लक्ष्य के प्रति आपका फोकस ही आपको सफल बनाता है.. ये किसी भी चुनौती से लड़ने की ताकत देते है। और अपने मानसिक और शारिरीक अवस्था में संतुलन करना सीखते है..इसके बाद है स्पष्ट औक तर्कसंगत होना.. जो व्यक्ति अपनी बातों को स्पष्ट और सटीक तर्क के साथ कहता है, वो कभी अपने लक्ष्य से भटकता नहीं है।

अपनी कमियों को स्वीकारना और सुधारना

उन्हें पता होता है कि उन्हें जीवन में क्या चाहिए और वो तब तक शांत नहीं होते जब तक उसे हासिल न कर लें। आपकी सकारात्मक और स्पष्ट सोच ही आपको सही चुनाव के लिए प्रेरित करती है। जो उलझन में रहते है फैसले लेने में उलझन महसूस करते है वो सफल नहीं हो सकते है। जीवन को आसान बनाने के लिए स्पष्ट और तर्कसंगत होना जरूरी है। महान चाणक्य कहा करते थे कि इतिहास इसी लिए लिखे जाते है कि आप उनकी गलतियों से सीखे, लेकिन बुद्धिमान व्यक्ति अपने से पुराने लोगों की गलतियों के साथ साथ अपनी गलतियों से भी सीखते है। वो अपनी गलती पर बहस करने के बजाय उसे स्वीकार लेते है।

हर व्यक्ति गलती करता है, लेकिन ज्यादातर उससे कुछ अच्छा सीखने के बजाये अपनी नाकामी मान लेते है, जबकि बुद्धिमान व्यक्ति उससे सीखता है और बेहतर करने की कोशिश करता है। लेकिन असफल और डरपोक लोग अपनी असफलता को अवसर नहीं बोझ की तरह देखते है और आत्मग्लानि में डूब कर अपना पूरा जीवन बर्बाद कर लेते है। जबकि हर गलती हमारे लिए एक मौका होता है.. और जो इसे मौका नहीं मानते वो ही असफल हो जाते है। अपनी गलतियों को मानकर सीखने वाले कभी असफल नहीं होते है।

जागरूक और प्रमाद रहित होना

इसके बाद बात करते है ऐसे लोगो की जो किसी कार्य को बिना विचारे और बिना योजना के नहीं करते। विचार करने और योजना बनाने से आपके सक्सेस होने के चांसेस कई गुणा ज्यादा बढ़ जाते है। बिना विचारे फैसला लेने वाले असफलता की ओर बढ़ते है। क्योंकि ऐसे में वो उन संभावनाओं को भी खो देता है जो उसे सपल बना सकते है।

बुद्ध कहते है कि कोई भी कार्य विचार के साथ ही होना चाहिए। और आपके फैसले से जो परिणाम होना उसे स्वाकीर करना और समझने की क्षमता ही व्यक्ति को सबसे सफल बनाती है। बुद्ध का ये संदेश जो भी मानता है..वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता है… आपको बुद्ध का बताया ये रास्ता कितना सरल और सजीव लगता है हमें कमेंट करके बतायें.. साथ ही ये भी बताये कि इनमें से कौन सा गुण आपमें भी मौजूद है.. और आपका ये गुण आपको सफल बनाने में कितना सहायक साबित हुआ है। कमेंट करके जरूर बतायें।

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