Rajasthan news: हाल ही में राजस्थान के बूंदी से एक हैरान करने वाली और परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ गुंडागर्दी की हद यह हो गई है कि साहूकार कर्ज़ चुकाने के 20 साल बाद भी गाँव के एक दलित परिवार को दबंग परेशान कर रहे हैं। आरोपी 20% ब्याज मांग रहे हैं, और जब परिवार ने विरोध किया तो उन्हें जातिसूचक गालियाँ देकर अपमानित किया गया।
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20 साल कर्ज का ब्याज मांग रहे दबंग
क्या अपनी ज़रूरतों के लिए पैसे उधार लेना इतना मुश्किल हो सकता है कि उसे चुकाने के बाद भी 20 साल बाद ब्याज मांगा जाए? ऐसा ही एक मामला राजस्थान (Rajasthan) के बूंदी (Boondi) से है, जहां एक दलित के लिए कर्ज का बोझ कितना भारी होता है, वो उसे 20 सालो के बाद भी ढोना पड़ा रहा है। 20 साल पहले लिये हुए कर्ज को चुकाने के बाद भी आज दबंग पीड़ित से 3 लाख रूपय जबरन मांग रहे है।
दरअसल, ये मामला बूंदी गेंडौली थाना क्षेत्र (Bundi Gendauli police station area) के मंडोली गांव (Mandoli Village) का है, पीड़ित बजरंगलाल मेघवाल ने अपनी अर्जी को पहले पुलिस थाने में देने की कोशिश की, लेकिन जब वहां से उन्हें भगा दिया गया तो वो कोर्ट के दरवाजे पर पहुंचे।
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सूद समेत सारा पैसा लौटाया
उन्होंने बताया कि साल 2006 में झालीजी का बराना के रहने वाले सूदखोर बाबूलाल कीर से 90 हजार रुपए, ढाई रुपए प्रति सैकड़ा ब्याज पर उधार लिए थे। जिसे उन्होंने एक साल के बाद ही सूद समेत 1 लाख 78 हजार रुपए लौटा दिए थे। इस बात को बीस साल बीत गए है लेकिन 13 मई 2026 को अचानक सूदखोर बाबूलाल, सत्यनारायण, दिनेश और कुछ अज्ञात लोग के साथ जबरन उसके घर में घुस गया और फिर से उन पर दवाब बना रहा है कि पीड़ित उसे 3 लाख रूपय दें नहीं तो वो उसकी जमीन हथिया लेंगे।
शिकायत के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई करवाई नहीं
उसे जातिसूचक शब्द कहेंष पीड़ित ने इस मामले में जब पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने मामले को रफा दफा करवा दिया जिसके बाद उसने कोर्ट में अर्जी लगाई। जहां एससी/एसटी कोर्ट (SC/ST Court) के बाद भी अभी तक मामले की कोई जांच नहीं हुई है।
इस मामले की जांच डीएसपी लाखेरी कर रहे है। मगर कोर्ट के आदेश के इतने दिन बीतने के बाद भी अब तक आरोपियों पर कोई कार्यवाई नहीं हुई है.. पीड़ित को डर है कि कहीं कोई अनहोनी न हो.. हैरानी की बात है कि जब कानून ही उनकी सुरक्षा नहीं करेगी तो वो मदद के लिए जायें तो कहां जायें।



