Andhra Pradesh news: दलित देवी स्थल पर राम मंदिर बनाने की कोशिश, गांव में तनाव का माहौल

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Andhra Pradesh news: हाल ही में आंध्रप्रदेश  के अकिनाडु से हैरान और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। जहाँ दलित समुदाय के मंदिर को जबरन राम मंदिर में बदलने की कोशिश की जा रहीं हैं। जिसे लेकर दलित समुदाय में काफी आक्रोश है और इलाके में तनाव का माहौल भी बन गया है।

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दलितों के देवी के मंदिर को बदलने की कोशिश

सदियों से दलितों को जिस भेदभाव का सामना करना पड़ा है, वह आज भी कई जगहों पर जारी है। आज भी दलितों को मंदिरों में प्रवेश से वंचित रखा जाता है; दलित समुदाय के अपने अलग पूजा स्थल और विशिष्ट देवी-देवता हैं। हालाँकि, कुछ लोग जो “मनुवादी” मानसिकता रखते हैं, उन्हें यह व्यवस्था रास नहीं आती और वे ज़बरदस्ती इन जगहों पर कब्ज़ा करने की कोशिश करते हैं। ऐसा ही एक मामला आंध्रप्रदेश (Andhra Pradesh) के अकिनाडु (Akinadu) से है, जहां दलितों के देवी के मंदिर को जबरन राम मंदिर में बदलने की कोशिश को लेकर दलित संगठन (Dalit Organizations) और तेलुगू देशम पार्टी (Telugu Desam Party) के बीच तनाव बढ़ गया है।

ये तनाव तब शुरु हुआ जब 7 मार्च को आंध्र प्रदेश के डिप्टी स्पीकर रघु राम कृष्ण राजू पश्चिम गोदावरी जिले (Godavari District) के अकिनाडु (Akinadu) के पेडापेटा इलाके (Pedapeta areas) के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने ‘रामालयम’ (राम मंदिर) बनाने की एक औपचारिक घोषणा की थी, लेकिन 27 मार्च को गांव के दलितो के ही ‘गोंथेनम्मा’ मंदिर को ‘रामालयम’ (राम मंदिर) में जबरन बदलने की कोशिश की, जिसमें आरएसएस (RSS) भी शामिल है।

दलित समुदाय का मजाक उड़ाया गया

वही गाँव के कुछ लोगों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, जिसके चलते बार-बार टकराव हुए; सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक पोस्ट आने के बाद यह स्थिति और भी बिगड़ गई। इतना ही नही 7 मार्च को अकिविडु में बोलते हुए रघु राम कृष्ण राजू ने कहा, “इस अनुसूचित जाति (SC) कॉलोनी में कितने हिंदू हैं और कितने ईसाई? क्या यहाँ कोई हिंदू नहीं है?” उन्होंने कथित तौर पर उनकी ईसाई पहचान का मज़ाक उड़ाते हुए यह सवाल पूछा। एक तेलुगू चैनल को दिए गए एक अलग इंटरव्यू में रघु राम राजू ने कहा कि “आखिरकार वे सभी हिंदू ही हैं।”

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दलित समुदाय में गुस्सा और आक्रोश

लेकिन उससे दलितो का गुस्सा भड़क गया औऱ वहां हिंसा हो गई.. पुलिस ने जब इसकी गहीनता से जांच की तो पाया कि ये स्थान पहले मंदिर नहीं बल्कि एक सराय था, लेकिन कुछ समय बाद गोंथेनम्मा मंदिर (Gonthenamma Temple) में तब्दील कर दिया.. और दलितो के लिए यहीं पूजनीय स्थान रहा है, लेकिन अब उसके जर्जर होने का हवाला देकर मंदिर को राम मंदिर बनाने की कोशिश की जा रही है। नागरिक अधिकार समूह ह्यूमन राइट्स फोरम (HRF) की रिपोर्ट के मुताबित मंदिर की रक्षा कर रहे दलितो और बाकि समुदाय के बीच हुई झड़प में 3 लोग घायल हुए लेकिन गिरफ्तारी केवल दलितो की ही हुई है।

हालांकि पुलिस कोशिश कर रही है कि वो मध्यथा से मामले को शांत कराये.. वहीं अमलापुरम के पूर्व सांसद GV हर्षा कुमार ने कहा कि सभी समुदाय के बात करके मंदिर का निर्माण कराया जाये ताकि हिंसा न हो.. हैरानी की बात है कि राम मंदिर बनाना है तो अलग जमीन पर बना सकते है लेकिन दलितों का शोषण करने का कोई मौका नहीं छोड़ा जाता।

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