Mathura news: हाल ही में उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। ठाकुर समुदाय का आतंक इतना बढ़ गया कि उन्होंने दलितों की बारात पर पत्थरबाजी और हिंसा की। उन्होंने बीच-बचाव करने आई पुलिस पर भी हमला कर दिया, जिसमें पुलिस समेत कई लोग घायल हो गए। वही पुलिस ने इस मामले में अभी तक 16 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया हैं।
और पढ़े: Delhi Crime news: दिल्ली में दलित महिला संग दरिंदगी प्यार, धर्मांतरण और अत्याचार की दर्दनाक कहानी
दलितो के बारात पर जातिवादियों का हमला
आज ही नहीं, बल्कि सदियों से ठाकुर समुदाय दलितों पर अपना आतंक मचाता आ रहा है। इतना ही नहीं, अगर कोई दलित बारात निकलती है, तो उन्हें पहले से जान से मारने की धमकी दी जाती है या दलित बारात पर हमला किया जाता है। जी हाँ, ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश (UP) के मथुरा (Mathura)से है, जहां जातिवाद इतनी गहराई तक भरा हुआ है कि दबंगो ने न केवल दलित समुदाय की बारात चढ़त में जमकर पत्थरबाजी की, बल्कि उनका बीच बचाव करने आये पुलिस वालो को भी नहीं बख्शा.. उन पर पत्थर बरसाएं।
दरअसल, ये मामला मथुरा (Mathura) के हाइवे थाना के अंतर्गत आने वाले गांव नरहौली का है। पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके घर में दो भाईयो अशोक कुमार और कुलदीप कुमार की शादी थी और रात 11 बजे नरहोली (Narholi) के भरतपुर चौराहे (Bharatpur Square) से बारात निकाली जा रही थी।
और पढ़े: दलित होने का खुलासा करते ही CJP संस्थापक अभिजीत दिपके पर जातीय हमले तेज
राजपूत समाज के लोगो ने बारातियो पर पथराव किया
इस दौरान एक दूल्हे ने बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर ले रखी थी, लेकिन मथुरा भरतपुर रोड के पास पहुंचने के बाद वहां मौजूद राजपूत समाज के लोगो ने बाबा साहब की तस्वीर को लेकर चलने का विरोध किया और बारात को वहां से न जाने की बात कहीं, लेकिन जब बारातियों ने इंकार कर दिया तो राजपूत समाज के लोगो ने बारातियो पर पथराव करना शुरू कर दिया। जिसके बाद इसकी जानकारी हाइवे थाना को दी गई, मगर मौके पर पहुंचे पुलिस की टीम को भी नहीं बख्शा गया और उन पर भी पथराव किया गया, जिससे दूल्हे के पिता के साथ साथ हाइवे थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह, और तखरखी चौकी इंचार्ज नीतिन राठी भी बुरी तरह से घायल हो गये है।
एसडीएम आदेश कुमार को लगी गंभीर चोट
इसके अलावा सदर थाने के एसडीएम आदेश कुमार को भी गंभीर चोट लगी है। इस मामले में अब तक 16 लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। मामले की जांच जारी है, अब देखना ये होगा कि पुलिस वालों के साथ ऐसी हरकतें करने के बाद क्या जातिवादियों को यू हीं जाने दिया जायेगा।



