Rajasthan news: हाल ही में, राजस्थान के सीकर से एक चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है, जहाँ NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद एक 23 साल के दलित छात्र ने आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है; वहीं, इस घटना के बाद राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात की और उन्हें अपने समर्थन का आश्वासन दिया।
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पेपर लीक होने के कारण दलित छात्र ने आत्महत्या की
तीन बहनों का इकलौता भाई, बूढ़े मा-बाप की आँखों का तारा, परिवार के भविष्य का इकलौता सहारा, लेकिन अफसोस, जिस NEET परीक्षा को पास करके प्रदीप अपने परिवार के दुखों को दूर करना चाहता था। वही परीक्षा उसकी जान ले डूबी…मामला राजस्थान के झुंझुनू के गुढ़ागौरजी गाँव का है। प्रदीप मेघवाल पिछले 3 साल से सीकर में किराए के घर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहा था। गरीब परिवार ने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी, 11 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज लिया, प्रदीप ने मेहनत भी की, उसे इस बार 650 नंबर आने की उम्मीद थी।
राजस्थान के सीकर में नीट पेपर लीक के सदमे में दलित छात्र प्रदीप मेघवाल ने आत्महत्या कर ली, जिनके परिवार ने जमीन बेचकर 11 लाख का कर्ज लिया था। इस दुखद घटना के बाद राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार को फोन कर मदद और न्याय का भरोसा दिया है.#NEETPaperLeak #JusticeForPradeepMeghwal pic.twitter.com/V4tfToyq6G
— Bheem Sena (@BheemsenaBheem) May 23, 2026
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राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार को दिया मदद का आश्वासन
लेकिन परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की खबरों ने उसे अंदर से तोड़ दिया, जब छोटी बहन कोचिंग गई थी और बड़ी बहन काम में व्यस्त थी, तब प्रदीप ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जब बहन कमरे में लौटी, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई…दिल को झकझोर देने वाली इस घटना के बाद राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात कर मदद का भरोसा दिया है। लेकिन सवाल ये है कि इन मासूमों की मौतों का जिम्मेदार कौन है, प्रदीप के सपनों को उसकी कमज़ोरी ने नहीं, बल्कि देश के पेपर लीक माफियाओं ने कुचला है। पीड़ित परिवार आज न्याय की गुहार लगा रहा है, उनकी मांग है कि इन माफियाओं को कड़ी से कड़ी सजा मिले, प्रदीप के परिवार को न्याय मिलना ही चाहिए।
इसके अलावा, यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि पिछले काफी समय से NEET परीक्षा विभिन्न विवादों से घिरी रही है—जिनमें पेपर रद्द होने से लेकर परीक्षा के पेपर लीक होने तक की घटनाएँ शामिल हैं। इसके परिणामस्वरूप, हमारे देश भर में अनेक छात्र गंभीर मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं और यहाँ तक कि अपनी जान देने जैसा कदम भी उठा रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार अभी भी चुप बैठी है आखिर कब सरकार कोई ठोस कदम उठायेगी।



