Jignesh Mevani Statement: हाल ही कांग्रेस के विधायक और दलित युवा नेता जिग्नेश मेवाणी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. जहाँ बीते रविवार को गुजरात में जिग्नेश ने ‘दलित आंदोलन’ पर फिर से विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समुदाय मुख्य रूप से अत्याचारों के खिलाफ एकजुट हुआ है, न कि ज़मीन आवंटन, फंड आवंटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों के खिलाफ नहीं। उन्हें रोटी, कपड़ा मकान जैसी सुख सुविधाओ के लिए भी लड़ना होगा।
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जिग्नेश मेवाणी का बड़ा ऐलान
काफी समय से, कांग्रेस पार्टी को दलितों के अधिकारों की वकालत करते हुए देखा जा रहा है। अभी कुछ ही दिन पहले, कांग्रेस पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को एक बार फिर थालियाँ और ढोल बजाते हुए, दलितों के लिए मंदिर प्रवेश के अधिकारों की लड़ाई लड़ते देखा गया। इसी बीच गुजरात से है, जहां एक बार फिर से कांग्रेस के वडगाम के विधायक और दलित युवा नेता जिग्नेश मेवाणी (Dalit Youth Leader Jignesh Mevani) ने दलितों के अधिकार के लिए आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने गांधीनगर (Gandhinagar) में ‘महा गुजरात SC-ST महासभा’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ऐलान किया है कि अब तक दलितो का आंदोलन केवल अत्याचार के खिलाफ था, लेकिन अब दलित ज़मीन आवंटन, फंड आवंटन, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों के खिलाफ भी आवाज बुलंद करेंगे।
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घपलेबाजी करके दलितों को नौकरी से वंचित
नौकरियों में उनके साथ जानबूझ सरकार घपलेबाजी करके उन्हें नौकरी से वंचित कर देती है… जबकि वो स्थान रिक्त रह जाता है, ताकि उंची जाति वालों को वहां भरा जा सकें, मगर अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अब हर गांव में , हर जिले में दलितो को अपने हक की आवाज बुलंद करनी होगी, तभी सरकार नींद से जागेगी, और तभी दलितों के साथ अन्याय बंद होगा। इतना ही नहीं उन्हों आगे कहा दलितों को मकान, नौकरी के लिए लड़ते नहीं है, जबकि उन्हें in सभी चीजो के लिए भी एकजुट होना पड़ेगा। हम दाह संस्कार/दफन के लिए जमीन के लिए लड़ाई नहीं लड़ते हमें इन सभी मूलभूत सुख-सुविधाओ के लिए आवाज उठानी होगी । मेवाणी की ये हुंकार बताती है कि दलित समाज एक नई सोच की तरफ बड़ रहा है, ऐसे में देखना ये होगा कि दलित वाकई में अपने अधिकारों को लेकर कब तक जागरूक होंगे।



