MP Crime: हाल ही में, मध्य प्रदेश के अमरकंटक से एक चौंकाने वाली और विचलित कर देने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस घटना में, ‘मनुवादी’ मानसिकता रखने वाले कुछ लोगों ने एक दलित छात्र को परीक्षा देने से रोक दिया। जिसके बाद से पीड़ित छात्र न्याय की मांग को लेकर प्रोटेस्ट कर रहा है. जिसका एक विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
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दलित होने के कारण परिक्षा में नहीं बैठने दिया
मध्य प्रदेश (MP) के अमरकंटक (Amarkantak) से एक खबर सामने आई है, जहां जातिवादी मानसिकता के कारण एक दलित छात्र को परिक्षा में नहीं बैठने दिया गया.. जिसके कारण वो छात्र पिछले 5 दिनों से धरने पर बैठा है लेकिन हैरानी की बात है कि अब तक प्रशासन की आंखे ही नहीं खुली.. दरअसल, ये मामला इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक (Indira Gandhi National Tribal University Amarkantak) का है। पीड़ित छात्र का धरना करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें छात्र गले में हांडी लिए, हाथ में संविधान पकड़े हुए और कमर पर झाड़ू बांधे धरना दे रहा है।
क्या दलित होना गुनाह है …??
गले में हांडी हाथ में संविधान कमर पर झाड़ू बंधे बना साहब की तस्वीर ओर कुछ किताबें रख कर रहा है दलित छात्र आंदोलन
मध्यप्रदेश के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक में दलित छात्र के साथ विभाग के HOD द्वारा भेदभाव के आरोप लगाए गए ,,… pic.twitter.com/NwQYEyNoZC
— आजाद फिरोज मंसूरी ASP (@Firojkh74200536) May 27, 2026
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HOD ने कहा तुम देशद्रोही हो
पीड़ित ने बताया कि विभाग के HOD ने उसे ये कह कर परिक्षा में बैठने नहीं दिया कि तुम देशद्रोही हो, आतंकवादी हो, यूनिवर्सिटी में दंगा फसाद फैलाते हो…जबकि छात्र के नाम से कभी कोई शिकायत तक दर्ज नहीं की गई.. वो तो केवल वहां पढ़ना चाहता था, अपने समाज के लिए, अपने लोगो के लिए कुछ करना चाहता था, लेकिन मनुवादी मानसिकता वालों के लिए एक दलित का पढ़ना कभी पचाने वाला मुद्दा रहा ही नहीं।
हैरानी की बात है कि छात्र को 5 दिन हो गए है धरना करते हुए, लेकिन न तो प्रशासन की तरफ से और न ही कॉलेज की तरफ से किसी ने छात्र की सुध लेने की कोशिश की.. तो जरा सोचिये, ऐसे में ये छात्र किससे न्याय की उम्मीद करेंगे, कोई सिस्टम के खिलाफ नहीं जाता, उन्हें मजबूर कर दिया जाता है।



