Top 5 Dalit news: सदियों से यहीं सिलसिला चलता आ रहा है कि काम करें कोई और, मेहनत हो किसी की, लेकिन न तो उन्हें श्रेय दिया जाता है और न ही अधिकार।। फिर भला अगर कोई दलित समाज से अपने अधिकारों का इस्तेमाल करता है तो ये कैसे जातिवादी मानसिकता के लोगों को पसंद आएगा। बस इतना मजबूर कीजिए कि वो खुद ही पीछे हट जाएं। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाले घटनाओं के बारे में बतायेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने बता दिया है कि भले ही लोग उन्हें दलितों का नेता कहते हो लेकिन वो हर उस वर्ग के लिए खड़े है जो कमजोर है, शोषित है, पिछड़ा है। दलितों के अधिकार के लिए लड़ने वाले आजाद ने अभी हाल ही में दलितों के साथ साथ अब मुसलमानों को भी अपने साथ लाने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने खुलेआम मुसलमानों से अपील की है वो डरें न, घबराएं न, डरकर वोट न करें। स्वाभिमान सम्मान से ‘आजाद समाज पार्टी’ के साथ खड़े हों।
नौकरी रोजगार में हिस्सेदारी लें, आगे बढ़े और अपनी ताकत बनाएं” उन्होंने वादा किया है कि आसपा उनके अधिकारों की पूरी रक्षा करेगी। लेकिन वहीं दूसरी तरफ मुसलमानों के साथ खड़े होने के कारण हिंदू समाज में नाराजगी नजर आ रही है। जिससे कहीं ऐसा न हो कि 2027 के विधानसभा चुनावों में मुसलमानों से हमदर्दी आजाद को नुकसान पहुंचा दें। वैसे आपको क्या लगता है क्या आजाद के इस कदम से दलितों का विश्वास कमजोर होगा।
छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला दलित आईएएस रिंकू सिंह राही को लेकर है। भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव से तंग आकर इस्तीफा देने वाले दलित अधिकारी का मामला अब सीधा देश की राष्ट्रपति तक पहुंच रहा है। रिंकू सिंह ने अधिकारी रिंकू सिंह राही ने वर्ष 2009 में छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा किया था, लेकिन उसके बाद से ही वो निशाने पर आ गाए थे। उनपर जानलेवा हमला भी किया गया, इतना ही नहीं एक दलित को आगे बढ़ते देख कर उनकी योग्यता और अनुभव के अनुसार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से ही उन्हें वंचित कर दिया गया।
नतीजतन रिंकू सिंह को 8 महीने तक कोई काम ही नहीं सौंपा गया, जिससे तंग आकर उन्होंने इस्तीफा से दिया। वहीं ये मुद्दा अब तूल पकड़ चुका है, साथ ही दलित संगठन के लोग अब सीधा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गुहार लगा रहे है कि रिंकू सिंह का इस्तीफा नामंजूर किया जाए और उनके लगाए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए। हैरानी की बात है दलित होने के कारण एक ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति को भी प्रताड़ित करने से बाज नहीं आते हैं, तो भला मासूम गरीब पिछड़ों को कहां से न्याय मिलेगा।
दलित बुजुर्ग की चाकुओ से गोदकर हत्या
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से है, जहां पुरानी रंजिश के चलते एक युवक ने 60 साल के दलित बुजुर्ग की सरेआम चाकुओ से गोदकर हत्या कर दी। ये मामला भदोही जिले के जगदीशपुर गांव के पाल चौराहे की है, पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है.. जिसमें दलित युवक बच्चन राम जान बचाने की भीख मांगता हुआ नजर आ रहा है, लेकिन हमलावर श्रवण कुमार ने बुजुर्ग पर लगातार चाकू से कई वार किये।
आनन फानन में उसे अस्तपाल ले जाया गया लेकिन पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया.. वहीं पुलिस को जब इसकी खबर लगी तो उन्होंने तुरंत जांच करते हुए कुछ ही घंटो में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.. डिप्टी एसपी (CO) प्रभात राय ने बताया कि पुरानी रंजिश को लेकर ये हत्या की गई.. और पुलिस सख्ती से इस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
दलित युवक को दो पुलिस वालों ने बेरहमी से पीटा
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर से है, जहां देर रात घर लौटते समय एक दलित युवक को दो पुलिस वालों ने न केवल रोक कर बुरी तरह से पीटा बल्कि उससे जबरन पैसे भी वसूले। हैरानी की बात है कि अधिकारों की रक्षा करने वाले ही उन्हें लूटने के लिए तैयार खड़े है। ये घटना संतकबीरनगर जिले के छपिया छीतौना के रहने वाले दलित युवक सुधाकर कुमार के साथ हुई है। पीड़ित युवक ने कांटे चौकी पर तैनात दो सिपाहियों हरिप्रकाश और संजय पर आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ित युवक ने अपनी लिखित शिकायत में कहा कि ये घटना उसके साथ 27 मार्च को रात को 9 बजे हुई थी। जब वो कांटे से वापिस घर लौट रहा था, लेकिन तभी उससे गलत तरीके से कैसे वसूलने के इरादे से पेट्रोल पंप के मोड़ पर उसे जबरन सरकारी वाहन में बिठा लिया था और उससे पैसे मांगते हुए लात घूंसो से बुरी तरह से पीटा था, उससे पैसे लूटे और उसे बाहर फेंक दिया। शिकायत मिलने के बाद एएसपी एसके सिंह ने आश्वासन दिया है कि वो इस मामले की उचित जांच कर रहे है। और पीड़ित को न्याय जरूर मिलेगा।। हैरानी की बात है कि आखिर किस कानून में लिखा है कि दलित होने के कारण कोई भी उन्हें प्रताड़ित कर सकता क्या। फिर कहां है न्याय व्यवस्था।
कोच्चि में दलितों के साथ भेदभाव
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला केरल के कोच्चि से है, जहां वामपंथी सरकार पर विकास परियोजनाओं में आदिवासी, दलित और अन्य वंचित समुदायों की उपेक्षा करने का संगीन आरोप लगाते हुए अंबेडकरवादी डेमोक्रेटिक फ्रंट (ADF) ने उनसे अपना समर्थन लेते हुए कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF को देने का फैसला किया है.. एडीएफ ने ये कदम तब उठाया जब इस बात का खुलासा हुआ कि विझिंजम बंदरगाह, राष्ट्रीय राजमार्ग और सुरंग सड़कों जैसी परियोजनाओं में उन्हें कोई लाभ ही नहीं दिया गया है.. जिसके बाद राज्य. में दलितों के साथ होने वाले भेदभाव का फर्दाफाश हुआ।
इतना ही नहीं योजना कोष केवल 10% हिस्सा ही SC/ST के विकास के लिए आवंटित किया जाता है, लेकिन उसका भी इस्तेमाल उनके लिए नहीं होता है,,जो बड़े भ्रष्टाचार की तरफ इशारा कर रही है। पिछले नौ वर्षों में SC/ST कोष से 7,411 करोड़ रुपये बर्बाद हुए है, लेकिन वंचितो को कोई लाभ नहीं दिया गया है। दलित छात्रों के पढ़ाई बीच में छोड़ना पड़ रही है..जिसका कारण सरकार की अनदेखी है.. अब देखना ये होगा कि सरकार की इन संगीन आरोपो पर क्या प्रतिक्रिया आती है।



