Mamata Banerjee statement: बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दलितों के ख़िलाफ़ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते देखा गया है। जिसका एक विडियो सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है। वही आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे नोटिस प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
और पढ़े: Pudukkottai news: तमिलनाडु के पुदुकोट्टई दलित युवक का शव मिला, खद्दानों में तैर रही थी लाश
दलितो के खिलाफ कहे अपमानजनक शब्द
कुछ दिन पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को लेकर एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खड़गे के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इसी तरह, बंगाल से एक और ऐसी ही घटना सामने आई है, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दलितों के ख़िलाफ़ एक अपमानजनक बयान दिया है। जी हाँ, पश्चिम बंगाल से है, जहां दलितो के अपमान के मुद्दे पर इस बार वहां की सीएम ममता बनर्जी ही लपेटी जा रही है।
बीजेपी का दलित कार्ड यहां भी चलने लगा है,, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वो 23 अप्रैल को कोलकाता (Kolkata) के चौरंगी (Chaurangi) इलाके में चुनावी रैली के दौरान बीजेपी (BJP) पर निशाना साधते साधते जानबाज़ार इलाके (Janbazar area) में SC समुदाय (SC Community) के लिए सार्वजनिक रूप से अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया.. जिसे लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने खुद संज्ञान लेत हुए सीएम को नोटिस जारी कर दिया है..
ममता बनर्जी द्वारा की गई टिप्पणी कानूनन अपराध
अपने नोटिस में, आयोग ने कहा है कि उसने एक वीडियो का संज्ञान लिया है, जिसमें कथित तौर पर अनुसूचित जाति समुदाय के विरुद्ध अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया था, और संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस मामले की जाँच करने का निर्णय लिया है। आयोग ने तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है… आयोग ने से भी साफ कर दिया है कि ममता बनर्जी द्वारा की गई टिप्पणी कानूनन अपराध की श्रैणी में आता है। वहीं बीजेपी ने लगे हाथों में बहती गंगा में हाथ धोकर टीएमसी (TMC) को दलित विरोधी बता दिया है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि TMC दलित-विरोधी, SC-विरोधी और संविधान-विरोधी है.. अब आयोग की कार्यवाई के बाद बंगाल सीएम का क्या रिएक्शन आता है.. साथ ही क्या इससे बीजेपी का दलित कार्ड यहां चलेगा.. आपको क्या लगता है।



